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विधायक ने कहा -70 हजार रुपये रिश्वत लेकर जिला अस्पताल में आउटसोर्सिंग ठेकेदार रख रहा कर्मचारी, टेंडर रद्द किया जाए
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MLA said - employee keeping outsourcing contractor in district hospital by taking bribe of 70 thousand rupees, tender should be canceled
- फोटो : Kaithal
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में वीरवार को विधायक लीला राम ने कई योजनाओं के तहत संतोषजनक काम न होने पर अधिकारियों से नाराजगी जताई। शहर में खोद दी गई सड़कों पर तुरंत काम होने की बात कही। साथ ही जिला अस्पताल में आउटसोर्सिंग के ठेकेदार पर 70 हजार रुपये रिश्वत लेकर कर्मचारी रखने और बाद में उन्हें हटाकर शोषण करने की बात भी कही। सांसद और डीसी ने सीएमओ को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। विधायक गुहला ईश्वर सिंह ने भी कई योजनाओं का सही ढंग से लाभ न मिलने पर अधिकारियों से सवाल जवाब किए।
बैठक सांसद नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई। जिसमें केंद्र से जुड़ी 37 योजनाओं की समीक्षा सांसद नायब सैनी ने की। एक-एक करके योजनाओं की समीक्षा की गई। कई एजेंडों पर चर्चा करने के बाद सांसद नायब सैनी ने कृषि विभाग द्वारा आयोजित शिविरों की जानकारी मांगी तो संबंधित कर्मचारी जवाब नहीं दे पाए। इस पर डीसी ने उनसे कहा कि आप बैठक में क्या लेने आए हैं। तुरंत सूची उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। इसके बाद वन विभाग से जब पौधरोपण के बारे में पूछा गया तो कोई अधिकारी ही नहीं मिला। डीसी ने तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को बैठक में बुलाने के निर्देश दिए। इसके बाद स्वच्छ भारत मिशन में शौचालयों की स्थिति पर सांसद नायब सैनी ने कई सवाल किए। जब विधायक लीला राम को पता चला कि कैथल में 179 और राजौंद में 955 शौचालय बनाए जा रहे हैं तो उन्होंने पूछा कि राजौंद तो कैथल के अर्जुन नगर से भी छोटा शहर है। कैथल में काम कम क्यों। इस पर अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। प्रधानमंत्री आवास योजना में आए 16.68 करोड़ रुपये पूरे खर्च होने के बाद शेष लंबित मकानों को पूरा करने पर सांसद ने कई सवाल किए। साथ ही कहा कि इस योजना के तहत जो 65 फ्लैट दिए गए हैं, उन लोगों का पैसा वापस दिलवाने के लिए हाउसिंग बोर्ड के साथ समन्वय किया जाए।
विधायक ईश्वर सिंह ने गुहला क्षेत्र में समाज कल्याण विभाग की पेंशन बनने के लिए डॉक्टर न पहुंचने की बात कही तो डीसी ने आश्वासन दिया कि नियमानुसार इस दिशा में काम किया जाएगा। साथ ही विधायक गुहला ने किसी गांव के लिए आई ग्रांट को कल्लरमाजरा में खर्च करने का सवाल उठाया और जांच के निर्देश दिए।
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इसके बाद विधायक लीला राम ने अमृत योजना के तहत गलियां उखाड़ कर उन्हें ठीक न करने पर अधिकारियों की जमकर खिंचाई की। विधायक ने कहा कि कैथल सहित कई शहरों में यह समस्या है। यदि टेंडर में गलियां ठीक करवाने का प्रावधान है तो अधिकारी उसे तुरंत ठीक करवाएं। इस पर डीएमसी समवर्तक सिंह ने कहा कि वे इस संबंध में फीडबैक देंगे। इस पर विधायक लीला राम बोले-आप गलियां ठीक करवा दो। फीडबैक तो लोग अपने आप दे देंगे।
इसके बाद जिला अस्पताल में कोरोना में लगाए गए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के 8 माह से मानदेय पर विधायक लीला राम ने कहा कि क्यों नहीं इन कर्मचारियों का मानदेय दिया जा रहा। यह उनका शोषण नहीं तो आर क्या है। इसके साथ-साथ कहा कि एक आउटसोर्सिंग का ठेकेदार है, जो किसी की सुनता ही नहीं तो इसका टेंडर क्यों नहीं रद्द किया जाता। यह ठेकेदार 70 हजार रुपये लेकर कर्मचारी रखता है, उसके 70 हजार पूरे भी नहीं होते, उसे हटाकर दूसरे को रख लेता है। जो पूरी तरह से कर्मचारियों का शोषण है। इस पर सांसद व डीसी ने अधिकारियों को आवश्यक सुनवाई करने को कहा।
सीएससी सेंटरों को लेकर आए सवाल पर डीसी प्रदीप दहिया ने सांसद से कहा कि वे अलग से बात करेंगे। कुछ शिकायतें इस संबंध में आई हुई हैं। इसके बाद मार्केटिंग बोर्ड के सीईओ अजय श्योराण जैसे ही मंडी संबंधी योजना की जानकारी देने के लिए खड़े हुए तो विधायक लीला राम ने कहा कि इस विभाग के अधिकारियों की कई शिकायतें हैं, ये राइस मिलों में घूमते हैं, कार्यालय में कम मिलते हैं। खैर इस बात से उन्हें कोई मतलब नहीं हैं। जब कलायत, पूंडरी, गुहला-चीका व दूसरे शहरों मेें ऑक्सनरों का मानदेय दिया जा रहा है तो कैथल में क्यों नहीं। जो एशिया की सबसे बड़ी मंडी है। आप इसे बदनाम करना चाहते हो। डीसी ने डीएमईओ को शाम तक नियमानुसार भुगतान करने के निर्देश जारी किए। बैठक में न पहुंचने पर डीसी ने खादी बोर्ड के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश जारी किए।
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बैठक सांसद नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई। जिसमें केंद्र से जुड़ी 37 योजनाओं की समीक्षा सांसद नायब सैनी ने की। एक-एक करके योजनाओं की समीक्षा की गई। कई एजेंडों पर चर्चा करने के बाद सांसद नायब सैनी ने कृषि विभाग द्वारा आयोजित शिविरों की जानकारी मांगी तो संबंधित कर्मचारी जवाब नहीं दे पाए। इस पर डीसी ने उनसे कहा कि आप बैठक में क्या लेने आए हैं। तुरंत सूची उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। इसके बाद वन विभाग से जब पौधरोपण के बारे में पूछा गया तो कोई अधिकारी ही नहीं मिला। डीसी ने तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को बैठक में बुलाने के निर्देश दिए। इसके बाद स्वच्छ भारत मिशन में शौचालयों की स्थिति पर सांसद नायब सैनी ने कई सवाल किए। जब विधायक लीला राम को पता चला कि कैथल में 179 और राजौंद में 955 शौचालय बनाए जा रहे हैं तो उन्होंने पूछा कि राजौंद तो कैथल के अर्जुन नगर से भी छोटा शहर है। कैथल में काम कम क्यों। इस पर अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। प्रधानमंत्री आवास योजना में आए 16.68 करोड़ रुपये पूरे खर्च होने के बाद शेष लंबित मकानों को पूरा करने पर सांसद ने कई सवाल किए। साथ ही कहा कि इस योजना के तहत जो 65 फ्लैट दिए गए हैं, उन लोगों का पैसा वापस दिलवाने के लिए हाउसिंग बोर्ड के साथ समन्वय किया जाए।
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विधायक ईश्वर सिंह ने गुहला क्षेत्र में समाज कल्याण विभाग की पेंशन बनने के लिए डॉक्टर न पहुंचने की बात कही तो डीसी ने आश्वासन दिया कि नियमानुसार इस दिशा में काम किया जाएगा। साथ ही विधायक गुहला ने किसी गांव के लिए आई ग्रांट को कल्लरमाजरा में खर्च करने का सवाल उठाया और जांच के निर्देश दिए।
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इसके बाद विधायक लीला राम ने अमृत योजना के तहत गलियां उखाड़ कर उन्हें ठीक न करने पर अधिकारियों की जमकर खिंचाई की। विधायक ने कहा कि कैथल सहित कई शहरों में यह समस्या है। यदि टेंडर में गलियां ठीक करवाने का प्रावधान है तो अधिकारी उसे तुरंत ठीक करवाएं। इस पर डीएमसी समवर्तक सिंह ने कहा कि वे इस संबंध में फीडबैक देंगे। इस पर विधायक लीला राम बोले-आप गलियां ठीक करवा दो। फीडबैक तो लोग अपने आप दे देंगे।
इसके बाद जिला अस्पताल में कोरोना में लगाए गए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के 8 माह से मानदेय पर विधायक लीला राम ने कहा कि क्यों नहीं इन कर्मचारियों का मानदेय दिया जा रहा। यह उनका शोषण नहीं तो आर क्या है। इसके साथ-साथ कहा कि एक आउटसोर्सिंग का ठेकेदार है, जो किसी की सुनता ही नहीं तो इसका टेंडर क्यों नहीं रद्द किया जाता। यह ठेकेदार 70 हजार रुपये लेकर कर्मचारी रखता है, उसके 70 हजार पूरे भी नहीं होते, उसे हटाकर दूसरे को रख लेता है। जो पूरी तरह से कर्मचारियों का शोषण है। इस पर सांसद व डीसी ने अधिकारियों को आवश्यक सुनवाई करने को कहा।
सीएससी सेंटरों को लेकर आए सवाल पर डीसी प्रदीप दहिया ने सांसद से कहा कि वे अलग से बात करेंगे। कुछ शिकायतें इस संबंध में आई हुई हैं। इसके बाद मार्केटिंग बोर्ड के सीईओ अजय श्योराण जैसे ही मंडी संबंधी योजना की जानकारी देने के लिए खड़े हुए तो विधायक लीला राम ने कहा कि इस विभाग के अधिकारियों की कई शिकायतें हैं, ये राइस मिलों में घूमते हैं, कार्यालय में कम मिलते हैं। खैर इस बात से उन्हें कोई मतलब नहीं हैं। जब कलायत, पूंडरी, गुहला-चीका व दूसरे शहरों मेें ऑक्सनरों का मानदेय दिया जा रहा है तो कैथल में क्यों नहीं। जो एशिया की सबसे बड़ी मंडी है। आप इसे बदनाम करना चाहते हो। डीसी ने डीएमईओ को शाम तक नियमानुसार भुगतान करने के निर्देश जारी किए। बैठक में न पहुंचने पर डीसी ने खादी बोर्ड के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश जारी किए।