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Kaithal News: बॉर्डर बंद होने से झेलनी पड़ रही फजीहत
Tue, 12 Mar 2024 12:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 12 Mar 2024 12:17 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। किसान आंदोलन का असर दिख रहा है। घग्गर पार के 20 से ज्यादा गांव उपमंडल से पूरी तरह से कटे हुए हैं। यहां के लोगों को काम धंधों के लिए उपमंडल मुख्यालय तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। कई बार फजीहत तक झेलनी पड़ रही है।
उधर, किसान शंभू और खनौरी सीमाओं पर डटे हैं। उनके दिल्ली कूच पर कुछ दिनों पहले से ही रोक लग गई है। किसानों का रेल रोको आंदोलन के बाद किसान अब 14 मार्च को किसान मजदूर महापंचायत के दौरान उत्पीड़न का विरोध करने के लिए दिल्ली के रामलीला मैदान में एकजुट होंगे।
किसान आंदोलन को लेकर आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने कहा कि बॉर्डर सील होने के कारण वाहनों की आवाजाही बंद है। जिससे आने जाने में परेशानी की सामना करना पड़ रहा है। हम काम के लिए पैदल जा रहे है। रोज हमें पैदल चलना पड़ रहा है। कई ऐसे लोग हैं जिन्हें काम पर जाना था लेकिन वह अपने काम पर नहीं जा पा रहे हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें अपने रिश्तेदार के शादी में जाना होता है लेकिन वे समय पर नहीं पहुंच पाते। लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार और किसान के बीच समझौता न हो पाने की वजह से लोग परेशान हो रहे हैं। यह दिक्कतें कब खत्म होंगी, कह पाना मुश्किल है।
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हरियाणा, पंजाब में माल की बुकिंग करने में आनाकानी कर रहे ट्रांसपोर्टर
किसान आंदोलन 2.0 की वजह से चीका के बाजारों पर अब असर पड़ना शुरू हो गया है। ग्राहकों की संख्या में गिरावट आने लगी है। दाल-चावल से लेकर कई प्रकार के सामानों की सप्लाई भी प्रभावित होने लगी है। इससे चीका के व्यापारी परेशान हैं। उधर, ट्रांसपोर्टरों ने भी हरियाणा, पंजाब में माल की बुकिंग करने में भी आनाकानी कर रहे हैं। किसानों के दिल्ली कूच के चलते दिल्ली में जरूरी चीजों की आपूर्ति प्रभावित हो गई है।
चीका छोटी मंडी, बड़ी मंडी, चौ. महा सिंह मार्केट, मार्बल मार्केट समेत चीका की लगभग सभी मार्केटों में ग्राहकों की संख्या में काफी गिरावट आई है। इसकी वजह से दाल, चावल, कपड़े, खिलौने, कॉस्टमेटिक आइटम, स्टेशनरी, मार्बल समेत कई सामानों की सप्लाई प्रभावित हो गई है। जिससे व्यापारियों में काफी निराशा है। संवाद
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गुहला-चीका। किसान आंदोलन का असर दिख रहा है। घग्गर पार के 20 से ज्यादा गांव उपमंडल से पूरी तरह से कटे हुए हैं। यहां के लोगों को काम धंधों के लिए उपमंडल मुख्यालय तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। कई बार फजीहत तक झेलनी पड़ रही है।
उधर, किसान शंभू और खनौरी सीमाओं पर डटे हैं। उनके दिल्ली कूच पर कुछ दिनों पहले से ही रोक लग गई है। किसानों का रेल रोको आंदोलन के बाद किसान अब 14 मार्च को किसान मजदूर महापंचायत के दौरान उत्पीड़न का विरोध करने के लिए दिल्ली के रामलीला मैदान में एकजुट होंगे।
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किसान आंदोलन को लेकर आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने कहा कि बॉर्डर सील होने के कारण वाहनों की आवाजाही बंद है। जिससे आने जाने में परेशानी की सामना करना पड़ रहा है। हम काम के लिए पैदल जा रहे है। रोज हमें पैदल चलना पड़ रहा है। कई ऐसे लोग हैं जिन्हें काम पर जाना था लेकिन वह अपने काम पर नहीं जा पा रहे हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें अपने रिश्तेदार के शादी में जाना होता है लेकिन वे समय पर नहीं पहुंच पाते। लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार और किसान के बीच समझौता न हो पाने की वजह से लोग परेशान हो रहे हैं। यह दिक्कतें कब खत्म होंगी, कह पाना मुश्किल है।
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हरियाणा, पंजाब में माल की बुकिंग करने में आनाकानी कर रहे ट्रांसपोर्टर
किसान आंदोलन 2.0 की वजह से चीका के बाजारों पर अब असर पड़ना शुरू हो गया है। ग्राहकों की संख्या में गिरावट आने लगी है। दाल-चावल से लेकर कई प्रकार के सामानों की सप्लाई भी प्रभावित होने लगी है। इससे चीका के व्यापारी परेशान हैं। उधर, ट्रांसपोर्टरों ने भी हरियाणा, पंजाब में माल की बुकिंग करने में भी आनाकानी कर रहे हैं। किसानों के दिल्ली कूच के चलते दिल्ली में जरूरी चीजों की आपूर्ति प्रभावित हो गई है।
चीका छोटी मंडी, बड़ी मंडी, चौ. महा सिंह मार्केट, मार्बल मार्केट समेत चीका की लगभग सभी मार्केटों में ग्राहकों की संख्या में काफी गिरावट आई है। इसकी वजह से दाल, चावल, कपड़े, खिलौने, कॉस्टमेटिक आइटम, स्टेशनरी, मार्बल समेत कई सामानों की सप्लाई प्रभावित हो गई है। जिससे व्यापारियों में काफी निराशा है। संवाद