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कमजोर निकला पश्चिमी विक्षोभ, बरसात के आसार कम
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
Updated Fri, 08 Jan 2016 12:31 AM IST
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सात और आठ जनवरी को आने वाले पश्चिमी विक्षोभ का दबाव भी कम ही रहा जिस कारण वीरवार को बूंदाबांदी भी नहीं हो पाई। शुक्रवार को भी कुछेक जगह बादलों की गर्जना के साथ छींटे पड़ने की उम्मीद तो है लेकिन बरसात की उम्मीद कम ही है। जिस कारण न्यूनतम तापमान में कोई फर्क नहीं पड़ा। वहीं अधिकतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस तक कम हुआ है।
विदित रहे कि दिसंबर व जनवरी में अब तक बारिश न होने के कारण मौसम का मिजाज खेती के अनुकूल नहीं चल रहा है। विशेष रूप से गेहूं की फसल में इसका नुकसान हो रहा है। गेहूं को विकसित होने के लिए ज्यादा ठंड की आवश्यकता होती है। इस बार तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आ रही है। वीरवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहे जिससे शाम को कोहरा भी जल्दी छा गया। शाम के समय ठिठुरन भी बढ़ी।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि वीरवार को बादल तो छाए रहे लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होने के कारण बूंदाबांदी भी नहीं हो पाई। शुक्रवार को भी बरसात की उम्मीद कम ही हैं। कुछेक जगह हल्की बूंदाबांदी हो सकती है लेकिन बादल छाए रहेंगे। सोमवार को बादलों के कारण अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम 21.2 व न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा है। तापमान में गिरावट आना जरूरी है लेकिन ओवरऑल मौसम में आ रहे परिवर्तन के कारण इस बार ठंड कम ही है।
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विदित रहे कि दिसंबर व जनवरी में अब तक बारिश न होने के कारण मौसम का मिजाज खेती के अनुकूल नहीं चल रहा है। विशेष रूप से गेहूं की फसल में इसका नुकसान हो रहा है। गेहूं को विकसित होने के लिए ज्यादा ठंड की आवश्यकता होती है। इस बार तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आ रही है। वीरवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहे जिससे शाम को कोहरा भी जल्दी छा गया। शाम के समय ठिठुरन भी बढ़ी।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि वीरवार को बादल तो छाए रहे लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होने के कारण बूंदाबांदी भी नहीं हो पाई। शुक्रवार को भी बरसात की उम्मीद कम ही हैं। कुछेक जगह हल्की बूंदाबांदी हो सकती है लेकिन बादल छाए रहेंगे। सोमवार को बादलों के कारण अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम 21.2 व न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा है। तापमान में गिरावट आना जरूरी है लेकिन ओवरऑल मौसम में आ रहे परिवर्तन के कारण इस बार ठंड कम ही है।
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