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Kaithal News: भाव कम, लागत भी नहीं निकाल पा रहे किसान
Thu, 18 Sep 2025 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 18 Sep 2025 02:03 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका/कैथल। खरीफ फसलों की कटाई शुरू हो चुकी है। किसान धान, नरमा, बाजरा और मूंग जैसी फसलें लेकर अनाज मंडियों में पहुंचने लगे हैं, लेकिन मंडियों में उचित भाव न मिलने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। खासतौर पर 1509 किस्म के धान की पैदावार और कीमत दोनों ही इस बार किसानों को निराश कर रहे हैं।
गुहला चीका क्षेत्र के किसान कुलविंद्र सिंह, लीला राम, सुखबीर, कुलदीप और राममेहर का कहना है कि इस बार धान की पैदावार समय पर रोपाई न होने और कम बारिश के कारण कम रही। वहीं, मंडियों में मिल रहा भाव भी उनकी उम्मीदों से काफी नीचे है।
किसानों का कहना है कि अभी 1509 किस्म का धान 2400 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है, जबकि बीते साल यही धान 3500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका था। यानी इस बार औसतन 500 रुपये प्रति क्विंटल तक कम भाव मिल रहा है।
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उन्होंने बताया कि पंजाब से बड़ी मात्रा में धान चीका मंडी में पहुंच रहा है, जिससे स्थानीय किसानों की उपज के भाव और मांग दोनों पर नकारात्मक असर पड़ा है। किसानों का कहना है कि पैदावार
घटने और भाव गिरने से उनकी
लागत भी मुश्किल से निकल पा रही है, जिससे आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है।
चीका मार्केट कमेटी के सचिव सतबीर राविश ने बताया कि मंडी में 1509 किस्म के धान की आवक शुरू हो गई है। अभी मंडी में पहुंच रहे धान में नमी की मात्रा ज्यादा दर्ज की जा रही है। किसान का धान 2600 से 3200 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि धान को सुखाकर ही मंडी में लाएं ताकि उन्हें बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि धान खरीद सीजन को लेकर मंडियों में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसानों, मजदूरों और आढ़तियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसका प्रशासन की ओर से विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
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गुहला चीका/कैथल। खरीफ फसलों की कटाई शुरू हो चुकी है। किसान धान, नरमा, बाजरा और मूंग जैसी फसलें लेकर अनाज मंडियों में पहुंचने लगे हैं, लेकिन मंडियों में उचित भाव न मिलने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। खासतौर पर 1509 किस्म के धान की पैदावार और कीमत दोनों ही इस बार किसानों को निराश कर रहे हैं।
गुहला चीका क्षेत्र के किसान कुलविंद्र सिंह, लीला राम, सुखबीर, कुलदीप और राममेहर का कहना है कि इस बार धान की पैदावार समय पर रोपाई न होने और कम बारिश के कारण कम रही। वहीं, मंडियों में मिल रहा भाव भी उनकी उम्मीदों से काफी नीचे है।
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किसानों का कहना है कि अभी 1509 किस्म का धान 2400 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है, जबकि बीते साल यही धान 3500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका था। यानी इस बार औसतन 500 रुपये प्रति क्विंटल तक कम भाव मिल रहा है।
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उन्होंने बताया कि पंजाब से बड़ी मात्रा में धान चीका मंडी में पहुंच रहा है, जिससे स्थानीय किसानों की उपज के भाव और मांग दोनों पर नकारात्मक असर पड़ा है। किसानों का कहना है कि पैदावार
घटने और भाव गिरने से उनकी
लागत भी मुश्किल से निकल पा रही है, जिससे आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है।
चीका मार्केट कमेटी के सचिव सतबीर राविश ने बताया कि मंडी में 1509 किस्म के धान की आवक शुरू हो गई है। अभी मंडी में पहुंच रहे धान में नमी की मात्रा ज्यादा दर्ज की जा रही है। किसान का धान 2600 से 3200 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि धान को सुखाकर ही मंडी में लाएं ताकि उन्हें बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि धान खरीद सीजन को लेकर मंडियों में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसानों, मजदूरों और आढ़तियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसका प्रशासन की ओर से विशेष ध्यान रखा जा रहा है।