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Kaithal News: सांसद से उम्मीद, जेएसडब्ल्यू बेल्लारी की तरह मिले खेल अकादमी
Fri, 09 Aug 2024 05:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 09 Aug 2024 05:31 AM IST
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राजिंद्र तंवर
कैथल। पिछले कई वर्षों से बिना खेल व खिलाड़ियों के अभाव के कारण गांव पट्टी अफगान स्थित गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम बदहाल स्थिति में है। जब से जिंदल ग्रुप के नवीन जिंदल यहां के सांसद बने हैं, खिलाड़ियों में उम्मीद जग गई है। उनकी सांसद से मांग है कि यहां भी जेएसडब्ल्यू बेल्लारी की तरह खेल अकादमी बनाई जाए ताकि उनके सपनों को उड़ान मिल सके।
जिले के खेल प्रेमी खिलाडि़यों व खेल नर्सरियों के प्रशिक्षकों व शहरवासियों को सांसद नवीन जिंदल से उम्मीद जताई है कि जिस प्रकार बंगलुरू के बिलारी में जेएसडब्ल्यू खेल अकादमी में जिंदल परिवार की ओर से खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को बेहतरीन सुविधाएं देकर विदेशी ट्रेनरों के माध्यम से खिलाड़ियों को तैयार किया जाता है। इसी प्रकार से इस खेल स्टेडियम को भी गोद लेकर उसी तर्ज पर यहां भी खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं प्रदान की जाएं।
गौरतलब है कि गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम की हालात देखकर खेल प्रेमियों में काफी निराशा है क्योंकि करीब 15 साल पहले ही बने इस स्टेडियम में सुविधाओं का काफी अभाव है। ऐसे में खेल प्रेमियों ने कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद नवीन जिंदल से इस स्टेडियम की स्थिति बेहतर करने की मांग उठाई है।
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गौरतलब है कि गत शनिवार को सांसद नवीन जिंदल गांव खानपुर में जनसंपर्क अभियान के तहत एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान ग्रामीणों ने सांसद के समक्ष जिम की मांग उठाई थी। इसके बाद सांसद ने जिम स्थापित करने की जानकारी लेने के लिए अपनी व्यक्तिगत रुचि दिखाई।
इसके बाद शाम करीब सात सात बजे गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम पट्टी अफगान का औचक निरीक्षण किया। यहां मैदान में उगी घास व अन्य समस्या को देखते हुए स्टेडियम की कमियां दूर करने के लिए खेल अधिकारी से फोन पर बातचीत की। सांसद ने अधिकारी को एक सप्ताह में व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
सांसद ने कहा कि वह आगामी 10 अगस्त को वह से निरीक्षण कर यहां पर व्यवस्थाएं जांची। सांसद के निरीक्षण के बाद खेल विभाग के आला अधिकारी व कर्मचारी स्टेडियम को फिर से चमकाने में लगे हैं। स्वयं जिला खेल अधिकारी राजरानी सुबह व शाम मौके पर जाकर स्टेडियम की कमियों को दूर करवा रही हैं। यहां पर ट्रैक्टर चलवा सफाई करवाई जा रही है। जिला खेल अधिकारी राजरानी ने कहा कि सांसद नवीन जिंदल ने गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम पट्टी अफगान में दौरा पिछले शनिवार को दौरा किया गया था तो उन्होंने स्टेडियम की हर कमियां दुरुस्त करवाने के लिए मुझे फोन के माध्यम से निर्देश दिए थे। उनके 10 अगस्त के आगमन को लेकर खेल विभाग की ओर से स्टेडियम में सभी कमियों को ठीक करवाया जा रहा है।
2009-2010 में बना था स्टेडियम
वर्ष 2009 तक जिला खेल अधिकारी का कार्यालय आरकेएसडी कॉलेज के खेल मैदान में हुआ करता था। इसके बाद वर्ष 2009-10 में पूर्व की सरकार ने करोड़ों रुपये की लागत से पट्टी अफगान में गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम का निर्माण करवाया था। यह स्टेडियम लगभग 22 एकड़ में बना है। इसमें 400 मीटर का ट्रैक व हॉकी, फुटबाल, हैंडबाल, क्रिकेट, वाॅलीबाल व बॉस्केटबॉल का मैदान है।
जब यह स्टेडियम बनाया गया था तो यह शहर से लगभग आठ किलोमीटर दूरी पर पड़ता था और शहर के खिलाड़ी वहां पर जाने में सक्षम नहीं रहे। क्योंकि खिलाडिय़ों को आंधी तूफान व बारिश में भी वहां अभ्यास के लिए सुबह शाम दूर अपने परिजनों के जाना पड़ता था। इससे खिलाड़ियों व उनके परिजनों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। अगर वहां रिहायशी खेल नर्सरियां भी बना दी जाए तो यह खेल स्टेडियम खिलाड़ियों के लिए बहुत बेहतर होगा। संवाद
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कैथल। पिछले कई वर्षों से बिना खेल व खिलाड़ियों के अभाव के कारण गांव पट्टी अफगान स्थित गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम बदहाल स्थिति में है। जब से जिंदल ग्रुप के नवीन जिंदल यहां के सांसद बने हैं, खिलाड़ियों में उम्मीद जग गई है। उनकी सांसद से मांग है कि यहां भी जेएसडब्ल्यू बेल्लारी की तरह खेल अकादमी बनाई जाए ताकि उनके सपनों को उड़ान मिल सके।
जिले के खेल प्रेमी खिलाडि़यों व खेल नर्सरियों के प्रशिक्षकों व शहरवासियों को सांसद नवीन जिंदल से उम्मीद जताई है कि जिस प्रकार बंगलुरू के बिलारी में जेएसडब्ल्यू खेल अकादमी में जिंदल परिवार की ओर से खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को बेहतरीन सुविधाएं देकर विदेशी ट्रेनरों के माध्यम से खिलाड़ियों को तैयार किया जाता है। इसी प्रकार से इस खेल स्टेडियम को भी गोद लेकर उसी तर्ज पर यहां भी खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं प्रदान की जाएं।
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गौरतलब है कि गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम की हालात देखकर खेल प्रेमियों में काफी निराशा है क्योंकि करीब 15 साल पहले ही बने इस स्टेडियम में सुविधाओं का काफी अभाव है। ऐसे में खेल प्रेमियों ने कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद नवीन जिंदल से इस स्टेडियम की स्थिति बेहतर करने की मांग उठाई है।
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गौरतलब है कि गत शनिवार को सांसद नवीन जिंदल गांव खानपुर में जनसंपर्क अभियान के तहत एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान ग्रामीणों ने सांसद के समक्ष जिम की मांग उठाई थी। इसके बाद सांसद ने जिम स्थापित करने की जानकारी लेने के लिए अपनी व्यक्तिगत रुचि दिखाई।
इसके बाद शाम करीब सात सात बजे गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम पट्टी अफगान का औचक निरीक्षण किया। यहां मैदान में उगी घास व अन्य समस्या को देखते हुए स्टेडियम की कमियां दूर करने के लिए खेल अधिकारी से फोन पर बातचीत की। सांसद ने अधिकारी को एक सप्ताह में व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
सांसद ने कहा कि वह आगामी 10 अगस्त को वह से निरीक्षण कर यहां पर व्यवस्थाएं जांची। सांसद के निरीक्षण के बाद खेल विभाग के आला अधिकारी व कर्मचारी स्टेडियम को फिर से चमकाने में लगे हैं। स्वयं जिला खेल अधिकारी राजरानी सुबह व शाम मौके पर जाकर स्टेडियम की कमियों को दूर करवा रही हैं। यहां पर ट्रैक्टर चलवा सफाई करवाई जा रही है। जिला खेल अधिकारी राजरानी ने कहा कि सांसद नवीन जिंदल ने गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम पट्टी अफगान में दौरा पिछले शनिवार को दौरा किया गया था तो उन्होंने स्टेडियम की हर कमियां दुरुस्त करवाने के लिए मुझे फोन के माध्यम से निर्देश दिए थे। उनके 10 अगस्त के आगमन को लेकर खेल विभाग की ओर से स्टेडियम में सभी कमियों को ठीक करवाया जा रहा है।
2009-2010 में बना था स्टेडियम
वर्ष 2009 तक जिला खेल अधिकारी का कार्यालय आरकेएसडी कॉलेज के खेल मैदान में हुआ करता था। इसके बाद वर्ष 2009-10 में पूर्व की सरकार ने करोड़ों रुपये की लागत से पट्टी अफगान में गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम का निर्माण करवाया था। यह स्टेडियम लगभग 22 एकड़ में बना है। इसमें 400 मीटर का ट्रैक व हॉकी, फुटबाल, हैंडबाल, क्रिकेट, वाॅलीबाल व बॉस्केटबॉल का मैदान है।
जब यह स्टेडियम बनाया गया था तो यह शहर से लगभग आठ किलोमीटर दूरी पर पड़ता था और शहर के खिलाड़ी वहां पर जाने में सक्षम नहीं रहे। क्योंकि खिलाडिय़ों को आंधी तूफान व बारिश में भी वहां अभ्यास के लिए सुबह शाम दूर अपने परिजनों के जाना पड़ता था। इससे खिलाड़ियों व उनके परिजनों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। अगर वहां रिहायशी खेल नर्सरियां भी बना दी जाए तो यह खेल स्टेडियम खिलाड़ियों के लिए बहुत बेहतर होगा। संवाद