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रात दो बजे फेंका था तेजाब, सुबह छह बजे ले गए अस्पताल
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथ्ाल
Updated Fri, 06 Jun 2014 12:27 AM IST
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गुहला-चीका। गांव अरनौली में तेजाब हमले का शिकार जोगिंद्र खान का पूरा परिवार रात भर तड़पता रहा, लेकिन सारे गांव वासियों की मानवीय संवेदनाएं सोती रहीं।
रात लगभग दो बजे हुए इस हमले में झुलसे सभी लोगों को गांव के किसी भी व्यक्ति न तो अस्पताल तक पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई और न ही मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाया। घायल हुए जोगिंद्र खान ने सुबह जैसे-तैसे करके परिजनों को गुहला अस्पताल पहुंचाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसकी पत्नी अमरजीत ने दम तोड़ दिया था। जोगेंद्र खान का कहना है कि यदि उसकी पत्नी को समय पर इलाज मिल जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी, लेकिन कोई सहायता न मिल पाने के कारण उसकी मौत हो गई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद बिक रहा है तेजाब
देश में बढ़ते तेजाब हमलों पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त आदेश दिए हैं कि खुलेआम हो रही तेजाब की बिक्री पर लगाम लगाई जाए और इसे खरीदने वाले का पहचान पत्र लेकर उसका पूरा रिकार्ड रखा जाए, लेकिन यहां जिला प्रशासन के ढुलमुल रवैये के चलते कोर्ट के आदेशों को सख्ती से लागू नहीं किया जा सका। कई मामलों के सामने आने बावजूद आज भी तेजाब आसानी से खरीदा जा सकता है।
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पुलिस के देरी से पहुंचने से रोष
गांव में इतनी बड़ी घटना हुई और चीख चिल्लाहट के बावजूद गांव में स्थित पुलिस चौकी में कर्मचारियों को कानों कान खबर नहीं हुई। बाद में ग्रामीणों द्वारा सूचना देने के बाद भी पुलिस घटना स्थल पर सुबह सात बजे पहुंची। जोगेंद्र सिंह ने कहा कि उसके पास संसाधनों का अभाव है। जिस कारण इलाज में देरी होने के चलते उसकी पत्नी ने दम तोड़ दिया। रात दो बजे वारदात होने के बाद भी पुलिस ने कोई तत्परता नहीं दिखाई और सुबह जाकर घायलों को इलाज नसीब हुआ।
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रात लगभग दो बजे हुए इस हमले में झुलसे सभी लोगों को गांव के किसी भी व्यक्ति न तो अस्पताल तक पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई और न ही मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाया। घायल हुए जोगिंद्र खान ने सुबह जैसे-तैसे करके परिजनों को गुहला अस्पताल पहुंचाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसकी पत्नी अमरजीत ने दम तोड़ दिया था। जोगेंद्र खान का कहना है कि यदि उसकी पत्नी को समय पर इलाज मिल जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी, लेकिन कोई सहायता न मिल पाने के कारण उसकी मौत हो गई।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद बिक रहा है तेजाब
देश में बढ़ते तेजाब हमलों पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त आदेश दिए हैं कि खुलेआम हो रही तेजाब की बिक्री पर लगाम लगाई जाए और इसे खरीदने वाले का पहचान पत्र लेकर उसका पूरा रिकार्ड रखा जाए, लेकिन यहां जिला प्रशासन के ढुलमुल रवैये के चलते कोर्ट के आदेशों को सख्ती से लागू नहीं किया जा सका। कई मामलों के सामने आने बावजूद आज भी तेजाब आसानी से खरीदा जा सकता है।
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पुलिस के देरी से पहुंचने से रोष
गांव में इतनी बड़ी घटना हुई और चीख चिल्लाहट के बावजूद गांव में स्थित पुलिस चौकी में कर्मचारियों को कानों कान खबर नहीं हुई। बाद में ग्रामीणों द्वारा सूचना देने के बाद भी पुलिस घटना स्थल पर सुबह सात बजे पहुंची। जोगेंद्र सिंह ने कहा कि उसके पास संसाधनों का अभाव है। जिस कारण इलाज में देरी होने के चलते उसकी पत्नी ने दम तोड़ दिया। रात दो बजे वारदात होने के बाद भी पुलिस ने कोई तत्परता नहीं दिखाई और सुबह जाकर घायलों को इलाज नसीब हुआ।