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Kaithal News: मिड डे मील का बढ़ा बजट और पौष्टिक मिलेगा आहार
Wed, 11 Dec 2024 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 11 Dec 2024 01:49 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। केंद्र सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मिड डे मील की योजना में अब पौष्टिक तत्व बढ़ाए जाएंगे। अब शिक्षा विभाग ने प्रतिदिन के हिसाब से प्रति विद्यार्थी की डाइट का खर्च 1.29 रुपये तक बढ़ा दिया है। यह बढ़ोत्तरी पीएम पोषण के तहत मध्याह्न भोजन के लिए खरीदी जाने वाली सामग्री लागत में की गई है। यह फैसला विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन देने के उद्देश्य से लागत को बढ़ाया गया है।
नई लागत के अनुसार प्रति विद्यार्थी प्राइमरी स्कूलों के लिए 5.45 रुपये से बढ़ाकर 6.74 रुपये कर दिया गया है। वहीं, छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रतिदिन 8.17 रुपये से बढ़ाकर 9.46 रुपये डाइट खर्च किया गया है। यह लागत केंद्र और राज्य सरकार दोनों की ओर से 60-40 के अनुपात में वहन की जाएगी। जिले में राजकीय स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन खाने के लिए दिया जाता है।
इस योजना को लाने का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को स्कूल में ही पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन देना और उनकी स्वस्थ दिनचर्या का ध्यान रखना है। योजना के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को रोजाना अलग-अलग प्रकार का भोजन परोसा जाता है। इसमें राजमा चावल, पूरी, पकौड़ी, हलवा, काला चना, पराठा, मीठी दलिया, सोया पुरी से लेकर फल व दूध जैसे पौष्टिक आहार शामिल हैं।
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सर्दी का मौसम आने के बाद विद्यार्थियों के भोजन में बदलाव किया जाता है। सर्दियों के मौसम में विद्यार्थियों को मोटे अनाज से बने पकवान परोसे जाते हैं।
राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को दोपहर के समय मिड डे मील परोसा जाता है, जिसकी लागत सामग्री में बढ़ोतरी की गई है। इससे विद्यार्थियों को और पौष्टिक भोजन परोसा जा सकेगा। सर्दियों के मौसम को देखते हुए इस समय स्कूलों में मोटे अनाज के व्यंजन विद्यार्थियों को दिए जाते हैं, ताकि संतुलित आहार से उनकी सेहत बनी रहे।
- सरोज कुमारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, कैथल।
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कैथल। केंद्र सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मिड डे मील की योजना में अब पौष्टिक तत्व बढ़ाए जाएंगे। अब शिक्षा विभाग ने प्रतिदिन के हिसाब से प्रति विद्यार्थी की डाइट का खर्च 1.29 रुपये तक बढ़ा दिया है। यह बढ़ोत्तरी पीएम पोषण के तहत मध्याह्न भोजन के लिए खरीदी जाने वाली सामग्री लागत में की गई है। यह फैसला विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन देने के उद्देश्य से लागत को बढ़ाया गया है।
नई लागत के अनुसार प्रति विद्यार्थी प्राइमरी स्कूलों के लिए 5.45 रुपये से बढ़ाकर 6.74 रुपये कर दिया गया है। वहीं, छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रतिदिन 8.17 रुपये से बढ़ाकर 9.46 रुपये डाइट खर्च किया गया है। यह लागत केंद्र और राज्य सरकार दोनों की ओर से 60-40 के अनुपात में वहन की जाएगी। जिले में राजकीय स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन खाने के लिए दिया जाता है।
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इस योजना को लाने का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को स्कूल में ही पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन देना और उनकी स्वस्थ दिनचर्या का ध्यान रखना है। योजना के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को रोजाना अलग-अलग प्रकार का भोजन परोसा जाता है। इसमें राजमा चावल, पूरी, पकौड़ी, हलवा, काला चना, पराठा, मीठी दलिया, सोया पुरी से लेकर फल व दूध जैसे पौष्टिक आहार शामिल हैं।
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सर्दी का मौसम आने के बाद विद्यार्थियों के भोजन में बदलाव किया जाता है। सर्दियों के मौसम में विद्यार्थियों को मोटे अनाज से बने पकवान परोसे जाते हैं।
राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को दोपहर के समय मिड डे मील परोसा जाता है, जिसकी लागत सामग्री में बढ़ोतरी की गई है। इससे विद्यार्थियों को और पौष्टिक भोजन परोसा जा सकेगा। सर्दियों के मौसम को देखते हुए इस समय स्कूलों में मोटे अनाज के व्यंजन विद्यार्थियों को दिए जाते हैं, ताकि संतुलित आहार से उनकी सेहत बनी रहे।
- सरोज कुमारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, कैथल।