फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Problems increasing due to delay in lifting

Kaithal News: उठान में लेटलतीफी से बढ़ रही परेशानी

Fri, 06 Oct 2023 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 06 Oct 2023 12:48 AM IST
विज्ञापन
Problems increasing due to delay in lifting
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। शहर की तीनों नई, पुरानी और विस्तार अनाज मंडियों में धान की आवक तो जाेरों पर है, लेकिन उठान में लेटलतीफी के चलते परेशानी अब लगातार बढ़ रही है। पुरानी, नई व विस्तार अनाज मंडी के धान से अटा होने के बाद अब ट्रांसपोर्ट नगर में धान डाला जा रहा है। अब ट्रांसपोर्ट नगर को ही मंडी बना लिया है। इस कारण यहां के दुकानदारों को परेशानी हो रही है।

यदि यहां पर धान डालना बंद न किया गया तो जाम की स्थिति बनेगी। वहीं मंडियाें के धान से अटने के बाद किसानों व आढ़तियों की परेशानी बढ़ गई हैं। वहीं, अब डीएफएससी कार्यालय शाम पांच बजे से लेकर रात 12 बजे तक धान की आवक बंद करने का फैसला लिया गया है।
विज्ञापन


1509 किस्म के धान में आई गिरावट : अनाज मंडियों में 1509 धान के भाव में गिरावट आई, इससे किसानों को प्रति एकड़ 200 से 300 रुपये का नुकसान हो रहा है। पिछले सप्ताह 1509 धान के भाव 3600 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा थे, लेकिन अब 3300 रुपये तक ही भाव मिल रहे हैं। हालांकि पीआर धान के भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक मिल रहे हैं। एमएसपी के भाव 2203 रुपये हैं, जबकि 2400 रुपये प्रति क्विंटल तक यह धान बिक रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मार्केट कमेटी सचिव बसाऊ राम ने बताया कि मंडियों में धान की आवक मे तेजी आने के कारण ही उठान की कुछ समस्या आई है। परंतु अब इसमें व्यवस्था बनाई जा रही है। जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा।

­डीएफएससी निशांत राठी ने बताया कि जिले की की सभी मंडियां धान से पूर्ण रूप से भर चुकी हैं, जिस कारण से ट्रकों के आने जाने का रास्ता बंद हो चुका है। धान खरीद सीजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिला प्रशासन कैथल ने यह निर्णय लिया है कि सभी किसान जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती तब तक शाम पांच बजे से लेकर रात को 12 बजे तक मंडियों में अपनी धान न लेकर आएं। रात के समय मंडियों से धान के उठान का कार्य सुचारू से हो सकेगा और पूरी खरीद प्रक्रिया समुचित ढंग से हो सकेगी। सभी किसान जिला प्रशासन का पूरा सहयोग करें, ताकि किसी भी किसान को कोई परेशानी नहीं हो।
दुकानदारों ने जताया विरोध, डीसी से की मुलाकात
कैथल। शहर की तीनों अनाज मंडियों में तेज आवक के बाद उठान धीमा होने के बाद जगह न होने के चलते आढ़तियों की तरफ से जींद रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में धान डलवाया जा रहा है। इस पर ट्रांसपोर्ट नगर के दुकानदारों ने अपना रोष जताया है। समस्या से नाराज होकर ट्रांसपोर्ट नगर के दुकानदारों ने वीरवार को डीसी प्रशांत पंवार से मुलाकात की है। दुकानदारों की मांग है यहां पर धान डाले जाने से उनका कार्य प्रभावित हो रहा है। उनका कहना था कि पिछले बार सीजन में ट्रांसपोर्ट नगर में बहुत कम दुकानें थी। ऐसे में उन्हें कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन अब यहां पर दुकानें बन चुकी है और हर दुकानदार ने अपना व्यापार शुरू किया है।
कैथल ट्रांसपोर्ट नगर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान राजकुमार गर्ग और सचिव आशीष नागपाल ने कहा कि पिछली बार सीजन में मार्केट कमेटी के सचिव ने उनसे आढ़तियों को यहां पर फसल गिरवाने की बातचीत के माध्यम से अनुमति मांगी थी। उस समय उनके पास खाली जगह भी थी और दुकानें भी कम थी। इसके चलते आढ़तियों को भाईचारे के तौर पर यहां पर फसल गिराने के लिए अनुमति दे दी। परंतु इस बार ऐसा नहीं है।


इस बार यहां पर 150 से अधिक दुकानें संचालित हैं। यहां पर न तो पर्याप्त जगह है और न ही पानी व शौचालय की सुविधा। ऐसे में यहां पर काफी परेशानी फसल डालने से दुकानदारों को हो रही है। उनकी मांग है कि यहां पर धान की फसल न डाली। इसे मंडियों में ही डाला जाए। यदि ऐसे ही फसल डाली गई तो यहां पर भी पैदल चलने का रास्ता नहीं रहेगा। यदि प्रशासन ने आगामी एक से दो दिन में उनकी मांग मानी ली तो ठीक है। नहीं तो वे बैठक करके कोई बड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर होंगे।

इस मौके पर सुखदेव, निर्मल, बेदी, बजिंद्र, जोगिंद्र, शीशपाल, संदीप, प्रदीप, ओमप्रकाश, सुनील, कुलदीप व अमित गर्ग सहित अन्य दुकानदार मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed