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Kaithal News: निर्माण की बाट जोह रहा कैथल-पटियाला मार्ग
Mon, 18 Mar 2024 03:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 18 Mar 2024 03:03 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कैथल-पटियाला फोरलेन मार्ग का निर्माण कार्य बीते करीब एक वर्ष से निर्माण की बाट जोह रहा है। वन विभाग व अन्य विभागों से एनओसी नहीं मिलने के कारण कैथल-पटियाला फोरलेनिंग मार्ग का कार्य लटका पड़ा है। इस मार्ग को फोरलेन बनाने की घोषणा करीब एक साल पहले की गई थी, लेकिन पेड़ों की कटाई नहीं होने के कारण जिले की यह बड़ी विकास योजना लंबित पड़ी है। 65 किलोमीटर लंबे इस मार्ग की फोरलेनिंग करीब 129 करोड़ रुपये से होनी है। मार्ग पर दिन-ब-दिन वाहनों की आवाजाही बढ़ रही है। ऐसे में वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यह मार्ग पंजाब और हरियाणा को जोडऩे वाले प्रमुख मार्गों में से एक है। जिले के करीब 150 गांवों के लोगों की पंजाब में आवाजाही इसी मार्ग से होती है। रोजाना हजारों की संख्या में वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन घोषणा व काफी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद इस मार्ग का कार्य शुरू नहीं हो रहा है। पेड़-पौधों पर बिजली एवं पेयजल की लाइनों को नहीं हटाने के कारण भी मार्ग निर्माण में बाधाएं आ रही हैं।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में सभी विभागों के अधिकारियों से पत्राचार किया हुआ है, लेकिन अभी तक दूसरे विभागों का कार्य नहीं हो पाया है। जैसे ही वन व जनस्वास्थ्य विभाग के कार्य पूरे होंगे और बिजली की लाइनें हटेंगी तभी इस पर कार्य शुरू होगा। अगर यह मार्ग फोरलेन होता है तो हादसों की संभावनाएं भी कम होंगी।
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लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता वरुण कंसल ने बताया कि मार्ग को फोरलेन बनाने के कार्य को स्वीकृति मिल चुकी है। केंद्र सरकार की ओर से इसके लिए 129 करोड़ रुपये का एस्टीमेट स्वीकृत किया गया है। अब मार्ग के निर्माण में पेड़, बिजली व पानी की लाइनें बाधा बन रही हैं। इसे लेकर संबंधित विभागों से बातचीत की गई है। जैसे ही ये कार्य होंगे, उसके साथ ही मार्ग की फोरलेनिंग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
दूसरी ओर वन मंडल अधिकारी रविंद्र धनखड़ ने कहा कि पेड़ों को हटवाने के लिए लोक निर्माण विभाग केंद्र से ऑनलाइन आवेदन कर स्वीकृति ले सकता है। स्वीकृति के बाद ही पेड़ों को हटाने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए अधिकारी जितना जल्दी आवेदन करेंगे, कार्य उतना ही जल्द शुरू हो सकता है। लोक निर्माण विभाग एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन करे।
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कैथल। कैथल-पटियाला फोरलेन मार्ग का निर्माण कार्य बीते करीब एक वर्ष से निर्माण की बाट जोह रहा है। वन विभाग व अन्य विभागों से एनओसी नहीं मिलने के कारण कैथल-पटियाला फोरलेनिंग मार्ग का कार्य लटका पड़ा है। इस मार्ग को फोरलेन बनाने की घोषणा करीब एक साल पहले की गई थी, लेकिन पेड़ों की कटाई नहीं होने के कारण जिले की यह बड़ी विकास योजना लंबित पड़ी है। 65 किलोमीटर लंबे इस मार्ग की फोरलेनिंग करीब 129 करोड़ रुपये से होनी है। मार्ग पर दिन-ब-दिन वाहनों की आवाजाही बढ़ रही है। ऐसे में वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यह मार्ग पंजाब और हरियाणा को जोडऩे वाले प्रमुख मार्गों में से एक है। जिले के करीब 150 गांवों के लोगों की पंजाब में आवाजाही इसी मार्ग से होती है। रोजाना हजारों की संख्या में वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन घोषणा व काफी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद इस मार्ग का कार्य शुरू नहीं हो रहा है। पेड़-पौधों पर बिजली एवं पेयजल की लाइनों को नहीं हटाने के कारण भी मार्ग निर्माण में बाधाएं आ रही हैं।
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लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में सभी विभागों के अधिकारियों से पत्राचार किया हुआ है, लेकिन अभी तक दूसरे विभागों का कार्य नहीं हो पाया है। जैसे ही वन व जनस्वास्थ्य विभाग के कार्य पूरे होंगे और बिजली की लाइनें हटेंगी तभी इस पर कार्य शुरू होगा। अगर यह मार्ग फोरलेन होता है तो हादसों की संभावनाएं भी कम होंगी।
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लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता वरुण कंसल ने बताया कि मार्ग को फोरलेन बनाने के कार्य को स्वीकृति मिल चुकी है। केंद्र सरकार की ओर से इसके लिए 129 करोड़ रुपये का एस्टीमेट स्वीकृत किया गया है। अब मार्ग के निर्माण में पेड़, बिजली व पानी की लाइनें बाधा बन रही हैं। इसे लेकर संबंधित विभागों से बातचीत की गई है। जैसे ही ये कार्य होंगे, उसके साथ ही मार्ग की फोरलेनिंग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
दूसरी ओर वन मंडल अधिकारी रविंद्र धनखड़ ने कहा कि पेड़ों को हटवाने के लिए लोक निर्माण विभाग केंद्र से ऑनलाइन आवेदन कर स्वीकृति ले सकता है। स्वीकृति के बाद ही पेड़ों को हटाने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए अधिकारी जितना जल्दी आवेदन करेंगे, कार्य उतना ही जल्द शुरू हो सकता है। लोक निर्माण विभाग एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन करे।