{"_id":"68000536789a0e67e30a7743","slug":"expressed-displeasure-against-online-diary-kaithal-news-c-18-1-knl1004-625956-2025-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: ऑनलाइन डायरी के विरोध में जताई नाराजगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: ऑनलाइन डायरी के विरोध में जताई नाराजगी
Thu, 17 Apr 2025 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 17 Apr 2025 12:59 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ एवं स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने ऑनलाइन टीचर डायरी लिखने के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन किया। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर नाराजगी जताने के बाद शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन जिला शिक्षा अधिकारी रामदिया गागट को सौंपा।
इस मौके पर अध्यापक संघ के राज्य महासचिव रामपाल शर्मा, संगठन सचिव सुरेश द्रविड़, जिला कमेटी सदस्य संगीता अहलावत, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान शिवचरण, सलाहकार जयप्रकाश शास्त्री, शारीरिक शिक्षक संघ के राज्य प्रधान रमेश चहल व कौशल ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताई।
गौरतलब है कि शिक्षकों का कहना है कि ऑनलाइन डायरी अपलोड करने में समय लगेगा। कई स्कूलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या है। अतिरिक्त कार्यभार के चलते यह एक जटिल प्रक्रिया बनने के कारण इसमें ज्यादा समय लगेगा। मांग की कि ऑनलाइन डायरी जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
अध्यापकों के जिला प्रधान बलराज शास्त्री ने कहा कि एमआईएस पर बच्चों की उपस्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति, मिड डे मील, प्रतिदिन की विभागीय रिकॉर्ड से एक्शुअल सीटों पर सूचना, सभी तरह के बजट की मांग, शिक्षक-अभिभावक मीटिंग, एसएमसी मीटिंग, सभी खर्चों के उपयोगिता प्रमाण पत्र, सरकार की नीतियों के राजनीतिक लाभ हेतु प्रचार-प्रसार, दाखिले व एसएलसी, आयरन व एडवेंडाजोल की गोलिया, मासिक सूचनाए, दूध, निर्माण कार्य, तरह-तरह के सर्वे, वोट बनाना-काटना-त्रुटि सुधार, परिवार पहचान पत्र व उसमें समय-समय के बदलाव, बच्चों की किताबें, स्टेशनरी, वर्दी, तिमाही उपस्थिति व प्रोत्साहन राशियाँ, परीक्षा परिणाम आदि सभी रिकॉर्ड शिक्षकों को ऑफलाइन भी तैयार करने होते हैं और इससे भी दोगुना समय लगाकर ऑनलाइन भी करने होते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी रिपोर्ट के अनुसार तीन साल में 10 हज़ार बच्चे बढ़े और तीस हज़ार शिक्षकों के पद समाप्त किए गए। प्रदेश में लगभग दो हज़ार स्कूल मात्र एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं और लगभग 2300 स्कूल दो शिक्षकों के सहारे। इनकी शिक्षक डायरी ऑफलाइन भी कोई लगातार 24 घंटे ईमानदारी से काम करके भी प्रतिदिन 21 विषयों की नहीं लिख सकता, और अब तो साथ में ऑनलाइन भी लिखने के तुगलकी फरमान जारी कर दिए गए हैं।
नौ साल से तबादले न करके शिक्षकों को दूर-दूर पटक कर समय व पैसा बर्बाद करवा रखा है। 15 हजार 659 शिक्षकों के पद खाली होते हुए एन दाखिले के समय हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगे अध्यापकों को हटाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार पारदर्शिता के लिए सब कुछ ऑनलाइन करवाना चाहती है, तो वह प्रत्येक स्कूल में एक कंप्यूटर, ऑपरेटर, डेटा व इंटरनेट रेंज उपलब्ध करवाकर करवाए। किसी को कोई एतराज़ नहीं है।
प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान रामफल दयोहरा ने व संचालन जिला सचिव अमरनाथ किठानिया ने किया। इस अवसर पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला सहसचिव शमशेर कालिया, जिला वरिष्ठ उपप्रधान विद्यावती, गुरदेव जांगड़ा,सावित्री देवी, अरुणा देवी,कृष्ण आर्य, नारायण दत्त, सतपाल पांचाल, सुरजीत सिंह आदि अध्यापक मौजूद रहे।
विज्ञापन
कैथल। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ एवं स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने ऑनलाइन टीचर डायरी लिखने के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन किया। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर नाराजगी जताने के बाद शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन जिला शिक्षा अधिकारी रामदिया गागट को सौंपा।
इस मौके पर अध्यापक संघ के राज्य महासचिव रामपाल शर्मा, संगठन सचिव सुरेश द्रविड़, जिला कमेटी सदस्य संगीता अहलावत, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान शिवचरण, सलाहकार जयप्रकाश शास्त्री, शारीरिक शिक्षक संघ के राज्य प्रधान रमेश चहल व कौशल ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताई।
विज्ञापन
गौरतलब है कि शिक्षकों का कहना है कि ऑनलाइन डायरी अपलोड करने में समय लगेगा। कई स्कूलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या है। अतिरिक्त कार्यभार के चलते यह एक जटिल प्रक्रिया बनने के कारण इसमें ज्यादा समय लगेगा। मांग की कि ऑनलाइन डायरी जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
अध्यापकों के जिला प्रधान बलराज शास्त्री ने कहा कि एमआईएस पर बच्चों की उपस्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति, मिड डे मील, प्रतिदिन की विभागीय रिकॉर्ड से एक्शुअल सीटों पर सूचना, सभी तरह के बजट की मांग, शिक्षक-अभिभावक मीटिंग, एसएमसी मीटिंग, सभी खर्चों के उपयोगिता प्रमाण पत्र, सरकार की नीतियों के राजनीतिक लाभ हेतु प्रचार-प्रसार, दाखिले व एसएलसी, आयरन व एडवेंडाजोल की गोलिया, मासिक सूचनाए, दूध, निर्माण कार्य, तरह-तरह के सर्वे, वोट बनाना-काटना-त्रुटि सुधार, परिवार पहचान पत्र व उसमें समय-समय के बदलाव, बच्चों की किताबें, स्टेशनरी, वर्दी, तिमाही उपस्थिति व प्रोत्साहन राशियाँ, परीक्षा परिणाम आदि सभी रिकॉर्ड शिक्षकों को ऑफलाइन भी तैयार करने होते हैं और इससे भी दोगुना समय लगाकर ऑनलाइन भी करने होते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी रिपोर्ट के अनुसार तीन साल में 10 हज़ार बच्चे बढ़े और तीस हज़ार शिक्षकों के पद समाप्त किए गए। प्रदेश में लगभग दो हज़ार स्कूल मात्र एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं और लगभग 2300 स्कूल दो शिक्षकों के सहारे। इनकी शिक्षक डायरी ऑफलाइन भी कोई लगातार 24 घंटे ईमानदारी से काम करके भी प्रतिदिन 21 विषयों की नहीं लिख सकता, और अब तो साथ में ऑनलाइन भी लिखने के तुगलकी फरमान जारी कर दिए गए हैं।
नौ साल से तबादले न करके शिक्षकों को दूर-दूर पटक कर समय व पैसा बर्बाद करवा रखा है। 15 हजार 659 शिक्षकों के पद खाली होते हुए एन दाखिले के समय हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगे अध्यापकों को हटाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार पारदर्शिता के लिए सब कुछ ऑनलाइन करवाना चाहती है, तो वह प्रत्येक स्कूल में एक कंप्यूटर, ऑपरेटर, डेटा व इंटरनेट रेंज उपलब्ध करवाकर करवाए। किसी को कोई एतराज़ नहीं है।
प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान रामफल दयोहरा ने व संचालन जिला सचिव अमरनाथ किठानिया ने किया। इस अवसर पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला सहसचिव शमशेर कालिया, जिला वरिष्ठ उपप्रधान विद्यावती, गुरदेव जांगड़ा,सावित्री देवी, अरुणा देवी,कृष्ण आर्य, नारायण दत्त, सतपाल पांचाल, सुरजीत सिंह आदि अध्यापक मौजूद रहे।