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Kaithal News: निजी कंपनी के खाते में भेजे गए 1.92 करोड़ रुपये वापस मिले
Tue, 24 Jun 2025 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 24 Jun 2025 01:55 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की मुख्य शाखा से एक फर्जी ई-मेल के आधार पर एक निजी कंपनी के खाते में भेजी गई चार उपभोक्ताओं की एक करोड़ 92 लाख रुपये की राशि सोमवार को उनके खातों में सफलतापूर्वक वापस कर दी गई। रुपये लौटने के बाद उपभोक्ताओं ने बैंक प्रबंधन का आभार व्यक्त किया और राहत की सांस ली।
पीड़ित उपभोक्ताओं ने बताया कि जब दो दिन पहले उनके खातों से लाखों रुपये कटे, तो वे घबरा गए और तुरंत बैंक पहुंचे। बैंक ने उन्हें आश्वस्त किया था कि उनकी राशि सुरक्षित है और जल्द ही उन्हें लौटा दी जाएगी। सोमवार दोपहर बैंक से कॉल आने पर जब उन्हें सूचना दी गई कि राशि वापस की जा रही है, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
क्या है पूरा मामला?
शनिवार को एसबीआई शाखा के एक कर्मचारी को कोर्ट ऑर्डर के नाम से एक फर्जी ई-मेल प्राप्त हुई, जिसमें चार उपभोक्ताओं के खातों से एक निजी कंपनी के खाते में रुपये ट्रांसफर करने के निर्देश थे। इस मेल पर विश्वास करते
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हुए कर्मचारी ने चार उपभोक्ताओं के खातों से कुल 1.92 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
राशि ट्रांसफर होने की कोई पूर्व सूचना उपभोक्ताओं को नहीं दी गई। जब उनके मोबाइल पर बैंक से कटौती के संदेश आए, तो उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुआ और वे तुरंत बैंक पहुंचे।
बैंक प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए उक्त राशि को फ्रीज़ करवा दिया और सभी उपभोक्ताओं के खातों में राशि वापस भेज दी। बैंक की ओर से मामले की शिकायत पर महाराष्ट्र की एक निजी कंपनी के खिलाफ साइबर थाना में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
इनके खातों से काटी थी रकम
n
सुभाष चंद्र (रिटायर्ड पटवारी, निवासी बालू) ः 79.23 लाख रुपये
n
डॉ. अनिल कुमार मित्तल (कैथल) ः 64.32 लाख रुपये
n
नरेंद्र (भैणी माजरा) ः 23 लाख रुपये
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जगरूप फौजी (तितरम) ः 6 लाख रुपये
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कैथल। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की मुख्य शाखा से एक फर्जी ई-मेल के आधार पर एक निजी कंपनी के खाते में भेजी गई चार उपभोक्ताओं की एक करोड़ 92 लाख रुपये की राशि सोमवार को उनके खातों में सफलतापूर्वक वापस कर दी गई। रुपये लौटने के बाद उपभोक्ताओं ने बैंक प्रबंधन का आभार व्यक्त किया और राहत की सांस ली।
पीड़ित उपभोक्ताओं ने बताया कि जब दो दिन पहले उनके खातों से लाखों रुपये कटे, तो वे घबरा गए और तुरंत बैंक पहुंचे। बैंक ने उन्हें आश्वस्त किया था कि उनकी राशि सुरक्षित है और जल्द ही उन्हें लौटा दी जाएगी। सोमवार दोपहर बैंक से कॉल आने पर जब उन्हें सूचना दी गई कि राशि वापस की जा रही है, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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क्या है पूरा मामला?
शनिवार को एसबीआई शाखा के एक कर्मचारी को कोर्ट ऑर्डर के नाम से एक फर्जी ई-मेल प्राप्त हुई, जिसमें चार उपभोक्ताओं के खातों से एक निजी कंपनी के खाते में रुपये ट्रांसफर करने के निर्देश थे। इस मेल पर विश्वास करते
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हुए कर्मचारी ने चार उपभोक्ताओं के खातों से कुल 1.92 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
राशि ट्रांसफर होने की कोई पूर्व सूचना उपभोक्ताओं को नहीं दी गई। जब उनके मोबाइल पर बैंक से कटौती के संदेश आए, तो उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुआ और वे तुरंत बैंक पहुंचे।
बैंक प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए उक्त राशि को फ्रीज़ करवा दिया और सभी उपभोक्ताओं के खातों में राशि वापस भेज दी। बैंक की ओर से मामले की शिकायत पर महाराष्ट्र की एक निजी कंपनी के खिलाफ साइबर थाना में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
इनके खातों से काटी थी रकम
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सुभाष चंद्र (रिटायर्ड पटवारी, निवासी बालू) ः 79.23 लाख रुपये
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डॉ. अनिल कुमार मित्तल (कैथल) ः 64.32 लाख रुपये
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नरेंद्र (भैणी माजरा) ः 23 लाख रुपये
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जगरूप फौजी (तितरम) ः 6 लाख रुपये