{"_id":"6716d49d4b8fcbecc805ca14","slug":"protest-against-strictness-imposed-on-farmers-kaithal-news-c-18-1-knl1004-504516-2024-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: किसानों पर की गई सख्ती के खिलाफ किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: किसानों पर की गई सख्ती के खिलाफ किया प्रदर्शन
Tue, 22 Oct 2024 03:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 22 Oct 2024 03:54 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने सोमवार को पराली जलाने पर किसानों पर की गई सख्ती के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर नाराज किसानों ने एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने, दो वर्ष तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उसकी फसल की खरीद न करने व पोर्टल में रेड निशान लगाने का विरोध किया।
संगठन के जिलाध्यक्ष कामरेड राजकुमार सारसा व जिला सचिव कामरेड कृष्ण चंद ने ढांड स्थित कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सरकार के इस प्रकार के तुगलकी फरमान की घोर निंदा की है।
उन्होंने कहा कि धान की कटाई के बाद किसानों को गेहूं की बुआई के लिए खेतों को तैयार करना होता है। उसके लिए सबसे पहले खेत की जुताई करनी पढ़ती है। जब तक खेतों में पराली पड़ी रहेगी तब तक खेत की जुलाई करना संभव नही है।
विज्ञापन
कामरेड ने कहा कि अगर समय पर खेत की जुताई करके पानी नही लगाया गया तो गेहूं की बीजाई समय पर कर पाना संभव नही होगा और समय पर बुआई नही करने से उसके उत्पादन में कमी आएगी। इन्हीं सभी कारणों को ध्यान में रखते हुए मजबूरन किसानों को पराली में आग लगानी पड़ती है।
विज्ञापन
ढांड। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने सोमवार को पराली जलाने पर किसानों पर की गई सख्ती के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर नाराज किसानों ने एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने, दो वर्ष तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उसकी फसल की खरीद न करने व पोर्टल में रेड निशान लगाने का विरोध किया।
संगठन के जिलाध्यक्ष कामरेड राजकुमार सारसा व जिला सचिव कामरेड कृष्ण चंद ने ढांड स्थित कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सरकार के इस प्रकार के तुगलकी फरमान की घोर निंदा की है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि धान की कटाई के बाद किसानों को गेहूं की बुआई के लिए खेतों को तैयार करना होता है। उसके लिए सबसे पहले खेत की जुताई करनी पढ़ती है। जब तक खेतों में पराली पड़ी रहेगी तब तक खेत की जुलाई करना संभव नही है।
विज्ञापन
कामरेड ने कहा कि अगर समय पर खेत की जुताई करके पानी नही लगाया गया तो गेहूं की बीजाई समय पर कर पाना संभव नही होगा और समय पर बुआई नही करने से उसके उत्पादन में कमी आएगी। इन्हीं सभी कारणों को ध्यान में रखते हुए मजबूरन किसानों को पराली में आग लगानी पड़ती है।