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Kaithal News: श्रीकृष्ण की लीलाओं के दिव्य प्रसंग सुनाए
Sun, 30 Mar 2025 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 30 Mar 2025 01:30 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। श्री श्री 1008 योगीराज नागा बाबा महाराज की तपोस्थली डेरा नागा बाबा योग आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस पावन अवसर पर शनिवार को आचार्य गिरधारी भैय्या ने भगवान श्रीकृष्ण के विवाह की अद्भुत कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया।
इस दिव्य कथा में श्रोताओं को भगवान श्रीकृष्ण की महान लीलाओं का सजीव चित्रण सुनने को मिला। आचार्य गिरधारी भैय्या ने बताया कि भगवान ने शिशुपाल की 100 गलतियों को क्षमा कर अंततः उसे मोक्ष प्रदान किया। इस प्रसंग में भगवान की असीम दयालुता और न्याय प्रियता का संदेश दिया गया। कथा में कंस के उद्धार का वर्णन भी हुआ। इसमें बताया गया कि कैसे भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध कर धर्म की स्थापना की।
आचार्य ने माता कात्यायनी की पूजा की विधि को विस्तार से समझाया गया, जिससे श्रद्धालुजन देवी उपासना की महत्ता को आत्मसात कर सकें। कथा में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कुब्जा को सुंदर रूप प्रदान करने की लीला का भी विस्तार से वर्णन किया गया, जिससे यह संदेश मिला कि प्रभु के सान्निध्य से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। कथा में यह भी बताया गया कि कैसे भगवान श्रीकृष्ण ने बलशाली हाथी से युद्ध कर उसे पराजित किया और विजय प्राप्त की।
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सभी श्रद्धालु भावविभोर होकर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का रसपान कर रहे हैं। इस आयोजन में मुख्य यजमान दर्शन कुमार एवं कमलेश परिवार उपस्थित रहे। इनके साथ-साथ श्रद्धालु सुशील सिंगला, रमेश शास्त्री, कृष्ण कुमार गर्ग, तिलक चावला, भारत, नरेंद्र कंसल और रमेश कंसल सहित अनेक भक्तगण कथा श्रवण का पुण्य लाभ अर्जित करने पहुंचे।
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सीवन। श्री श्री 1008 योगीराज नागा बाबा महाराज की तपोस्थली डेरा नागा बाबा योग आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस पावन अवसर पर शनिवार को आचार्य गिरधारी भैय्या ने भगवान श्रीकृष्ण के विवाह की अद्भुत कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया।
इस दिव्य कथा में श्रोताओं को भगवान श्रीकृष्ण की महान लीलाओं का सजीव चित्रण सुनने को मिला। आचार्य गिरधारी भैय्या ने बताया कि भगवान ने शिशुपाल की 100 गलतियों को क्षमा कर अंततः उसे मोक्ष प्रदान किया। इस प्रसंग में भगवान की असीम दयालुता और न्याय प्रियता का संदेश दिया गया। कथा में कंस के उद्धार का वर्णन भी हुआ। इसमें बताया गया कि कैसे भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध कर धर्म की स्थापना की।
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आचार्य ने माता कात्यायनी की पूजा की विधि को विस्तार से समझाया गया, जिससे श्रद्धालुजन देवी उपासना की महत्ता को आत्मसात कर सकें। कथा में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कुब्जा को सुंदर रूप प्रदान करने की लीला का भी विस्तार से वर्णन किया गया, जिससे यह संदेश मिला कि प्रभु के सान्निध्य से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। कथा में यह भी बताया गया कि कैसे भगवान श्रीकृष्ण ने बलशाली हाथी से युद्ध कर उसे पराजित किया और विजय प्राप्त की।
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सभी श्रद्धालु भावविभोर होकर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का रसपान कर रहे हैं। इस आयोजन में मुख्य यजमान दर्शन कुमार एवं कमलेश परिवार उपस्थित रहे। इनके साथ-साथ श्रद्धालु सुशील सिंगला, रमेश शास्त्री, कृष्ण कुमार गर्ग, तिलक चावला, भारत, नरेंद्र कंसल और रमेश कंसल सहित अनेक भक्तगण कथा श्रवण का पुण्य लाभ अर्जित करने पहुंचे।