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Kaithal News: कृषि उपनिदेशक कार्यालय में खंगाले रिकॉर्ड
Sat, 20 Jul 2024 05:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 20 Jul 2024 05:57 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने शुक्रवार सुबह के समय लघु सचिवालय स्थित कृषि उपनिदेशक के कार्यालय में दबिश देकर रिकॉर्ड खंगाला। इस दौरान टीम में तीन सदस्य शामिल रहे। टीम के सदस्यों ने केंद्र व राज्य सरकार की ओर से किसानों को दी जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी जांच की।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कैथल में कृषि विभाग का कार्यालय काफी सुर्खियाें में रहा था। इसमें विभाग में आला अधिकारी की ओर से रिश्वतखोरी के आरोप की एक ऑडियो भी वायरल हुई थी। इसके बाद विभाग ने तुरंत ही एक्शन लेते हुए उपनिदेशक डॉ. बलवंत को निलंबित भी किया गया था।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम की दबिश के बाद कार्यालय के कर्मचारियों में भय का माहौल रहा। इस दौरान कर्मचारियों में अफरा तफरी का माहौल रहा। टीम ने विभाग का हाजिरी रजिस्टर और किसानों को सरकार की ओर से मिलने वाली योजनाओं का रिकॉर्ड की जांच करीब दो घंटे तक की। गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने गत 12 जुलाई को टीम ने जिला नागरिक अस्पताल में एंबुलेंस से सबंधित रिकॉर्ड की जांच की थी।
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यह है रिश्वतखोरी के आरोप का पूरा मामला ः कुछ दिन पहले ही वाट्सएप ग्रुपों में कृषि विभाग के उपनिदेशक की ओर से रिश्वत लेने की एक ऑडियो व सूची वायरल हुई थी। इस सूची में चार हजार से लेकर 20 लाख रुपये तक की रिश्वत देने का जिक्र हुआ था। आरोप लगाने वाले कर्मी का कहना था कि विभाग के कर्मचारियों कभी स्टॉक रजिस्टर पूरा न होने के नाम पर तो कभी दवाइयों के सैंपल लेने का डर दिखाकर रिश्वत लेता है। आरोप था कि इस गोदाम में नकली दवाइयां जमा की गई।
बाद में जब इस गोदाम को खोला गया तो उसमें से दवाइयां गायब मिली। आरोप था कि अधिकारियों ने किसी मृतक व्यक्ति के नाम किरायानामा संबंधी तस्दीकशुदा शपथ पत्र लेकर मामले को रफा दफा कर दिया था। इसके बाद पहले तो डीडीए ने आरोप लगाने वाले कर्मी के खिलाफ गलत दस्तावेज देकर नियुक्ति लेने के आरोप लगाए। इसके बाद विभाग ने डीडीए को ही निलंबित कर दिया था।
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कैथल। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने शुक्रवार सुबह के समय लघु सचिवालय स्थित कृषि उपनिदेशक के कार्यालय में दबिश देकर रिकॉर्ड खंगाला। इस दौरान टीम में तीन सदस्य शामिल रहे। टीम के सदस्यों ने केंद्र व राज्य सरकार की ओर से किसानों को दी जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी जांच की।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कैथल में कृषि विभाग का कार्यालय काफी सुर्खियाें में रहा था। इसमें विभाग में आला अधिकारी की ओर से रिश्वतखोरी के आरोप की एक ऑडियो भी वायरल हुई थी। इसके बाद विभाग ने तुरंत ही एक्शन लेते हुए उपनिदेशक डॉ. बलवंत को निलंबित भी किया गया था।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम की दबिश के बाद कार्यालय के कर्मचारियों में भय का माहौल रहा। इस दौरान कर्मचारियों में अफरा तफरी का माहौल रहा। टीम ने विभाग का हाजिरी रजिस्टर और किसानों को सरकार की ओर से मिलने वाली योजनाओं का रिकॉर्ड की जांच करीब दो घंटे तक की। गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने गत 12 जुलाई को टीम ने जिला नागरिक अस्पताल में एंबुलेंस से सबंधित रिकॉर्ड की जांच की थी।
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यह है रिश्वतखोरी के आरोप का पूरा मामला ः कुछ दिन पहले ही वाट्सएप ग्रुपों में कृषि विभाग के उपनिदेशक की ओर से रिश्वत लेने की एक ऑडियो व सूची वायरल हुई थी। इस सूची में चार हजार से लेकर 20 लाख रुपये तक की रिश्वत देने का जिक्र हुआ था। आरोप लगाने वाले कर्मी का कहना था कि विभाग के कर्मचारियों कभी स्टॉक रजिस्टर पूरा न होने के नाम पर तो कभी दवाइयों के सैंपल लेने का डर दिखाकर रिश्वत लेता है। आरोप था कि इस गोदाम में नकली दवाइयां जमा की गई।
बाद में जब इस गोदाम को खोला गया तो उसमें से दवाइयां गायब मिली। आरोप था कि अधिकारियों ने किसी मृतक व्यक्ति के नाम किरायानामा संबंधी तस्दीकशुदा शपथ पत्र लेकर मामले को रफा दफा कर दिया था। इसके बाद पहले तो डीडीए ने आरोप लगाने वाले कर्मी के खिलाफ गलत दस्तावेज देकर नियुक्ति लेने के आरोप लगाए। इसके बाद विभाग ने डीडीए को ही निलंबित कर दिया था।