फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Every Panchayat will choose two role model daughters, a committee will be formed at the village level.

Kaithal News: हर पंचायत चुनेगी दो रोल मॉडल बेटियां, गांव स्तर पर बनेगी कमेटी

Wed, 13 May 2026 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 13 May 2026 12:16 AM IST
विज्ञापन
Every Panchayat will choose two role model daughters, a committee will be formed at the village level.
बैठक में सरपंचों के साथ डीसी अपराजिता। प्रवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


कैथल। जिले की प्रत्येक पंचायत अब गांव की दो ऐसी बेटियों का चयन करेगी, जिन्होंने किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल कर गांव और परिवार का नाम रोशन किया हो। इन बेटियों को प्रशासन की ओर से रोल मॉडल के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। उपायुक्त अपराजिता की अगुवाई में उन्हें सफलता के लिए प्रेरित किया जाएगा तथा जिले स्तर पर एक कोर टीम का गठन भी किया जाएगा।

डीसी अपराजिता ने “प्यारी बेटियां” पहल की शुरुआत करते हुए जिले के सबसे बेहतर लिंगानुपात वाले 10 गांवों और सबसे कम लिंगानुपात वाले 10 गांवों के सरपंचों के साथ बैठक की। बैठक में लिंगानुपात सुधारने और बेटियों को प्रोत्साहित करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। डीसी ने कहा कि जिले का इस वर्ष चार माह का लिंगानुपात 890 दर्ज किया गया है, जो चिंता का विषय है। इसमें सुधार के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं और किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिले में स्वयं महिला डीसी और महिला सीएमओ कार्यरत हैं।
विज्ञापन


इन गांवों का लिंगानुपात 1000 से अधिक : डीसी ने बताया कि जिले के ककहेड़ी, ग्योंग, खरकां, फतेहपुर, कैलरम, बरटा, खरक पांडवा, हाबड़ी, मटौर और काकौत गांवों का लिंगानुपात 1000 से अधिक है। उन्होंने इन गांवों के सरपंचों को बधाई दी और कम लिंगानुपात वाले गांवों के प्रतिनिधियों से भी सुधार के लिए सक्रिय सहयोग की अपील की।
विज्ञापन
विज्ञापन


रात्रि प्रवास कार्यक्रमों में सम्मानित होंगी बेटियां

डीसी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक रात्रि प्रवास कार्यक्रम के दौरान संबंधित गांव की किसी उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाली बेटी को सम्मानित किया जाएगा। बैठक में सरपंचों से फीडबैक भी लिया गया, जिसमें सामाजिक स्तर पर कई कारण सामने आए। उन्होंने सरपंचों और सामाजिक संस्थाओं से लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। साथ ही अच्छा कार्य करने वाली आशा वर्कर्स को सम्मानित करने तथा खराब लिंगानुपात वाले गांवों में आशा वर्कर्स के कार्य की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। बैठक में कई सरपंचों ने सुझाव दिए कि संपन्न परिवार गांव की गरीब बेटियों को आर्थिक रूप से गोद लें।





कुछ सरपंचों ने बताया कि उनके गांवों में बेटी जन्म पर परिवारों को आर्थिक सहायता और दो किलो घी देने जैसी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed