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Kaithal News: तपती गर्मी में पानी को तरस रहे सजूमा के लोग
Tue, 23 May 2023 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 23 May 2023 01:51 AM IST
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कलायत। पिछले पांच दिनों से पानी की एक एक बूंद से गांव सजूमा के लोग तरस रहे हैं। सुशील कुमार, फतेह सिंह, चरण सिंह, काला, शांति देवी, पूजा, कमलेश ने बताया कि इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है और गांव के लोगों को पीने के लिए पानी तक नहीं मिल पा रहा। सुशील कुमार ने बताया कि गांव में स्थित जन स्वास्थ्य विभाग के टैंकों में पानी तो है पर उसे लोगों तक क्यों नहीं दिया जा रहा।
संबंधित अधिकारी या कर्मचारी इस बारे कोई संतोषजनक जवाब नहीं देते। उन्होंने कहा कि समस्या को लेकर गांव के लोग आपरेटर से मिले तो उसने अपनी जिम्मेवारी लेने से साफ मना कर दिया। कनिष्ठ अभियंता मिलते नहीं तथा उपमंडल अधिकारी का तबादला हो चुका है। अब गांव के लोग समस्या को लेकर जाएं तो जाएं कहां। जय सिंह ने कहा कि गांव में भूमिगत जल किसी भी सूरत में पीने के लायक नहीं है। इसलिए पूरे गांव को जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए जाने वाले पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
कमलेश देवी ने कहा कि परिवार के लोगों की प्यास बुझाने के लिए महिलाओं को पूरा दिन दूर दराज के खेतों से पानी लेकर आना पड़ता है। पानी के बिना बच्चों और बुजुर्गों का बुरा हाल है। पूजा ने कहा कि महिलाओं को इस भारी गर्मी के मौसम में पानी लेने के लिए कई कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। वे लोग पानी का प्रबंध करें या फिर घर के काम काज देखें। सुशील कुमार, जय सिंह, चरण सिंह ने कहा कि यदि गांव के लोगों को मूलभूत सुविधा देने में विभाग सक्षम नहीं है तो फिर उसका फायदा क्या है। ग्रामीणों ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि दो दिनों में समस्या का समाधान नहीं निकला तो गांव के लोग एसई व एक्सईएन कार्यालय में खाली बर्तनों के साथ पहुंच कर प्रदर्शन करेंगे। जनस्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता अरविंद ने कहा कि पंप में तकनीकी खराबी आने के कारण से एक आध दिन समस्या रही है। उसे ठीक करवा दिया गया है। बिजली की समस्या के कारण से भी सप्लाई में दिक्कत आ सकती है। अभी तक पांच दिन से पानी न मिलने की उनके पास कोई शिकायत नहीं आई। यदि ऐसी समस्या है तो वह मामले पर तुरंत प्रभाव से संज्ञान ले रहे हैं।
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दूषित पेयजल समस्या पर जताया रोष
कलायत। शहर के वार्ड छह के निवासियों ने सोमवार को दिनभर जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से दूषित पेयजल सप्लाई की समस्या का निवारण करने के लिए गठित टीम का इंतजार किया। टीम समस्या का निराकरण करने के लिए नहीं पहुंची। इस पर लोगों ने रोष जताते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल और जिला उपायुक्त जगदीश शर्मा से शिकायत करने का फैसला लिया है।
प्रभावित क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वे पिछले काफी समय से दूषित पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। बावजूद इसके विभाग टीम के लोग समस्या निवारण की बजाए उन्हें टरका रहे हैं। पदमा, सुशीला, रोशनी और बिमला ने बताया कि शुक्रवार की शाम विभागीय कर्मियों की टीम पहुंची थी। उन्होंने सोमवार तक समस्या का स्थाई हल करने का आश्वासन दिया था।
कर्मचारियों ने सप्लाई के पानी को बर्तनों में एकत्रित करने को कहा था। इसके मद्देनजर उन्होंने दूषित जल की सप्लाई के नमूने एकत्रित किए। शाम तक टीम का लोगों को कोई संदेश नहीं आया। जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ कुलदीप गिल ने बताया कि वार्ड छह में दूषित पानी की सप्लाई का निवारण करने के लिए टीम का गठन किया गया है। टीम से उनकी प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। उन्होंने शुद्ध पानी की सप्लाई सुनिश्चित करवाने का आश्वासन दिया।
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संबंधित अधिकारी या कर्मचारी इस बारे कोई संतोषजनक जवाब नहीं देते। उन्होंने कहा कि समस्या को लेकर गांव के लोग आपरेटर से मिले तो उसने अपनी जिम्मेवारी लेने से साफ मना कर दिया। कनिष्ठ अभियंता मिलते नहीं तथा उपमंडल अधिकारी का तबादला हो चुका है। अब गांव के लोग समस्या को लेकर जाएं तो जाएं कहां। जय सिंह ने कहा कि गांव में भूमिगत जल किसी भी सूरत में पीने के लायक नहीं है। इसलिए पूरे गांव को जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए जाने वाले पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
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कमलेश देवी ने कहा कि परिवार के लोगों की प्यास बुझाने के लिए महिलाओं को पूरा दिन दूर दराज के खेतों से पानी लेकर आना पड़ता है। पानी के बिना बच्चों और बुजुर्गों का बुरा हाल है। पूजा ने कहा कि महिलाओं को इस भारी गर्मी के मौसम में पानी लेने के लिए कई कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। वे लोग पानी का प्रबंध करें या फिर घर के काम काज देखें। सुशील कुमार, जय सिंह, चरण सिंह ने कहा कि यदि गांव के लोगों को मूलभूत सुविधा देने में विभाग सक्षम नहीं है तो फिर उसका फायदा क्या है। ग्रामीणों ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि दो दिनों में समस्या का समाधान नहीं निकला तो गांव के लोग एसई व एक्सईएन कार्यालय में खाली बर्तनों के साथ पहुंच कर प्रदर्शन करेंगे। जनस्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता अरविंद ने कहा कि पंप में तकनीकी खराबी आने के कारण से एक आध दिन समस्या रही है। उसे ठीक करवा दिया गया है। बिजली की समस्या के कारण से भी सप्लाई में दिक्कत आ सकती है। अभी तक पांच दिन से पानी न मिलने की उनके पास कोई शिकायत नहीं आई। यदि ऐसी समस्या है तो वह मामले पर तुरंत प्रभाव से संज्ञान ले रहे हैं।
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दूषित पेयजल समस्या पर जताया रोष
कलायत। शहर के वार्ड छह के निवासियों ने सोमवार को दिनभर जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से दूषित पेयजल सप्लाई की समस्या का निवारण करने के लिए गठित टीम का इंतजार किया। टीम समस्या का निराकरण करने के लिए नहीं पहुंची। इस पर लोगों ने रोष जताते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल और जिला उपायुक्त जगदीश शर्मा से शिकायत करने का फैसला लिया है।
प्रभावित क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वे पिछले काफी समय से दूषित पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। बावजूद इसके विभाग टीम के लोग समस्या निवारण की बजाए उन्हें टरका रहे हैं। पदमा, सुशीला, रोशनी और बिमला ने बताया कि शुक्रवार की शाम विभागीय कर्मियों की टीम पहुंची थी। उन्होंने सोमवार तक समस्या का स्थाई हल करने का आश्वासन दिया था।
कर्मचारियों ने सप्लाई के पानी को बर्तनों में एकत्रित करने को कहा था। इसके मद्देनजर उन्होंने दूषित जल की सप्लाई के नमूने एकत्रित किए। शाम तक टीम का लोगों को कोई संदेश नहीं आया। जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ कुलदीप गिल ने बताया कि वार्ड छह में दूषित पानी की सप्लाई का निवारण करने के लिए टीम का गठन किया गया है। टीम से उनकी प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। उन्होंने शुद्ध पानी की सप्लाई सुनिश्चित करवाने का आश्वासन दिया।