{"_id":"6a0e07cb37d13c48c80bc52a","slug":"long-queues-for-prescription-medicines-at-civil-hospital-kaithal-news-c-245-1-kn11005-149657-2026-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: नागरिक अस्पताल में पर्ची दवा के लिए लंबी कतारें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: नागरिक अस्पताल में पर्ची दवा के लिए लंबी कतारें
Thu, 21 May 2026 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 21 May 2026 12:43 AM IST
विज्ञापन
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को पर्ची बनवाने और दवाइयां लेने के लिए लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से ही अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ने लगती है, जिससे पर्ची काउंटर और दवा वितरण केंद्रों के बाहर लंबी लाइनें लग जाती हैं। भीषण गर्मी के बीच मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है।
मरीजों का कहना है कि एक पर्ची बनवाने में करीब पांच मिनट तक का समय लग जाता है। ऐसे में लंबी कतारों में खड़े लोगों का इंतजार लगातार बढ़ता जाता है। अस्पताल पहुंचे बुजुर्ग रामफल ने बताया कि वह सुबह जल्दी अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन पर्ची बनवाने के लिए लंबी लाइन लगी मिली। अधिक उम्र होने के कारण लंबे समय तक खड़ा रहना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि एक लाइन खत्म होने के बाद दवाइयां लेने के लिए दूसरी कतार में लगना पड़ता है।
सोंगल गांव से आए बुजुर्ग सुरेश
कुमार ने बताया कि उनका आधा समय लाइन में ही निकल जाता है। गर्मी में लंबे समय तक खड़े रहना और भी मुश्किल हो जाता है। संवाद
विज्ञापन
मरीजों का कहना है कि एक पर्ची बनवाने में करीब पांच मिनट तक का समय लग जाता है। ऐसे में लंबी कतारों में खड़े लोगों का इंतजार लगातार बढ़ता जाता है। अस्पताल पहुंचे बुजुर्ग रामफल ने बताया कि वह सुबह जल्दी अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन पर्ची बनवाने के लिए लंबी लाइन लगी मिली। अधिक उम्र होने के कारण लंबे समय तक खड़ा रहना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि एक लाइन खत्म होने के बाद दवाइयां लेने के लिए दूसरी कतार में लगना पड़ता है।
विज्ञापन
सोंगल गांव से आए बुजुर्ग सुरेश
कुमार ने बताया कि उनका आधा समय लाइन में ही निकल जाता है। गर्मी में लंबे समय तक खड़े रहना और भी मुश्किल हो जाता है। संवाद