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Kaithal News: बैंक से लिया एक लाख का पेंशनर ऋण नहीं चुकाया, गारंटर पर 1.54 लाख की वसूली का आदेश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2026 12:28 AM IST
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Pensioner loan of 1 lakh taken from bank not repaid; recovery order of 1.54 lakh issued against guarantor.
कैथल। एसबीआई से लिए गए एक लाख रुपये के पेंशनर ऋण की राशि नहीं चुकाने के मामले में अतिरिक्त सिविल जज सीनियर डिवीजन अपर्णा भारद्वाज की अदालत ने बैंक के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने गारंटर बजिंदर सिंह के खिलाफ 1,54,184 रुपये की वसूली की डिक्री जारी की है। इस राशि पर मुकदमा दायर होने की तारीख से भुगतान होने तक आठ प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा।
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फैसला 17 सितंबर 2026 को सुनाया गया। मामले के अनुसार एसबीआई की शाखा के माध्यम से धूप सिंह ने 21 जुलाई 2014 को एसबीआई पेंशनर ऋण योजना के तहत एक लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। बैंक ने ऋण मंजूर कर दिया। ऋण के लिए 31 जुलाई 2014 को व्यक्तिगत ऋण समझौता और अन्य दस्तावेज तैयार किए गए थे। बजिंदर सिंह ने इस ऋण के लिए गारंटी दी थी। बैंक के अनुसार धूप सिंह ने ऋण की किस्तों का समय पर भुगतान नहीं किया। बैंक की ओर से कई बार भुगतान के लिए कहा गया लेकिन बकाया राशि जमा नहीं हुई।
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इसके बाद बैंक ने 8 जनवरी 2020 को कानूनी नोटिस भेजकर ऋण चुकाने के लिए कहा। नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं होने पर बैंक ने 1,54,184 रुपये की बकाया राशि और ब्याज की वसूली के लिए अदालत में मुकदमा दायर किया। मुकदमे में बजिंदर सिंह को नोटिस जारी किया गया लेकिन उसकी ओर से कोई पेश नहीं हुआ। इसके कारण अदालत ने 22 जुलाई 2024 को उसे एकतरफा घोषित कर दिया। बैंक की ओर से उप शाखा प्रबंधक गौरव कुमार ने गवाही दी और ऋण आवेदन फार्म सहित ऋण समझौता गारंटी समझौता खाता विवरण और कानूनी नोटिस समेत दस्तावेज अदालत में पेश किए।
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अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर माना कि बैंक ने अपना मामला संभावनाओं की प्रधानता के आधार पर साबित किया है। अदालत ने बैंक का मुकदमा खर्च सहित आंशिक रूप से मंजूर करते हुए 1,54,184 रुपये की वसूली और मुकदमा दायर होने की तारीख से भुगतान तक आठ प्रतिशत सालाना ब्याज देने का आदेश दिया।
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