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भगवान शिव-पार्वती के विवाह की प्रतीक है महाशिवरात्रि : राम भगत
Mon, 16 Feb 2026 02:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 16 Feb 2026 02:49 AM IST
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शिव मंदिर में जलाभिषेक करते हुए श्रद्धालु
राजौंद।
महाशिवरात्रि पर कस्बे के के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उन्होंने सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही भक्तजन मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं बेलपत्र अर्पित किए और सुख-समृद्धि की कामना की। सनातन धर्म सेवा समिति के सदस्य व आचार्य राम भगत हरित ने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह का प्रतीक है। इस दिन व्रत, उपवास और रात्रि जागरण का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालुओं ने पूरे दिन व्रत रखकर रात्रि में भजन-कीर्तन और शिव चालीसा पाठ में भाग लिया। कई स्थानों पर रुद्राभिषेक और हवन यज्ञ का आयोजन भी किया गया।
इस अवसर पर सनातन धर्म सेवा समिति द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गईं। समिति के प्रधान देवेंद्र बनोट, सदस्य राजेश भाखड़ी , मनीराम शर्मा, सतपाल मित्तल, सतपाल सहित अन्य सदस्यों ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद, चाय एवं शीतल जल की व्यवस्था संभाली। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करते हैं। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन भी मुस्तैद नजर आया। इस मौके पर नरेन्द्र, सुमित, विनोद, चंदन, रवि, हर्ष मौजूद रहे। संवाद
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महाशिवरात्रि पर कस्बे के के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उन्होंने सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही भक्तजन मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं बेलपत्र अर्पित किए और सुख-समृद्धि की कामना की। सनातन धर्म सेवा समिति के सदस्य व आचार्य राम भगत हरित ने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह का प्रतीक है। इस दिन व्रत, उपवास और रात्रि जागरण का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालुओं ने पूरे दिन व्रत रखकर रात्रि में भजन-कीर्तन और शिव चालीसा पाठ में भाग लिया। कई स्थानों पर रुद्राभिषेक और हवन यज्ञ का आयोजन भी किया गया।
इस अवसर पर सनातन धर्म सेवा समिति द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गईं। समिति के प्रधान देवेंद्र बनोट, सदस्य राजेश भाखड़ी , मनीराम शर्मा, सतपाल मित्तल, सतपाल सहित अन्य सदस्यों ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद, चाय एवं शीतल जल की व्यवस्था संभाली। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करते हैं। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन भी मुस्तैद नजर आया। इस मौके पर नरेन्द्र, सुमित, विनोद, चंदन, रवि, हर्ष मौजूद रहे। संवाद
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