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नायब तहसीलदार की विधवा की विधवा 10 माह से काट रही है चक्कर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Apr 2016 11:39 PM IST
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- फोटो : ब्यूरो
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नायब तहसीलदार की विधवा की विधवा 10 माह से काट रही है चक्कर
कलायत। कलायत में कार्यरत नायब तहसीलदार सुरेंद्र सिंह की मृत्यु के पश्चात मिलने वाले सरकारी लाभ के लिए उनकी पत्नी व बच्चे विभाग के बार बार चक्कर लगाकर थक चुके हैं। अब आखिरकार उन्होंने सीएम विंडो में शिकायत कर जल्द से जल्द सरकारी लाभ देने की अपील की है।
तहसीलदार स्व. सुरेंद्र सिंह की पत्नी सुनीता देवी ने सीएम विंडो में दी शिकायत में कहा कि वह अंबाला जिले के बोह गांव की रहने वाली हैं तथा उसके पति सुरेंद्र सिंह कलायत में बतौर नायब तहसीलदार कार्यरत थे। 27 जून 2015 को उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि मृत्यु के पश्चात उन्हें सरकार की तरफ से जो लाभ मिलना था उसके लिए वे बार बार प्रशासन के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन सिवाय आश्वासन के उन्हें लाभ नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने बताया कि उनके पति की 300 दिन की छुट्टियों के पैसे व जेआईएस, ग्रेज्च्यूटी तथा लगभग 5 माह को वेतन सरकार द्वारा मंजूरी आने के बाद भी अभी तक नहीं मिला।
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उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार सरकारी कार्यों को जल्द से जल्द निपटाने के दावे कर रही है लेकिन उन्हें व उनके बच्चों को एक्सग्रेशिया के लिए जिला अंबाला से कैथल बार बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने सरकार व प्रशासन से उन्हें मिलने वाले सरकारी लाभ दिए जाने की अपील की।
कलायत। कलायत में कार्यरत नायब तहसीलदार सुरेंद्र सिंह की मृत्यु के पश्चात मिलने वाले सरकारी लाभ के लिए उनकी पत्नी व बच्चे विभाग के बार बार चक्कर लगाकर थक चुके हैं। अब आखिरकार उन्होंने सीएम विंडो में शिकायत कर जल्द से जल्द सरकारी लाभ देने की अपील की है।
तहसीलदार स्व. सुरेंद्र सिंह की पत्नी सुनीता देवी ने सीएम विंडो में दी शिकायत में कहा कि वह अंबाला जिले के बोह गांव की रहने वाली हैं तथा उसके पति सुरेंद्र सिंह कलायत में बतौर नायब तहसीलदार कार्यरत थे। 27 जून 2015 को उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि मृत्यु के पश्चात उन्हें सरकार की तरफ से जो लाभ मिलना था उसके लिए वे बार बार प्रशासन के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन सिवाय आश्वासन के उन्हें लाभ नहीं दिया जा रहा।
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उन्होंने बताया कि उनके पति की 300 दिन की छुट्टियों के पैसे व जेआईएस, ग्रेज्च्यूटी तथा लगभग 5 माह को वेतन सरकार द्वारा मंजूरी आने के बाद भी अभी तक नहीं मिला।
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उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार सरकारी कार्यों को जल्द से जल्द निपटाने के दावे कर रही है लेकिन उन्हें व उनके बच्चों को एक्सग्रेशिया के लिए जिला अंबाला से कैथल बार बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने सरकार व प्रशासन से उन्हें मिलने वाले सरकारी लाभ दिए जाने की अपील की।