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तहसीलदार से लेकर बैंक अधिकारियों तकी फर्जी मोहर तैयार करके हासिल करते थे लोन
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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कैथल शाखा में कार्यरत पूर्व बैंक मैनेजर की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा कर 1.43 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया है। आरोप है कि फर्जी कागजातों के आधार पर मिलीभगत कर पूर्व बैंक मैनेजर ने 13 लोगों को ऋण स्वीकृत किया है। वर्तमान शाखा प्रबंधक की शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपी बैंक मैनेजर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से 16 फर्जी मोहर बरामद की गई है।
टिंबर मार्केट स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर नरेश कुमार की ओर से थाना शहर कैथल पुलिस में 31 दिसंबर 2021 को शिकायत दर्ज कराई गई है। इसमें बताया गया कि गांव सिसला-सिसमौर निवासी रेशम सिंह ने फर्जी कागजात के आधार पर 9 लाख 90 हजार रुपये से अधिक का लोन लिया था। केस दर्ज करने के बाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा टीम ने मामले की जांच शुरू की, जिसमें पता चला कि यह लोन सिसला-सिसमौर के रेशम सिंह ने नहीं, बल्कि करनाल जिले के गांव बुढ़नपुर निवासी रेशम सिंह ने सिसमौर के रेशम सिंह के नाम पर लिया था।
पूछताछ में आरोपी रेशम सिंह ने बताया कि इस मामले में पूर्व बैंक मैनेजर तेज सिंह चौहान भी संलिप्त था। उसके अलावा गांव हरसौला निवासी पंकज और दिलबाग बिचौलिए का काम करते थे। पुलिस ने शुक्रवार को रेशम सिंह सहित बैंक मैनेजर और दोनों बिचौलियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से रेशम सिंह को जेल भेज दिया गया, जबकि तीन अन्य आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
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डीएसपी विवेक चौधरी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पूछताछ में पता चला है कि आरोपी जमीन की फर्द, वकील की रिपोर्ट, मॉर्गेज डीड सहित तमाम फर्जी कागजातों का प्रयोग कर बैंक से ऋण दिलाते थे। इस पूरे मामले में बैंक मैनेजर तेज सिंह चौहान भी संलिप्त था। वर्तमान बैंक मैनेजर नरेश कुमार की ओर से दी गई शिकायतों में बताया गया है कि 13 मामलों में कुल 1.43 करोड़ रुपये का फर्जी लोन जारी किया गया है।
लोगों को पता ही नहीं और उनके नाम से हो चुका लोन, पानीपत से गिरफ्तार हुआ है आरोपी प्रबंधक
डीएसपी ने कहा कि पुलिस को यह भी पता चला है कि कुछ लोग तो इस फर्जीवाड़े में खुद भी शामिल थे। आरोपी किसानों से पहले ही चेकबुक ले लेेते थे। उन्हें कुछ राशि देकर शेष राशि निकलवा लेते थे, लेकिन कुछ को यह भी पता नहीं है कि उनके नाम से लोन हो चुका है। पुलिस द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से छानबीन की जा रही है। पुलिस ने गांव सिसला-सिसमौर निवासी आरोपी रेशम और नवाब सिंह के खिलाफ दो मामले दर्ज किए हैं, जबकि 11 में अभी जांच जारी है। ये सभी मामले 2017-18 के हैं और उस समय बैंक मैनेजर के पद पर तेज सिंह तैनात था। फिलहाल आरोपी बैंक मैनेजर तेज सिंह पानीपत जिले में तैनात है, जहां से उसकी गिरफ्तारी की गई है।
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टिंबर मार्केट स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर नरेश कुमार की ओर से थाना शहर कैथल पुलिस में 31 दिसंबर 2021 को शिकायत दर्ज कराई गई है। इसमें बताया गया कि गांव सिसला-सिसमौर निवासी रेशम सिंह ने फर्जी कागजात के आधार पर 9 लाख 90 हजार रुपये से अधिक का लोन लिया था। केस दर्ज करने के बाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा टीम ने मामले की जांच शुरू की, जिसमें पता चला कि यह लोन सिसला-सिसमौर के रेशम सिंह ने नहीं, बल्कि करनाल जिले के गांव बुढ़नपुर निवासी रेशम सिंह ने सिसमौर के रेशम सिंह के नाम पर लिया था।
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पूछताछ में आरोपी रेशम सिंह ने बताया कि इस मामले में पूर्व बैंक मैनेजर तेज सिंह चौहान भी संलिप्त था। उसके अलावा गांव हरसौला निवासी पंकज और दिलबाग बिचौलिए का काम करते थे। पुलिस ने शुक्रवार को रेशम सिंह सहित बैंक मैनेजर और दोनों बिचौलियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से रेशम सिंह को जेल भेज दिया गया, जबकि तीन अन्य आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
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डीएसपी विवेक चौधरी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पूछताछ में पता चला है कि आरोपी जमीन की फर्द, वकील की रिपोर्ट, मॉर्गेज डीड सहित तमाम फर्जी कागजातों का प्रयोग कर बैंक से ऋण दिलाते थे। इस पूरे मामले में बैंक मैनेजर तेज सिंह चौहान भी संलिप्त था। वर्तमान बैंक मैनेजर नरेश कुमार की ओर से दी गई शिकायतों में बताया गया है कि 13 मामलों में कुल 1.43 करोड़ रुपये का फर्जी लोन जारी किया गया है।
लोगों को पता ही नहीं और उनके नाम से हो चुका लोन, पानीपत से गिरफ्तार हुआ है आरोपी प्रबंधक
डीएसपी ने कहा कि पुलिस को यह भी पता चला है कि कुछ लोग तो इस फर्जीवाड़े में खुद भी शामिल थे। आरोपी किसानों से पहले ही चेकबुक ले लेेते थे। उन्हें कुछ राशि देकर शेष राशि निकलवा लेते थे, लेकिन कुछ को यह भी पता नहीं है कि उनके नाम से लोन हो चुका है। पुलिस द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से छानबीन की जा रही है। पुलिस ने गांव सिसला-सिसमौर निवासी आरोपी रेशम और नवाब सिंह के खिलाफ दो मामले दर्ज किए हैं, जबकि 11 में अभी जांच जारी है। ये सभी मामले 2017-18 के हैं और उस समय बैंक मैनेजर के पद पर तेज सिंह तैनात था। फिलहाल आरोपी बैंक मैनेजर तेज सिंह पानीपत जिले में तैनात है, जहां से उसकी गिरफ्तारी की गई है।