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Kaithal News: ठोस कचरा प्रबंधन बैठक मेंं नगर पालिका व डोर टू डोर सफाई एजेंसी की भारी अनियमितताएं हुईं उजागर
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कलायत नगरपालिका में ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर आयोजित बैठक। संवाद
- फोटो : 1
कलायत। स्वच्छता सर्वेक्षण के बीच कलायत नगर पालिका में ठोस कचरा प्रबंधन मेें व्याप्त अनियमितताओं व अव्यवस्था के लिए पार्षदों के साथ-साथ शहर के लोगों में रोष है। डोर टू डोर सफाई के साथ-साथ स्वच्छता से जुड़े विभिन्न पहलुओं के लिए नगर पालिका जन प्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे डोर टू डोर सफाई वाहनों की स्थिति नाजुक है। कचरा डंपिंग यार्ड के अंदर कम और बाहर हरे-भरे खेतों में पॉलिथीन व दूसरा कचरा दूर-दूर तक फैला है। इन हालातों में शहर को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने के लिए ठोस सबसे पहले कचरा प्रबंधन रूल 2026 पर खुद नगर पालिका व एजेंसी को खरा उतरने की जरूरत है।
महिलाओं, बुजुर्गों व दिव्यांगों को कचरा वाहन में कचरा डालने में आ रही दिक्कत
पार्षदों ने कहा कि वाहन मेंं कचरा डालने की जिम्मेदारी कर्मियों की बनती है लेकिन एजेंसी के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। बुजुर्गों, महिलाओं व दिव्यांगजनों को परेशानी से जूझते हुए घर का कचरा मुश्किल से वाहनों में डालना पड़ता है। स्वच्छता के तहत शहरवासियों को अपने घरों और दुकानों का कचरा चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर ही डस्टबिन में डालने के निर्देश दिए जा रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों और गलत जगह कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है। उन्होंनें केंद्र व राज्य सरकार से विशेष अधिकारी की नियुक्ति करते हुए डोर टू डोर कार्य के साथ-साथ स्वच्छता से जुड़े हर बिंदु की जांच करने की मांग की।
अधिकारियों ने इस प्रकार सफाई रखने के दिए सुझाव
सफाई सुपरवाइजर सोमप्रकाश शर्मा व स्वच्छ भारत मिशन संयोजक सुरेश ने बताया कि पालिका सचिव की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कचरे के सही निपटान के लिए चार रंग के डिब्बों का निर्धारण किया गया है। इसके तहत हरे डिब्बे में रसोई का बचा भोजन, फल-सब्जियों के छिलके, चाय पत्ती और पत्तियां डाली जाएंगी जिससे खाद बनाई जाएगी। सूखे कचरे के लिए नीला डिब्बा रखा जाए। इसमें कागज, कार्ड बोर्ड, प्लास्टिक, कांच की बोतलें, कपड़े और पैकेजिंग सामग्री रखी जाएगी। इसे रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। हानिकारक कचरे को लाल डिब्बे मेंं डाला जाए। इसमें सेनेटरी पैड, डायपर, गंदे कपड़े, टिशू, मास्क और ग्लव्स जैसी घरेलू खतरनाक वस्तुएं रखी जाएंगी। जबकि
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काला डिब्बा में इसमें बैटरी, बल्ब, दवाइयां, कीटनाशक और ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरा) डाला जाएगा। आमजन के लिए मुख्य निर्देश हैं कि कचरे को हमेशा निर्धारित समय पर ही डस्टबिन या कलेक्शन पॉइंट पर डालें। कचरे को सडक़, नाली, खाली प्लॉट या जल स्रोतों में बिल्कुल न फेंकें।
नगर पालिका सचिव बोले नियमों की पालना न करने पर लगेगा जुर्माना
नगर पालिका सचिव पवन कुमार ने कहा कि कचरे को खुले में न जलाएं। इससे प्रदूषण और बीमारियां फैलता हैं। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर न केवल आर्थिक जुर्माना बढ़ाया जाएगा बल्कि उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। प्रशासन ने सभी नागरिकों से स्वच्छ कलायत, सुंदर कलायत, स्वस्थ कलायत के संकल्प को पूरा करने की अपील की है।
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महिलाओं, बुजुर्गों व दिव्यांगों को कचरा वाहन में कचरा डालने में आ रही दिक्कत
पार्षदों ने कहा कि वाहन मेंं कचरा डालने की जिम्मेदारी कर्मियों की बनती है लेकिन एजेंसी के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। बुजुर्गों, महिलाओं व दिव्यांगजनों को परेशानी से जूझते हुए घर का कचरा मुश्किल से वाहनों में डालना पड़ता है। स्वच्छता के तहत शहरवासियों को अपने घरों और दुकानों का कचरा चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर ही डस्टबिन में डालने के निर्देश दिए जा रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों और गलत जगह कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है। उन्होंनें केंद्र व राज्य सरकार से विशेष अधिकारी की नियुक्ति करते हुए डोर टू डोर कार्य के साथ-साथ स्वच्छता से जुड़े हर बिंदु की जांच करने की मांग की।
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अधिकारियों ने इस प्रकार सफाई रखने के दिए सुझाव
सफाई सुपरवाइजर सोमप्रकाश शर्मा व स्वच्छ भारत मिशन संयोजक सुरेश ने बताया कि पालिका सचिव की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कचरे के सही निपटान के लिए चार रंग के डिब्बों का निर्धारण किया गया है। इसके तहत हरे डिब्बे में रसोई का बचा भोजन, फल-सब्जियों के छिलके, चाय पत्ती और पत्तियां डाली जाएंगी जिससे खाद बनाई जाएगी। सूखे कचरे के लिए नीला डिब्बा रखा जाए। इसमें कागज, कार्ड बोर्ड, प्लास्टिक, कांच की बोतलें, कपड़े और पैकेजिंग सामग्री रखी जाएगी। इसे रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। हानिकारक कचरे को लाल डिब्बे मेंं डाला जाए। इसमें सेनेटरी पैड, डायपर, गंदे कपड़े, टिशू, मास्क और ग्लव्स जैसी घरेलू खतरनाक वस्तुएं रखी जाएंगी। जबकि
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काला डिब्बा में इसमें बैटरी, बल्ब, दवाइयां, कीटनाशक और ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरा) डाला जाएगा। आमजन के लिए मुख्य निर्देश हैं कि कचरे को हमेशा निर्धारित समय पर ही डस्टबिन या कलेक्शन पॉइंट पर डालें। कचरे को सडक़, नाली, खाली प्लॉट या जल स्रोतों में बिल्कुल न फेंकें।
नगर पालिका सचिव बोले नियमों की पालना न करने पर लगेगा जुर्माना
नगर पालिका सचिव पवन कुमार ने कहा कि कचरे को खुले में न जलाएं। इससे प्रदूषण और बीमारियां फैलता हैं। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर न केवल आर्थिक जुर्माना बढ़ाया जाएगा बल्कि उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। प्रशासन ने सभी नागरिकों से स्वच्छ कलायत, सुंदर कलायत, स्वस्थ कलायत के संकल्प को पूरा करने की अपील की है।

कलायत नगरपालिका में ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर आयोजित बैठक। संवाद- फोटो : 1