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Kaithal News: गोकुल सिंह का शहीदी दिवस मनाया
Thu, 02 Jan 2025 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 02 Jan 2025 01:22 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। संत धन्ना जाट गुरुधाम फाउंडेशन ने बुधवार को जाट शिक्षण संस्थान में गोकुल सिंह जाट का शहीदी दिवस मनाया। जाट काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. दिनेश ढिल्लों ने बताया कि गोकुल सिंह जाट तिलपत गांव के सरदार थे। 10 मई 1666 को जाटों व औरंगजेब की सेना में तिलपत में लड़ाई हुई। लड़ाई में जाटों की विजय हुई।
मुगल शासन ने इस्लाम धर्म को बढ़ावा दिया और किसानों पर कर बढ़ा दिया। वीर गोकुल जाट ने किसानों को संगठित किया और कर जमा करने से मना कर दिया और औरंगजेब के खिलाफ विद्रोह छेड़ दिया। औरंगजेब ने अपने कुछ सेनापतियों के साथ शक्तिशाली सेना भेजी।
जाटों और मुगलों में युद्ध हुआ। युद्ध में जाटों की विजय हुई परंतु युद्ध हारने के बाद औरंगजेब खुद सेना लेकर चल दिया और गोकुला और उनके साथियों को बंधी बनाने के लिए बहुत बड़ी सेना भेजी। वीर गोकुल जाट को बंदी बना लिया गया और एक जनवरी 1670 को आगरा के किले पर जनता को आतंकित करने के लिए टुकड़े-टुकड़े कर शहीद कर दिए।
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इस अवसर पर डॉ. राजेश बनवाला, डाॅ. कर्मवीर चहल, प्रो. लाभ सिंह, प्रो. सुशील कुमार आदि मौजूद रहे।
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कैथल। संत धन्ना जाट गुरुधाम फाउंडेशन ने बुधवार को जाट शिक्षण संस्थान में गोकुल सिंह जाट का शहीदी दिवस मनाया। जाट काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. दिनेश ढिल्लों ने बताया कि गोकुल सिंह जाट तिलपत गांव के सरदार थे। 10 मई 1666 को जाटों व औरंगजेब की सेना में तिलपत में लड़ाई हुई। लड़ाई में जाटों की विजय हुई।
मुगल शासन ने इस्लाम धर्म को बढ़ावा दिया और किसानों पर कर बढ़ा दिया। वीर गोकुल जाट ने किसानों को संगठित किया और कर जमा करने से मना कर दिया और औरंगजेब के खिलाफ विद्रोह छेड़ दिया। औरंगजेब ने अपने कुछ सेनापतियों के साथ शक्तिशाली सेना भेजी।
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जाटों और मुगलों में युद्ध हुआ। युद्ध में जाटों की विजय हुई परंतु युद्ध हारने के बाद औरंगजेब खुद सेना लेकर चल दिया और गोकुला और उनके साथियों को बंधी बनाने के लिए बहुत बड़ी सेना भेजी। वीर गोकुल जाट को बंदी बना लिया गया और एक जनवरी 1670 को आगरा के किले पर जनता को आतंकित करने के लिए टुकड़े-टुकड़े कर शहीद कर दिए।
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इस अवसर पर डॉ. राजेश बनवाला, डाॅ. कर्मवीर चहल, प्रो. लाभ सिंह, प्रो. सुशील कुमार आदि मौजूद रहे।