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गुरु नानक दी रसोई, जित्थे भूखा न रहे कोई
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राजिंद्र तंवर
कैथल। गुरु नानक दी रसोई, जित्थे भूखा न रहे कोई...। इसी उद्देश्य से शहर के श्री मंजी साहिब गुरुद्वारा में गुरु नानक दी रसोई संगठन लंगर बनाकर जरूरतमंदों को वितरित कर रहा है। संगठन की तरफ से इस सेवा की शुरूआत इसी वर्ष की मई महीने में शुरू की गई थी।
यह संगठन जरूरतमंदों को एक समय का भोजन उपलब्ध करवा रहा है। मुख्य रूप से संगठन की ओर से शाम के समय जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को खाना वितरित करते हैं। इस संगठन में कुल सात सदस्य शामिल है, जो यह सेवा कर रहे हैं। यही नहीं, गुरु पर्व सहित अन्य किसी विशेष दिन में गुरु के प्रसाद के रूप में खीर भी बनाई जाती है। जो इन लोगों में वितरित की जाती है।
छह महीने पहले शुरू की थी सेवा
गुरु नानक दी रसोई संगठन के उपाध्यक्ष दीपक सिंह बत्तरा ने बताया कि उनके संगठन की तरफ से छह महीने पहले 19 मई को इस सेवा की शुरूआत की थी। बत्तरा ने बताया कि सेवा करने वाले सभी सदस्य महाराष्ट्र के नांदेड़ में हजूर साहिब गए थे। यहां से ही सेवा करने की प्रेरणा मिली। इसके बाद कैथल में जरूरतमंदों के लिए लंगर प्रसाद की सेवा शुरू की।
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इसमें जिला नागरिक अस्पताल में दाखिल मरीजों को रात सात से आठ बजे के बीच खाना वितरित किया जाता है। बत्तरा ने बताया कि इस कार्य में संगठन के प्रधान प्रदीप मदान, कृपाल सिंह कैशियर, सतीश धवन, सिमरन मक्कड़, गुरप्रीत सिंह कोहली, अमित कालड़ा, गोल्डी थरेजा के साथ हेड ग्रंथी ज्ञानी सिंह व मैनेजर रूपिंद्र सिंह औलख सहयोग करते हैं।
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कैथल। गुरु नानक दी रसोई, जित्थे भूखा न रहे कोई...। इसी उद्देश्य से शहर के श्री मंजी साहिब गुरुद्वारा में गुरु नानक दी रसोई संगठन लंगर बनाकर जरूरतमंदों को वितरित कर रहा है। संगठन की तरफ से इस सेवा की शुरूआत इसी वर्ष की मई महीने में शुरू की गई थी।
यह संगठन जरूरतमंदों को एक समय का भोजन उपलब्ध करवा रहा है। मुख्य रूप से संगठन की ओर से शाम के समय जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को खाना वितरित करते हैं। इस संगठन में कुल सात सदस्य शामिल है, जो यह सेवा कर रहे हैं। यही नहीं, गुरु पर्व सहित अन्य किसी विशेष दिन में गुरु के प्रसाद के रूप में खीर भी बनाई जाती है। जो इन लोगों में वितरित की जाती है।
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छह महीने पहले शुरू की थी सेवा
गुरु नानक दी रसोई संगठन के उपाध्यक्ष दीपक सिंह बत्तरा ने बताया कि उनके संगठन की तरफ से छह महीने पहले 19 मई को इस सेवा की शुरूआत की थी। बत्तरा ने बताया कि सेवा करने वाले सभी सदस्य महाराष्ट्र के नांदेड़ में हजूर साहिब गए थे। यहां से ही सेवा करने की प्रेरणा मिली। इसके बाद कैथल में जरूरतमंदों के लिए लंगर प्रसाद की सेवा शुरू की।
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इसमें जिला नागरिक अस्पताल में दाखिल मरीजों को रात सात से आठ बजे के बीच खाना वितरित किया जाता है। बत्तरा ने बताया कि इस कार्य में संगठन के प्रधान प्रदीप मदान, कृपाल सिंह कैशियर, सतीश धवन, सिमरन मक्कड़, गुरप्रीत सिंह कोहली, अमित कालड़ा, गोल्डी थरेजा के साथ हेड ग्रंथी ज्ञानी सिंह व मैनेजर रूपिंद्र सिंह औलख सहयोग करते हैं।