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Kaithal News: बसों की कमी से यात्रियों को झेलनी पड़ रही परेशानी, 20 मिनट से आधा घंटा तक करते इंतजार
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बस अड्डा पर बसों के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद
कैथल। शहर के मुख्य बस स्टैंड पर बसों की कमी के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। कुरुक्षेत्र, करनाल, जींद, असंध, हिसार, अंबाला व चंडीगढ़ रूट पर यात्रियों की संख्या अधिक होने से बस आते ही भीड़ उमड़ पड़ती है। कई यात्रियों को अगली बस के लिए 20 से आधा घंटा तक बस अड्डा पर खड़ा होकर इंतजार करना पड़ता है।
सीट पाने के लिए धक्का-मुक्की और कहासुनी तक की स्थिति बन जाती है। यात्रियों का कहना है कि बढ़ती संख्या के हिसाब से डिपो में बसें नहीं बढ़ाई गईं तो परेशानी और बढ़ेगी। उन्होंने सरकार से नई बसें खरीद कर भेजने की मांग की है। यात्रियों के अनुसार भीड़ के कारण कई बार सीट नहीं मिलती और खड़े होकर सफर करना पड़ता है। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह स्थिति ज्यादा परेशानी वाली है। उन्होंने मांग कि यात्रियों की संख्या के अनुसार बसों की व्यवस्था बढ़ाई जाए।
यात्री सुरेश ने बताया कि जींद रूट पर बसों की संख्या कम है। एक बस निकलने के बाद दूसरी बस के लिए काफी देर इंतजार करना पड़ता है। इससे यात्रियों का समय और पैसा दोनों खर्च होता है। उनका कहना है कि इस रूट पर बसों के फेरे बढ़ाए जाएं।
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बस से पहले ही कतार में लगने की मजबूरी
राजेश ने बताया कि कुरुक्षेत्र के लिए भी कई बार समय पर पहुंचने के लिए यात्री बस अड्डा से पहले ही गुर्जर चौक पर खड़े हो जाते हैं। वहां भी भीड़ इतनी रहती है कि बस में चढ़ना मुश्किल हो जाता है। बस में सीट नहीं मिलने पर यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ता है।
100 बसों की जरूरत
कैथल डिपो को यात्रियों की संख्या के अनुसार करीब 100 बसों की जरूरत है। इस समय डिपो में मात्र 150 बसें हैं। इनमें से रूटों पर केवल 120 बसें चल पा रही हैं, बाकि बसें पुरानी होने के कारण मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं।
टीएम विपुल कुमार ने बताया कि सभी प्रमुख रूटों पर बसें पूरी क्षमता के साथ चलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। लंबी दूरी के रूटों पर जरूरत के अनुसार फेरे बढ़ाए जा रहे हैं। भीड़ बढ़ने पर अतिरिक्त बसें भी लगाई जाती हैं।
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सीट पाने के लिए धक्का-मुक्की और कहासुनी तक की स्थिति बन जाती है। यात्रियों का कहना है कि बढ़ती संख्या के हिसाब से डिपो में बसें नहीं बढ़ाई गईं तो परेशानी और बढ़ेगी। उन्होंने सरकार से नई बसें खरीद कर भेजने की मांग की है। यात्रियों के अनुसार भीड़ के कारण कई बार सीट नहीं मिलती और खड़े होकर सफर करना पड़ता है। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह स्थिति ज्यादा परेशानी वाली है। उन्होंने मांग कि यात्रियों की संख्या के अनुसार बसों की व्यवस्था बढ़ाई जाए।
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यात्री सुरेश ने बताया कि जींद रूट पर बसों की संख्या कम है। एक बस निकलने के बाद दूसरी बस के लिए काफी देर इंतजार करना पड़ता है। इससे यात्रियों का समय और पैसा दोनों खर्च होता है। उनका कहना है कि इस रूट पर बसों के फेरे बढ़ाए जाएं।
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बस से पहले ही कतार में लगने की मजबूरी
राजेश ने बताया कि कुरुक्षेत्र के लिए भी कई बार समय पर पहुंचने के लिए यात्री बस अड्डा से पहले ही गुर्जर चौक पर खड़े हो जाते हैं। वहां भी भीड़ इतनी रहती है कि बस में चढ़ना मुश्किल हो जाता है। बस में सीट नहीं मिलने पर यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ता है।
100 बसों की जरूरत
कैथल डिपो को यात्रियों की संख्या के अनुसार करीब 100 बसों की जरूरत है। इस समय डिपो में मात्र 150 बसें हैं। इनमें से रूटों पर केवल 120 बसें चल पा रही हैं, बाकि बसें पुरानी होने के कारण मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं।
टीएम विपुल कुमार ने बताया कि सभी प्रमुख रूटों पर बसें पूरी क्षमता के साथ चलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। लंबी दूरी के रूटों पर जरूरत के अनुसार फेरे बढ़ाए जा रहे हैं। भीड़ बढ़ने पर अतिरिक्त बसें भी लगाई जाती हैं।

बस अड्डा पर बसों के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद