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Kaithal News: भगवान हनुमान के स्वरुप धारण करे युवाओं ने शहर में की दंडवत परिक्रमा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Oct 2024 03:12 AM IST
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Lord Hanuman's forms were celebrated in the city
कैथल। दशहरा पर्व पर शनिवार को भगवान हनुमान के स्वरूपों ने दंडवत परिक्रमा की। इसके साथ ही पूजा करने वाली समितियों की ओर से घर-घर जाकर फेरी निकाली। दशहरा के दिन लोग भगवान हनुमान के स्वरूपों को अपने घरों में निमंत्रण देकर उनकी पूजा-अर्चना करते हैं और प्रसाद वितरित करते हैं। शनिवार को भी शहर में विभिन्न समितियों के सदस्यों ने शहर में भगवान हनुमान का स्वरूप धारण कर परिक्रमा की।
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इसके तहत शहर के लोगों ने भी हनुमान जी का आशीर्वाद लिया। ढोल की थाप पर हनुमान जी का स्वरूप धारण करे युवा भगवान राम की मस्ती में खूब झूमे। शहर में करीब 50 वर्ष पहले इस परंपरा को शुरू किया था। शहर में प्रताप गेट स्थित श्री हनुमान सेवा समिति सबसे अधिक पुरानी है। इस समिति की शुरुआत बिल्ला भगत ने की थी। दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में हर वर्ष शहर में 25 से अधिक समितियां भगवान हनुमान के चलिया व्रत के नियम का पालन करती हैं।
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यह है हनुमान स्वरूपों के चलिया का इतिहास
समिति के सदस्य कमल मक्कड़ ने बताया कि आजादी से पहले पाकिस्तान में लैय्या समाज जो पंजाबी समुदाय से संबंध रखते हैं। उन्होंने दशहरा पर भगवान हनुमान के स्वरूप धारण करने की परंपरा शुरू की थी। इस परंपरा का निर्वहन मन्नत पूरी होने पर किया जाता था। जब आजादी के बाद भारत-पाकिस्तान का बंटवारा हुआ तो इस समुदाय के लोग भगवान हनुमान के इन स्वरूपों को पानीपत में साथ लेकर आए थे।
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इसके बाद सबसे पहले पानीपत और फिर बाद में कैथल व करनाल में यह परंपरा निभाई जाने लगी। गौरतलब है कि इस यात्रा में समितियों के वह युवा हिस्सा लेते हैं, जो दशहरे से पहले 41 या 21 दिन तक ब्रह्मचर्य धारण कर घर और व्यवसाय त्यागकर व्रत रखते हैं।
अंतिम दिन भंडारा होता है। स्वरूप धारण करने वाले युवा शहर की परिक्रमा पूरी करने के बाद अंत में स्वरूप रावण के पुतले पर सोटा मारते हैं। इसके बाद यह प्रक्रिया समाप्त होती है। दशहरा के बाद हनुमान स्वरूपों का हरिद्वार में गंगा जी में विसर्जन करने जाते हैं। इसके बाद वापस आकर भंडारे का आयोजन कर व्रत खोलते हैं।


डेरा शीतलपुरी में भी किया ध्वजा पूजन का कार्यक्रम

कार्यक्रम के तहत दोपहर के समय लगाया विशाल भंडारा

कैथल। दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में शनिवार को कुरुक्षेत्र गोशाला के समीप स्थित डेरा शीतलपुरी में भी ध्वजा पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम के तहत सुबह के समय हवन यज्ञ किया गया। इसके बाद कन्याओं और ब्राह्मणों का पूजन किया। इस पूजन के बाद दोपहर के समय विशाल भंडारा लगाया गया। इस भंडारे में शहरभर से आए सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर डेरा शीतलपुरी के महंत निरंजन पुरी ने बताया कि दशहरा पर्व पर हर वर्ष डेरे में ध्वजा पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस कार्यक्रम में शहर से कई गणमान्य लोग पहुंचते हैं। शनिवार को भी कार्यक्रम में तहत हवन कर भंडारा लगाया गया था। इस मौके पर डेरा सूरजकुंड के महंत रमनपुरी आदि मौजूद थे।
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