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Kaithal News: जताई असंतुष्टि, लगाई फटकार
Thu, 23 Jan 2025 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 23 Jan 2025 01:30 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लघु सचिवालय स्थित सभागार में बुधवार को डीसी प्रीति ने नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन सेल (एनकॉर्ड) की मासिक बैठक ली। इसमें डीसी ने अधिकारियों को नशे को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से कार्य करने के दिशा-निर्देश जारी किए।
साथ ही पिछली बैठक में पंचायत एवं विकास विभाग, सीईओ जिला परिषद व ड्रग कंट्रोल ऑफिसर को जारी निर्देशों के पालन में की गई गतिविधियों पर असंतुष्टि जताकर डीसी ने फटकार भी लगाई। डीसी ने उन्हें अगली बैठक तक नशे के खात्मे के लिए जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर डीसी प्रीति ने कहा कि सरकार ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेशों पर नशे की बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए विशेष मुहिम चलाई गई ह इसीलिए पुलिस सहित संबंधित विभाग नशे की बुराई को खत्म करने के लिए अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं। कहा कि पूरे जिले में दवाओं की दुकानों पर निगरानी बढ़ाई जाए और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्य रूप से बॉर्डर क्षेत्र की दुकानों पर कड़ी निगरानी की जाए।
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डीसी ने कहा कि सभी दवाइयों का रिकॉर्ड नियमानुसार अपडेट हो और जारी किए गए निर्देशानुसार सभी दवा बिक्री दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, जो उनके काउंटर को अच्छे से कवर करते हों। यदि कहीं प्रतिबंधित दवाओं की खपत ज्यादा मिलती है तो कारणों का पता लगाया जाए।
उन्होंेने कहा कि यदि कोई डॉक्टर भी अनावश्यक तौर पर प्रतिबंधित दवाओं की सिफारिश करता है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसीलिए ड्रग कंट्रोल ऑफिसर सुनिश्चित करें कि नियमानुसार ही ऐसी दवाओं का प्रयोग हो, जो नशे की श्रेणी में आती हैं और प्रतिबंधित होने के बावजूद डॉक्टरों की सिफारिश पर लोगों को दी जा सकती हैं।
डीसी ने कहा कि शिक्षा विभाग ब्लॉक अनुसार नुक्कड़ नाटक, जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों को जागरूक करें। स्टेट एक्शन प्लान को क्रियान्वित करने के लिए सभी एसडीएम एवं डीएसपी आपसी तालमेल से नशे विरोधी मुहिम में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में शामिल हों। उन्होंने सीईओ जिला परिषद को निर्देश दिए कि ग्राम सचिव की ब्लॉक अनुसार पुलिस अधिकारियों से बैठक करवाएं, ताकि उन्हें इस अभियान के बारे में जानकारी मिल सके। इसके बाद ग्राम सचिव गांवों में जाकर लोगों को जागरूक करें।
डीसी ने सीएमओ से नशे के प्रति जागरूकता अभियान की जानकारी ली, जिसमें उन्होंने बताया कि सभी पीएचसी में सुझाव पेटिका लगा दी गई है। अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि जो भी व्यक्ति सुझाव पेटिका में सुझाव डालेगा, उसका नाम हर हाल में गुप्त रखा जाए।
एसपी राजेश कालिया ने बताया कि पुलिस ने कलायत में एक झाडि़यों के स्थान को साफ करवाया है। जिसके बारे में नशे का अड्डा बनने को लेकर शिकायतें आ रही थीं। डीसी ने नशामुक्ति केंद्रों के निरीक्षण की रिपोर्ट लेते हुए कहा कि एकदम से किसी केंद्र को बंद करने से पहले उसे नोटिस जारी कर पक्ष लिया जाए। नशामुक्ति केंद्रों में पंजाब के अधिक मरीज आने पर डीसी ने सीएमओ व पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे तालमेल बनाकर रखें।
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कैथल। लघु सचिवालय स्थित सभागार में बुधवार को डीसी प्रीति ने नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन सेल (एनकॉर्ड) की मासिक बैठक ली। इसमें डीसी ने अधिकारियों को नशे को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से कार्य करने के दिशा-निर्देश जारी किए।
साथ ही पिछली बैठक में पंचायत एवं विकास विभाग, सीईओ जिला परिषद व ड्रग कंट्रोल ऑफिसर को जारी निर्देशों के पालन में की गई गतिविधियों पर असंतुष्टि जताकर डीसी ने फटकार भी लगाई। डीसी ने उन्हें अगली बैठक तक नशे के खात्मे के लिए जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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इस मौके पर डीसी प्रीति ने कहा कि सरकार ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेशों पर नशे की बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए विशेष मुहिम चलाई गई ह इसीलिए पुलिस सहित संबंधित विभाग नशे की बुराई को खत्म करने के लिए अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं। कहा कि पूरे जिले में दवाओं की दुकानों पर निगरानी बढ़ाई जाए और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्य रूप से बॉर्डर क्षेत्र की दुकानों पर कड़ी निगरानी की जाए।
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डीसी ने कहा कि सभी दवाइयों का रिकॉर्ड नियमानुसार अपडेट हो और जारी किए गए निर्देशानुसार सभी दवा बिक्री दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, जो उनके काउंटर को अच्छे से कवर करते हों। यदि कहीं प्रतिबंधित दवाओं की खपत ज्यादा मिलती है तो कारणों का पता लगाया जाए।
उन्होंेने कहा कि यदि कोई डॉक्टर भी अनावश्यक तौर पर प्रतिबंधित दवाओं की सिफारिश करता है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसीलिए ड्रग कंट्रोल ऑफिसर सुनिश्चित करें कि नियमानुसार ही ऐसी दवाओं का प्रयोग हो, जो नशे की श्रेणी में आती हैं और प्रतिबंधित होने के बावजूद डॉक्टरों की सिफारिश पर लोगों को दी जा सकती हैं।
डीसी ने कहा कि शिक्षा विभाग ब्लॉक अनुसार नुक्कड़ नाटक, जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों को जागरूक करें। स्टेट एक्शन प्लान को क्रियान्वित करने के लिए सभी एसडीएम एवं डीएसपी आपसी तालमेल से नशे विरोधी मुहिम में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में शामिल हों। उन्होंने सीईओ जिला परिषद को निर्देश दिए कि ग्राम सचिव की ब्लॉक अनुसार पुलिस अधिकारियों से बैठक करवाएं, ताकि उन्हें इस अभियान के बारे में जानकारी मिल सके। इसके बाद ग्राम सचिव गांवों में जाकर लोगों को जागरूक करें।
डीसी ने सीएमओ से नशे के प्रति जागरूकता अभियान की जानकारी ली, जिसमें उन्होंने बताया कि सभी पीएचसी में सुझाव पेटिका लगा दी गई है। अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि जो भी व्यक्ति सुझाव पेटिका में सुझाव डालेगा, उसका नाम हर हाल में गुप्त रखा जाए।
एसपी राजेश कालिया ने बताया कि पुलिस ने कलायत में एक झाडि़यों के स्थान को साफ करवाया है। जिसके बारे में नशे का अड्डा बनने को लेकर शिकायतें आ रही थीं। डीसी ने नशामुक्ति केंद्रों के निरीक्षण की रिपोर्ट लेते हुए कहा कि एकदम से किसी केंद्र को बंद करने से पहले उसे नोटिस जारी कर पक्ष लिया जाए। नशामुक्ति केंद्रों में पंजाब के अधिक मरीज आने पर डीसी ने सीएमओ व पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे तालमेल बनाकर रखें।