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Kisan Andolan: टटियाना बॉर्डर 37 दिनों के बाद खुला, लोगों को मिलेगी राहत
Mon, 18 Mar 2024 10:40 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, गुहला-चीका, कैथल (हरियाणा)।
संवाद न्यूज एजेंसी, गुहला-चीका, कैथल (हरियाणा)।
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 18 Mar 2024 10:40 PM IST
सार
37 दिनों के बाद टटियाना बॉर्डर खुला है। लोगों को राहत मिलेगी। प्रशासन ने पुल के एक तरफ से रास्ता खोला है। लोगों ने मुख्यमंत्री नायब सैनी का आभार जताया है।
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वापस लौटते अर्धसैनिक बल के जवान।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा के कैथल में किसान आंदोलन के चलते बंद किए गए संगतपुरा व गुहला में टटियाना बॉर्डर पर स्थित घग्गर के पुल को सोमवार को 37 दिनों के बाद खोल दिया गया है। घग्गर नदी के पुल की अभी एक तरफ से खोला गया है। उससे इस रास्ते से हलके वाहनों का आवागमन हो सकेगा।
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बॉर्डर खुलवाने के लिए घग्गर नदी पर पहुंचे हलका विधायक ईश्वर सिंह ने बताया कि इस मार्ग को खुलवाने के लिए उन्होंने प्रदेश के गृह सचिव व पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर से बात की थी और जनता को आ रही परेशानियों से अवगत करवाया था। विधायक ने बताया कि बार्डर बंद होने से जहां वाहन चालकों को परेशानी हो रही थी।
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वहीं, इलाज के लिए पटियाला व चंडीगढ़ जाने वाले लोगों को भी दिक्कत पेश आती थी। इसके अलावा बार्डर बंद होने से चीका में व्यापार भी प्रभावित हो रहा था। बाॅर्डर खोले जाने की सूचना जैसी ही चीका शहर में पहुंची तो लोगों की खुशी का ठिकाना ना रहा।
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बाॅर्डर को खोले जाने पर चीका वासी अशोक गर्ग, संजीव जिंदल, मनोज मित्तल, पवन कुमार ने मुख्यमंत्री नायब सैनी का आभार जताया है। कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी इस क्षेत्र से सांसद रहे हैं और वे गुहला-चीका क्षेत्र के लोगों के लिए टटियाना बार्डर के महत्व को अच्छी तरह से समझते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री बनने के मात्र एक सप्ताह के अंदर बार्डर खुलवाकर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गुहला व आसपास के लोगों को बड़ी राहत दी है।
गौरतलब है कि किसान आंदोलन के चलते 11 फरवरी को टटियाना बार्डर पर स्थित घग्गर नदी के पुल को कंटेनर व बड़े-बड़े पत्थरों से बंद कर वहां पर आईटीबीपी व पुलिस के जवान तैनात कर दिए थे। पुल को सिर्फ पैदल ही पार कर एक दूसरे प्रदेश में प्रवेश किया जा सकता था। अब 37 दिनों बाद पुल के खोले जाने से सभी ने राहत की सांस ली है।