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ऑपरेशन के लिए मरीज को बेहोश करने को बुलाते हैं प्राइवेट डॉक्टर
सार
नागरिक अस्पताल में बेहोशी का डॉक्टर एक भी नहीं है, जबकि अन्य जिलों की तरह यहां आवश्यकता कम से कम पांच डॉक्टरों की है। अस्पताल में बेहोशी विशेषज्ञ के सभी स्वीकृत पद खाली पड़े हैं।
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डॉक्टर।
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
जिला नागरिक अस्पताल में बेहोशी का डॉक्टर न होने के कारण गर्भवती महिलाओं के आपरेशन और अन्य प्रकार के ऑपरेशन के दौरान निजी डॉक्टरों को बुलाना पड़ रहा है। जब तक मरीज बेहोश न हो तब तक ऑपरेशन नहीं किया जा सकता। ऐसे में जब भी किसी महिला की ऑपरेशन से डिलीवरी होती है तो उसे बेहोश करने के लिए बुलाए गए डॉक्टर को विभाग द्वारा हजारों रुपये देने पड़ते हैं। ऐसे ही अन्य प्रकार के ऑपरेशन करने से पहले होता है। इस प्रकार हर माह लाखों रुपये निजी डॉक्टरों को देने पड़ रहे हैं।
गौरतलब है कि नागरिक अस्पताल में बेहोशी का डॉक्टर एक भी नहीं है, जबकि अन्य जिलों की तरह यहां आवश्यकता कम से कम पांच डॉक्टरों की है। अस्पताल में बेहोशी विशेषज्ञ के सभी स्वीकृत पद खाली पड़े हैं। इतना ही नहीं महिलाओं की जांच के लिए महिला चिकित्सक भी पूरी नहीं है। इस समय केवल तीन महिला डॉक्टरों पर ही रोजाना आने वाली 150 से ज्यादा महिलाओं की जांच करने की जिम्मेदारी है। इसके अलावा करीब 5 जनरल सर्जन की भी जरूरत अस्पताल में आने वाले मरीजों को है।
जिले में कम से कम छह गर्भवती महिलाओं की ऑपरेशन से डिलीवरी के अलावा अन्य प्रकार के ऑपरेशन भी किए जा रहे हैं। रोजाना होने वाले करीब एक दर्जन ऑपरेशनों में बेहोशी के डॉक्टर की कमी मरीजों को खल रही है। ऑपरेशन के दौरान मरीज को बेहोश करने के लिए तुरंत बाहर से निजी डॉक्टर बुलाना पड़ रहा है।
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हर मरीज को बेहोश करने के लिए खर्च किए जा रहे 3 हजार रुपये-प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑपरेशन से पहले हर मरीज को बेहोश करने के लिए निजी डॉक्टर द्वारा 3 हजार रुपये लिए जा रहे हैं। हालांकि ये रुपये मरीज से नहीं लिए जा रहे, लेकिन हर बार इसके लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा लाखों रुपये सरकारी बजट मांगा जा रहा है।
इस संबंध में जिला नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। फिलहाल निजी डॉक्टर को बुलाकर कार्य किया जा रहा है। विभाग को पत्र लिखकर जल्द से जल्द बेहोशी का डॉक्टर लगवाने की मांग की गई है।
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गौरतलब है कि नागरिक अस्पताल में बेहोशी का डॉक्टर एक भी नहीं है, जबकि अन्य जिलों की तरह यहां आवश्यकता कम से कम पांच डॉक्टरों की है। अस्पताल में बेहोशी विशेषज्ञ के सभी स्वीकृत पद खाली पड़े हैं। इतना ही नहीं महिलाओं की जांच के लिए महिला चिकित्सक भी पूरी नहीं है। इस समय केवल तीन महिला डॉक्टरों पर ही रोजाना आने वाली 150 से ज्यादा महिलाओं की जांच करने की जिम्मेदारी है। इसके अलावा करीब 5 जनरल सर्जन की भी जरूरत अस्पताल में आने वाले मरीजों को है।
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जिले में कम से कम छह गर्भवती महिलाओं की ऑपरेशन से डिलीवरी के अलावा अन्य प्रकार के ऑपरेशन भी किए जा रहे हैं। रोजाना होने वाले करीब एक दर्जन ऑपरेशनों में बेहोशी के डॉक्टर की कमी मरीजों को खल रही है। ऑपरेशन के दौरान मरीज को बेहोश करने के लिए तुरंत बाहर से निजी डॉक्टर बुलाना पड़ रहा है।
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हर मरीज को बेहोश करने के लिए खर्च किए जा रहे 3 हजार रुपये-प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑपरेशन से पहले हर मरीज को बेहोश करने के लिए निजी डॉक्टर द्वारा 3 हजार रुपये लिए जा रहे हैं। हालांकि ये रुपये मरीज से नहीं लिए जा रहे, लेकिन हर बार इसके लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा लाखों रुपये सरकारी बजट मांगा जा रहा है।
इस संबंध में जिला नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। फिलहाल निजी डॉक्टर को बुलाकर कार्य किया जा रहा है। विभाग को पत्र लिखकर जल्द से जल्द बेहोशी का डॉक्टर लगवाने की मांग की गई है।