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Kaithal News: स्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों के दोबारा रिव्यू के प्रस्ताव का निजी स्कूल संचालकों ने किया विरोध
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बैठक में भाग लेते निजी स्कूल संचालक। विज्ञप्ति
कैथल। निजी स्कूल संचालक संघ की जिला स्तरीय बैठक हुई। बैठक में स्थायी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को दोबारा रिव्यू प्रक्रिया के दायरे में लाने के प्रस्ताव को लेकर चर्चा की गई। स्कूल संचालकों ने इस प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और मामले को सरकार व संबंधित विभाग के समक्ष मजबूती से रखने का निर्णय लिया।
जिला प्रधान कुलदीप बिढ़ाण ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में संचालकों ने कहा कि जिन निजी विद्यालयों को विभागीय नियमों के तहत स्थायी मान्यता मिल चुकी है और जो लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, उनके लिए दोबारा रिव्यू की प्रक्रिया प्रशासनिक और व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा कर सकती हैं। उन्होंने मांग की कि पूर्व में जारी मान्यता से जुड़े रिकॉर्ड और विद्यालयों की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार इस विषय पर सकारात्मक और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाए।
संचालकों ने कहा कि यह केवल किसी एक स्कूल की समस्या नहीं है। इसलिए संगठन के माध्यम से सामूहिक रूप से सरकार और विभाग के समक्ष पक्ष रखा जाएगा। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज और विभागीय नियमों के आधार पर अपनी बात रखने पर सहमति बनी। जिला प्रधान कुलदीप बिढ़ाण ने कहा कि निजी स्कूल वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उनके अनुसार नियमानुसार स्थायी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लिए दोबारा रिव्यू का विषय चिंता का कारण है। संघ इस प्रस्ताव का विरोध करता है और सरकार से मामले पर पुनर्विचार की मांग करेगा।
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उन्होंने कहा कि संगठन तथ्यों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर अपना पक्ष रखेगा। बैठक में आगामी दिनों में संबंधित अधिकारियों से मिलने और आवश्यकता पड़ने पर प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से सरकार के समक्ष मांग रखने पर भी चर्चा हुई। इस दौरान जोगिंदर ढुल, प्रवीण प्रजापति, लाभ सिंह लैलर, सतबीर सहारण, राजेंद्र ढुल, श्रवण शर्मा, सलिंदर सहारण, रामदिया कुंडू, दर्शन मौण, हरपाल ढांडा, अमित ढांडा समेत निजी स्कूल संचालक मौजूद रहे।
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जिला प्रधान कुलदीप बिढ़ाण ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में संचालकों ने कहा कि जिन निजी विद्यालयों को विभागीय नियमों के तहत स्थायी मान्यता मिल चुकी है और जो लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, उनके लिए दोबारा रिव्यू की प्रक्रिया प्रशासनिक और व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा कर सकती हैं। उन्होंने मांग की कि पूर्व में जारी मान्यता से जुड़े रिकॉर्ड और विद्यालयों की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार इस विषय पर सकारात्मक और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाए।
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संचालकों ने कहा कि यह केवल किसी एक स्कूल की समस्या नहीं है। इसलिए संगठन के माध्यम से सामूहिक रूप से सरकार और विभाग के समक्ष पक्ष रखा जाएगा। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज और विभागीय नियमों के आधार पर अपनी बात रखने पर सहमति बनी। जिला प्रधान कुलदीप बिढ़ाण ने कहा कि निजी स्कूल वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उनके अनुसार नियमानुसार स्थायी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लिए दोबारा रिव्यू का विषय चिंता का कारण है। संघ इस प्रस्ताव का विरोध करता है और सरकार से मामले पर पुनर्विचार की मांग करेगा।
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उन्होंने कहा कि संगठन तथ्यों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर अपना पक्ष रखेगा। बैठक में आगामी दिनों में संबंधित अधिकारियों से मिलने और आवश्यकता पड़ने पर प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से सरकार के समक्ष मांग रखने पर भी चर्चा हुई। इस दौरान जोगिंदर ढुल, प्रवीण प्रजापति, लाभ सिंह लैलर, सतबीर सहारण, राजेंद्र ढुल, श्रवण शर्मा, सलिंदर सहारण, रामदिया कुंडू, दर्शन मौण, हरपाल ढांडा, अमित ढांडा समेत निजी स्कूल संचालक मौजूद रहे।

बैठक में भाग लेते निजी स्कूल संचालक। विज्ञप्ति