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Kaithal News: किसान हो रहे जागरूक पराली जलाना हुआ कम

Sat, 07 Oct 2023 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 07 Oct 2023 01:41 AM IST
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Farmers are becoming aware, stubble burning has reduced.
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। पराली प्रबंधन के मुद्दे पर जिले में राज्य सरकारी की तरफ से चलाई जा रही योजनाओं का सकारात्मक असर किसानों पर दिखने लगा है। इस साल अवशेष जलाने की घटनाओं में कमी के आंकड़ों यह बता रहे हैं।

जिले में अब तक लगभग 50 हजार एकड़ धान की कटाई हो चुकी है लेकिन फसल अवशेष जलाने के महज 10 मामले ही सामने आए हैं। इससे साबित होता है कि किसान पराली प्रबंधन के मुद्दे पर तेजी से जागरूक हो रहे हैं। इस बार फसल अवशेषों में आग लगाने वाले 10 किसानों पर विभाग की ओर से 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है।
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कैथल जिला प्रशासन व कृषि विभाग दावा कर रहा है कि सरकार के प्रयासों का असर हुआ है। इसके कारण पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है और आगे और कमी आने की उम्मीद है। किसान लखबीर सिंह ने कहा कि कई किसान ऐसे हैं, जो आज से नहीं पिछले छह सालों से पराली प्रबंधन कर रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी देखी जा रही है।
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कृषि कल्याण विभाग भी लगातार गांवों में जाकर पराली प्रबंधन को लेकर किसानों को जागरूक करने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने एक मशीन ली थी। इस मशीन के लिए उन्हें कृषि विभाग की ओर से अनुदान भी मिला था। अब उनके पास तीन और मशीन हैं।

किसान परविंद्र सिंह ने कहा कि पराली के बंडल बनाने की मशीन ऑटोमेटिक मशीन है। पराली प्रबंधन करने व फसल अवशेष को जमीन में मिलाने से खेत की उपजाऊ क्षमता बनी रहती है। प्रदूषण पर रोक लगी है। उन्होंने कहा कि आग लगने की घटनाओं में अब कमी आई है। पराली जलाने के केस कम हुए हैं।






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िसान अब जागरूक हो रहे हैं। यदि कोई किसान पराली प्रबंधन करता है को उसे हम मदद करते हैं। एक दिन में करीब 25 एकड़ तक कवर तक लेते है। उन्होंने ने कहा कि पराली जलाने से जहां प्रदूषण बढ़ता है, वहीं खेत की मिट्टी में मौजूद मित्र कीट भी नष्ट हो जाते है। इसके कारण अगली फसल लगाने पर इसका असर सीधा पैदावार पर पड़ता है और अच्छी फसल नहीं होती है। उन्होंने कहा कि इस बार धान की प्रति एकड़ उत्पादन की औसत 70 मन से अधिक है। इससे किसान काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
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