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Kaithal News: कैथल-गुहला चीका मार्ग पर गड्ढों से राहगीर परेशान
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कैथल से गुहला-चीका जाने वाली खस्ताहाल सड़क से होकर गुजरते वाहन। संवाद
कैथल। कैथल से गुहला चीका को जोड़ने वाली मुख्य सड़क जर्जर हालात में है। इसके चलते जगह-जगह सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरम्मत के नाम पर केवल पैचवर्क किए जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों ने सड़क का नए सिरे से उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से निर्माण की मांग की है।
जिले को पंजाब से जोड़ने वाला यह मार्ग अहम संपर्क रास्ता है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ग्रामीणों, व्यापारियों और यात्रियों के लिए यह सड़क आवागमन की प्रमुख कड़ी मानी जाती है। इसके बावजूद लंबे समय से इसकी हालत सुधारने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थायी समाधान के बजाय अस्थायी मरम्मत से समस्या जस की तस बनी हुई है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण अब तक करीब दर्जनभर हादसे हो चुके हैं। कई लोग चोटिल भी हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद विभाग की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही।
राहगीर राजेश, मनोज और संदीप ने बताया कि कई जगह सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है और बजरी बाहर आ गई है। सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। गड्ढों से बचने की कोशिश में चालक संतुलन खो देते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पैचवर्क की बजाय सड़क का नए सिरे से उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से निर्माण कराया जाए ताकि लोगों को लंबे समय तक राहत मिल सके।
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पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन वरुण ने बताया कि सड़क को नए सिरे से विकसित करने की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही इस मार्ग को फोरलेन बनाने की योजना पर काम शुरू होगा ताकि लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके।
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जिले को पंजाब से जोड़ने वाला यह मार्ग अहम संपर्क रास्ता है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ग्रामीणों, व्यापारियों और यात्रियों के लिए यह सड़क आवागमन की प्रमुख कड़ी मानी जाती है। इसके बावजूद लंबे समय से इसकी हालत सुधारने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थायी समाधान के बजाय अस्थायी मरम्मत से समस्या जस की तस बनी हुई है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण अब तक करीब दर्जनभर हादसे हो चुके हैं। कई लोग चोटिल भी हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद विभाग की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही।
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राहगीर राजेश, मनोज और संदीप ने बताया कि कई जगह सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है और बजरी बाहर आ गई है। सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। गड्ढों से बचने की कोशिश में चालक संतुलन खो देते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पैचवर्क की बजाय सड़क का नए सिरे से उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से निर्माण कराया जाए ताकि लोगों को लंबे समय तक राहत मिल सके।
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पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन वरुण ने बताया कि सड़क को नए सिरे से विकसित करने की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही इस मार्ग को फोरलेन बनाने की योजना पर काम शुरू होगा ताकि लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके।