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Kaithal News: बीएस छह तकनीक की 50 बसें शामिल करने की गुहार

Thu, 20 Feb 2025 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 20 Feb 2025 01:38 AM IST
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Request to include 50 buses of BS VI technology
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। पिछले साल नवंबर माह में रोडवेज डिपो के बेड़े में से गई 48 बसें एनसीआर के जिलों में भेजे जाने के बाद बीएस छह तकनीक की नई बसें का अभाव चल रहा है। ऐसे में रोडवेज प्रबंधन ने डिपो में बीएस छह तकनीक की 50 बसें शामिल करने की सरकार को मांग भेजी है।

कैथल डिपो से 48 बसें एनसीआर जिलों में जाने के बाद किया प्रबंधन ने मुख्यालय से इसको लेकर पत्राचार किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल मार्च माह में बीएस छह तकनीक की बसें आ सकती है। इन नई बसों के आने के बाद कैथल डिपो में बीएस छह की बसों की संख्या पूरी हो पाएगी।
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कैथल डिपो में वापस नहीं आई बीएस-छह तकनीक बसें ः तीन महीने पहले ही नवंबर माह दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में बीएस छह तकनीक बसें झज्जर, भिवानी, गुरुग्राम, फरीदाबाद जिले में भेजी गई थी, लेकिन अब तक ये बसें वापस नहीं आई है। इन बसों की कमी होने के यात्रियों को लंबे रूटों पर परेशानी हो रही है, क्योंकि इन लंबे रूटों पर बसों की कमी हो गई है।
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इसी प्रकार कैथल से दिल्ली जाने के लिए पानीपत व करनाल तक लोकल बसें में सफर करना पड़ रहा जिससे उनको पैसों व समय दोनों की बर्बादी होती है। बीएस छह तकनीक की बसें आधुनिक तकनीक से लैंस है इन बसों में सफर करने से सफर आरामदायक होता है।

उल्लेखनीय है कि बीएस-6 मॉडल की बसों में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल करने के लिए इन बसों में सेंसर लगा रहता है। इससे वायु प्रदूषण नहीं होता है। ये बसें पहले वाली बसों से लंबी होती हैं। इनमें सीटें भी ज्यादा रहती हैं। इनकी लंबाई 11 मीटर और कुल 59 सीटें होती हैं। वहीं सामान्य रोडवेज बस की लंबाई 10 मीटर है और 54 सीटें रहती हैं।


कैथल डिपो के यातायात प्रबंधक विरेंद्र स्वामी ने बताया कि डिपो में बीएस छह तकनीक की 50 बसें शामिल करने के लिए मुख्यालय से मांग की गई है। उम्मीद है कि मार्च माह में यह बसें डिपो में शामिल हो सकती है। यदि बसें डिपो में शामिल हुई तो लंबे रूटों पर कम हुई बसों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी।
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