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Kaithal News: गांव जुलानी खेड़ा के भाईचारे का अध्ययन करने पहुंचे विदेशी मेहमान

Mon, 13 May 2024 06:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Mon, 13 May 2024 06:52 AM IST
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Foreign guests arrived to study the brotherhood of village Julani Kheda.
कलायत। ग्राम सरपंच के चुनाव में उपमंडल के गांव जुलानीखेड़ा की छवि प्रदेश व देश में अति संवेदनशील गांव की बनी थी अब उसी गांव की संस्कृति काे जानने के लिए विदेशी लोग पहुंच है।
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पंचायत चुनाव में गांव जुलानीखेड़ा गांव में बने हालात के कारण पुलिस बल ने तो गांव में अस्थायी चौकी ही स्थापित कर दी थी। दोनों पक्षों की आमने सामने की लड़ाई व लगातार दर्ज करवाए गए पर्चों से लगता नहीं था कि यह गांव फिर से अपना सिर पहले से भी अधिक अपने भाईचारे को स्थापित करेगा। आज गांव की स्थिति यह है कि इस अति सुंदर गांव की व्यवस्था, आपसी स्नेह व भाईचारा को देखने के लिए दूसरी बार विदेशी मेहमानों की टीम शनिवार सायंकाल में गांव में पहुंची। टीम में तीन युवक व दो युवतियां शामिल थीं। दो युवा नेपाल व एक फ्रांस से था। गांव में पहुंचने पर ग्राम सरपंच नरेंद्र जुलानीखेड़ा ने मेहमानों का स्वागत किया। टीम में शामिल डाॅ.ओसामा एलशरकावी ने बताया की वे लोग दुनिया में बेहतरीन गांवों की स्टडी कर रहे हैं। वहां का रहन सहन, सुविधाएं, आपसी सौहार्द और ग्राम पंचायत की कार्य शैली। वे लोग एक टीम के रूप में शनिवार को गांव में पहुंचे। देर रात्रि तक उन्होंने पूरे गांव की गलियों में घूम घूम कर वस्तुस्थिति का आकलन किया। उन्होंने कहा कि टीम सदस्यों को विश्वास ही नहीं हुआ कि हम किसी गांव में हैं। पूरा गांव किसी महानगर की एक सोसायटी के रूप में लगा। जो सुविधाएं शहरों में भी नहीं वे गांव में मिलीं। और तो और गांव में एक आलिशान बैंक्विट हाल भी मिला जो विवाह शादी में निशुल्क दिया जाता है। पूरे गांव में हर गली पक्की व नाली साफ सुथरी, हर गली में लाइट, पानी की सुविधा देखने को मिली। सबसे बेहतर बात यह देखने में आई की रात्रि 11 बजे भी गलियों में दर्जनों लोग हुक्का पीते और दुख सुख की बतलाते मिले। यह नजारा उन लोगों के देश में नहीं वहां तो किसी से किसी को कोई मतलब ही नहीं। आठ बजे तक डिनर करके कमरे में बंद हो जाते हैं। टीम ने ग्राम पंचायत की कार्य शैली व गांव में करवाए गए कार्यों की भी जम कर प्रशंसा की। उन लोगों ने कहा कि जैसा गांव के बारे में उन लोगों के पास फीड़ बैक था गांव का भाईचारा उसके विपरीत निकला। उन लोगों ने मानव व्यवहार का अध्ययन गांव में किया। वह उनके रिसर्च में बहुत लाभकारी होगी।
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