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हाईटेंशन तारों की समस्या से हर समय अटकी रहती हैं सांसे
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कैथल। अपने घर के छत से गुजरती हुई हाईटेंशन बिजली की तार को दिखाती महिला।
- फोटो : Kaithal
वार्ड नंबर 17 में बलराज नगर से गुजर रही 33 हजार केवी हाईटेंशन तारों की समस्या से कालोनी के लोगों की सांसे हर समय अटकी रहती हैं कि किसी भी समय कोई बड़ा हादसा न हो जाए। इसके साथ ही यहां पर लोगों ने निगम द्वारा आश्वासन के बावजूद भी इन तारों को नहीं हटवाने का आरोप लगाया है। कालोनी के लोगों का कहना है कि बलराज नगर में करीब 1500 घर हैं जिसमें से करीब 500 घरों की छतों के ऊपर से हाईटेंशन तारें गुजर रहीं है। हाईटेंशन तारें यहां के लोगों के लिए तो जानलेवा बनी हैं लेकिन निगम है कि इस समस्या की ओर कुंभकरण की नींद सोए बैठे हैं।
कालोनीवासी राजेंद्र कुमार ने बताया कि हाइटेंशन तारों की समस्या से कालोनी के लोगों की सांसे हर समय अटकी रहती हैं, कहीं कभी किसी समय कोई बड़ा हादसा न हो जाए। लेकिन उसके बावजूद भी निगम के अधिकारी लापरवाही करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
अनुज ने बताया कि हाइटेंशन तारों की समस्या से अधिक परेशानी होती है। यहां पर 500 से अधिक घरों की छतों से गुजर रहे हाइटेंशन तारों की दूरी काफी कम है। जिससे हादसे का अधिक भय बना रहता है।
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महिला मायादेवी ने बताया कि बारिश के समय तो छतों पर चढ़ने से भी परहेज करना पड़ता है और घरों के अंदर ही दुबक कर रहना पड़ता है। निगम के अधिकारी इस समस्या को अपने संज्ञान में लेकर जल्द इसे हटवाने का कार्य करें। जिससे कालोनी के लोग हादसे से बचे रहे।
महिला कमलेश देवी ने बताया कि बारिश के समय में तारों में करंट आने के साथ घरों व दीवारों में भी करंट आ जाता है। जिससे हादसे होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। इस समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए।
मनु रानी ने बताया कि छतों से गुजर रहे हाईटेंशन तारों की दूरी को अधिक करने के लिए कई बार लकड़ी की बल्ली से सपोर्ट किया है। ताकि उचित दूरी बनी रहे। लेकिन जब भी बारिश आती है। तारों में चिंगारियों के उठने से लकड़ी की बल्ली भी कई बार जल चुकी है।
महिला प्रेमलता ने बताया कि हाइटेंशन तारों को हटवाने का आश्वासन देने के लिए निगम के अधिकारी कई बार यहां पर दौरा कर चुके हैं लेकिन समस्या ज्यों की त्यों है। बारिश के समय इन हाइटेंशन तारों के कारण कॉलोनी में 30 से अधिक हादसे हो चुके हैं और तीन मौतें हुई हैं।
वार्ड नंबर 17 के पार्षद वेद प्रकाश ने बताया कि कॉलोनी से गुजर रहे हाईटेंशन की तारों की समस्या को लेकर नप और या जिला प्रशासन सभी जगह पर प्रमुखता से रखा गया है। लेकिन निगम के अधिकारी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसको लेकर डीसी से मुलाकात कर समाधान की मांग की जाएगी।
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कालोनीवासी राजेंद्र कुमार ने बताया कि हाइटेंशन तारों की समस्या से कालोनी के लोगों की सांसे हर समय अटकी रहती हैं, कहीं कभी किसी समय कोई बड़ा हादसा न हो जाए। लेकिन उसके बावजूद भी निगम के अधिकारी लापरवाही करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
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अनुज ने बताया कि हाइटेंशन तारों की समस्या से अधिक परेशानी होती है। यहां पर 500 से अधिक घरों की छतों से गुजर रहे हाइटेंशन तारों की दूरी काफी कम है। जिससे हादसे का अधिक भय बना रहता है।
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महिला मायादेवी ने बताया कि बारिश के समय तो छतों पर चढ़ने से भी परहेज करना पड़ता है और घरों के अंदर ही दुबक कर रहना पड़ता है। निगम के अधिकारी इस समस्या को अपने संज्ञान में लेकर जल्द इसे हटवाने का कार्य करें। जिससे कालोनी के लोग हादसे से बचे रहे।
महिला कमलेश देवी ने बताया कि बारिश के समय में तारों में करंट आने के साथ घरों व दीवारों में भी करंट आ जाता है। जिससे हादसे होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। इस समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए।
मनु रानी ने बताया कि छतों से गुजर रहे हाईटेंशन तारों की दूरी को अधिक करने के लिए कई बार लकड़ी की बल्ली से सपोर्ट किया है। ताकि उचित दूरी बनी रहे। लेकिन जब भी बारिश आती है। तारों में चिंगारियों के उठने से लकड़ी की बल्ली भी कई बार जल चुकी है।
महिला प्रेमलता ने बताया कि हाइटेंशन तारों को हटवाने का आश्वासन देने के लिए निगम के अधिकारी कई बार यहां पर दौरा कर चुके हैं लेकिन समस्या ज्यों की त्यों है। बारिश के समय इन हाइटेंशन तारों के कारण कॉलोनी में 30 से अधिक हादसे हो चुके हैं और तीन मौतें हुई हैं।
वार्ड नंबर 17 के पार्षद वेद प्रकाश ने बताया कि कॉलोनी से गुजर रहे हाईटेंशन की तारों की समस्या को लेकर नप और या जिला प्रशासन सभी जगह पर प्रमुखता से रखा गया है। लेकिन निगम के अधिकारी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसको लेकर डीसी से मुलाकात कर समाधान की मांग की जाएगी।