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हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास
सार
पुलिस ने 18 नवंबर 2018 को इस मामले में गांव पबनावा निवासी बलबीर की शिकायत पर केस दर्ज किया था। जिसमें उसने बताया था कि वह खेतीबाड़ी का काम करता है। उसकी पत्नी की पहले किन्हीं कारणों से मृत्यु हो चुकी है। उसके तीन लड़के हैं।
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सजा
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विस्तार
हत्या के एक मामले में दो व्यक्तियों को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
घटनाक्रम के अनुसार पुलिस ने 18 नवंबर 2018 को इस मामले में गांव पबनावा निवासी बलबीर की शिकायत पर केस दर्ज किया था। जिसमें उसने बताया था कि वह खेतीबाड़ी का काम करता है। उसकी पत्नी की पहले किन्हीं कारणों से मृत्यु हो चुकी है। उसके तीन लड़के हैं। बड़ा बेटा रजत शादीशुदा और विपिन व सावन अविवाहित हैं। उसका बेटा विपिन मजदूरी करता था। उसके बेटे की गांव के ही विपुल और विकास युवकों के साथ रंजिश थी। जो उसके बेटे का रास्ता रोक लेते थे। कई बार उसके साथ मारपीट भी की।
17 नवंबर 2018 को उसका बेटा विपिन उसके साले के लड़के मनीष के साथ घर से बाहर किसी काम के लिए चला गया। इसके बाद आरोपी विपुल व विकास ने उसके बेटे पर तेजधार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। इसके बाद वह मौके पर पहुंचा तो उसका बेटा विपिन बेहोशी की हालत में मिला। इसके बाद उसे सरकारी अस्पताल कुरुक्षेत्र में ले गए। जहां उसे रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान उसके बेटे की मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामले में आरोपी विपुल और विकास के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्ज किया था। सरकारी वकील सुरजीत कुमार आर्य ने बताया कि तभी से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। जिसमें सुनवाई करते हुए मंगलवार को न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया और दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास सहित 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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घटनाक्रम के अनुसार पुलिस ने 18 नवंबर 2018 को इस मामले में गांव पबनावा निवासी बलबीर की शिकायत पर केस दर्ज किया था। जिसमें उसने बताया था कि वह खेतीबाड़ी का काम करता है। उसकी पत्नी की पहले किन्हीं कारणों से मृत्यु हो चुकी है। उसके तीन लड़के हैं। बड़ा बेटा रजत शादीशुदा और विपिन व सावन अविवाहित हैं। उसका बेटा विपिन मजदूरी करता था। उसके बेटे की गांव के ही विपुल और विकास युवकों के साथ रंजिश थी। जो उसके बेटे का रास्ता रोक लेते थे। कई बार उसके साथ मारपीट भी की।
17 नवंबर 2018 को उसका बेटा विपिन उसके साले के लड़के मनीष के साथ घर से बाहर किसी काम के लिए चला गया। इसके बाद आरोपी विपुल व विकास ने उसके बेटे पर तेजधार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। इसके बाद वह मौके पर पहुंचा तो उसका बेटा विपिन बेहोशी की हालत में मिला। इसके बाद उसे सरकारी अस्पताल कुरुक्षेत्र में ले गए। जहां उसे रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान उसके बेटे की मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामले में आरोपी विपुल और विकास के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्ज किया था। सरकारी वकील सुरजीत कुमार आर्य ने बताया कि तभी से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। जिसमें सुनवाई करते हुए मंगलवार को न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया और दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास सहित 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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