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Kaithal News: स्कूल छोड़ चुके बच्चों के दोबारा दाखिले की तैयारी

Fri, 03 Jan 2025 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 03 Jan 2025 12:58 AM IST
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Preparation for re-admission of children who have left school
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। नववर्ष पर स्कूलों में शीतकालीन अवकाश की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में विभाग ने शीतकालीन अवकाश में शिक्षा विभाग ने ड्राप आउट बच्चों का सर्वे करने के लिए ड्राप आउट अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत अब शिक्षक भी फील्ड में उतर चुके हैं। बता दें कि अभियान के तहत छह से सात वर्ष तक के उन बच्चों की पहचान की जाएगी, जो स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। बच्चों को शिक्षा के राह पकड़वाने में ग्राम पंचायतों के साथ आंगनबाडी वर्कर और नंबरदारों का सहयोग लिया जाएगा।

हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में ड्राप आउट बच्चों को स्कूलों में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। शीतकालीन अवकाश के दौरान स्कूल स्तर यानी गांव व वार्ड में एक सप्ताह सर्वे अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें शिक्षक घर-घर दस्तक देंगे और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों का डाटा तैयार करेंगे। दरअसल, राजकीय स्कूलों में ड्राप आउट की बढ़ती चुनौती को देखते हुए शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र में यह योजना तैयार की है। इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जिला शिक्षा अधिकारी और शिक्षकों का विशेष सहयोग रहेगा।
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अधिकारियों को दी गई है हिदायतें ः शिक्षा विभाग की ओर से एडीसी, शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और समस्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा को पत्र लिखकर हिदायत दी है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पहचान के लिए सर्वे कराया जाए।
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इसके तहत शीतकालीन अवकाश के दौरान न केवल ड्राप आउट बच्चों का सर्वे होगा, बल्कि स्कूल से लेकर ब्लॉक, जिला तथा निदेशालय स्तर पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद नए शैक्षणिक सत्र में उन बच्चों के दाखिले को प्राथमिकता दी जाएगी, जो पढ़ाई छोड़ चुके हैं।

सर्वे के दौरान शिक्षा विभाग का लक्ष्य एससी और एसटी समुदायों के साथ सड़क पर रहने वाले बच्चों, भिखारियों, अनाथ व बेघर, प्रवासी, विमुक्त जनजातियों के समूहों की आबादी को शिक्षा के साथ जोड़ना है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में स्कूल छोड़ चुके बच्चों का भी डाटा तैयार किया जाएगा, ताकि उन्हें दोबारा से स्कूल लाया जा सके। सर्वे के दौरान छह से लेकर सात वर्ष के बच्चों को दोबारा शिक्षा के साथ जोड़ने का लक्ष्य है। सर्वे के दौरान तीन श्रेणी तैयार की गई हैं, पहली श्रेणी में छह से सात वर्ष, दूसरी श्रेणी में सात से 14 वर्ष और तीसरी श्रेणी में 15 से 19 वर्ष तक को रखा गया है। सेकेंडरी स्तर पर 15 से 19 वर्ष की आयु के किशोरों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
यह है सर्वे का शेड्यूल
शिक्षा विभाग ने स्कूल स्तर पर छह दिन सर्वे की योजना बनाई है। इसमें आगामी छह जनवरी तक सर्वे चलेगा। शिक्षक गांव स्तर पर सर्वे करेंगे। स्कूल न जाने वाले बच्चों की सूची तैयार करके स्कूल मुखिया को मुहैया कराई जाएगी। इसके बाद स्कूल मुखिया सूची को कलस्टर प्रमुख को मुहैया कराएंगे। बाद कलस्टर स्तर पर नौ से 12 जनवरी तक कलस्टर प्रमुख अपने कलस्टर स्कूलों की रिपोर्ट संकलित करेंगे और रिकार्ड एवं संकलित सूचियां बीआरसीए व बीईओएस को मुहैया कराई जाएंगी। ब्लाक स्तर पर 13 से 15 जनवरी के बीच ब्लाक प्रमुख ब्लाक के तहत आने वाले कलस्टर स्कूलों का रिकार्ड तैयार करेंगे। जिला स्तर पर 16 व 17 जनवरी के बीच डीपीसी सभी ब्लाकों की सूची संकलित करेंगे और उसे मुख्यालय को प्रस्तुत किया जाएगा।


विभाग ने ड्राप आउट विद्यार्थियों का सर्वे शुरू कर दिया है, जो छह जनवरी तक चलेगा। इस दौरान ड्राप आउट विद्यार्थियों का डाटा तैयार करते हुए उन्हें स्कूल में लाने व शिक्षा दिलाने के प्रबंध किए जाएंगे। विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति निरक्षर न रहे। -सरोज दहिया,

जिला परियोजना समन्वयक
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