{"_id":"6aa849a0814ec004580eeb43","slug":"electricity-costs-reduced-through-solar-power-9026-homes-illuminated-kaithal-news-c-245-1-kht1013-155116-2026-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: सूर्य की रोशनी से घटा बिजली का खर्च, 9026 घर हुए रोशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: सूर्य की रोशनी से घटा बिजली का खर्च, 9026 घर हुए रोशन
विज्ञापन
कैथल की भगत सिंह कॉलोनी में एक घर की छत पर लगा सोलर। संवाद
सोनू थुआ
कैथल। घरों की छत पर लगे सौर संयंत्र अब बिजली का खर्च कम करने में मददगार साबित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले में अब तक 9026 घरों को सौर कनेक्शन दिए जा चुके हैं। जिले को 9651 कनेक्शन का लक्ष्य मिला है, जिसे 31 मार्च तक पूरा किया जाना है। लक्ष्य के मुकाबले अब महज 625 कनेक्शन और दिए जाने बाकी हैं।
योजना के तहत उपभोक्ताओं को राज्य से 8.53 करोड़ और केंद्र से 53 करोड़ रुपये की अनुदान राशि मिल चुकी है। इससे सौर संयंत्र लगवाने की शुरुआती लागत उपभोक्ताओं पर कम हुई है। योजना के तहत कैथल डिवीजन ने अपने निर्धारित लक्ष्य को पार कर लिया है। डिवीजन को 4171 सौर कनेक्शन देने का लक्ष्य मिला था जबकि अब तक 4804 घरों में संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इससे लक्ष्य की तुलना में 633 अधिक कनेक्शन दिए जा चुके हैं पूंडरी डिवीजन में 3338 कनेक्शन का लक्ष्य है। इसके मुकाबले अब तक 2659 घरों को सौर कनेक्शन मिल चुके हैं। वहीं गुहला डिवीजन में 2142 के लक्ष्य के मुकाबले 1563 कनेक्शन लगाए गए हैं।
-- -- -- -- -
पूंडरी में 2.67 करोड़ और गुहला में 63 लाख का राज्य अनुदान
पूंडरी डिवीजन में अब तक राज्य सरकार की ओर से करीब 2 करोड़ 67 लाख रुपये और केंद्र सरकार की ओर से 15 करोड़ 66 लाख रुपये का अनुदान राशि दी गई है। गुहला में राज्य की ओर से करीब 63 लाख रुपये और केंद्र की ओर से 9 करोड़ 36 लाख रुपये की सहायता दी गई है। कैथल डिवीजन में राज्य सरकार की ओर से 5 करोड़ 23 लाख रुपये और केंद्र सरकार की ओर से 28 करोड़ 84 लाख रुपये का अनुदान मिल चुका है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -
एक किलोवाट पर 30 हजार, तीन किलोवाट पर 78 हजार तक अनुदान
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत एक किलोवाट क्षमता के संयंत्र पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये और तीन किलोवाट पर अधिकतम 78 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को संयंत्र लगाने की लागत कम करने में मदद मिल रही है।
वर्जन-
जिले में लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए शेष पात्र उपभोक्ताओं तक योजना का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है। घरों की छत पर सौर संयंत्र लगाने से बिजली की जरूरत का एक हिस्सा स्वयं पूरा होने के कारण पारंपरिक बिजली पर निर्भरता भी कम हो रही है। - भूपेंद्र सिंह, एसई, बिजली निगम कैथल
-- -- -- -- -- -- --
उपभोक्ताओं की जुबानी : हजारों रुपये की बचत
14,768 से घटकर 5,224 रुपये
भगत सिंह कॉलोनी निवासी प्रेमी ने बताया कि पिछले वर्ष गर्मियों में उनका बिजली बिल करीब 14,768 रुपये आया था। इस बार यही बिल घटकर 5,224 रुपये रह गया।
-- -- -- -- -- -- -- -
सर्दियों में नहीं आया बिजली का बिल
किठाना निवासी संदीप ने बताया कि सर्दी शुरू होने से पहले घर पर सौर संयंत्र लगवाया था। पिछले साल सर्दियों में करीब 1575 रुपये का बिल आया था जबकि इस बार बिल नहीं आया।
-- -- -- -- --
12,324 से घटकर 5,356 रुपये
सेक्टर-18 निवासी प्रवीण ने बताया कि घर पर तीन किलोवाट का सौर संयंत्र लगा है। एसी, कूलर और पंखे चलने के बावजूद पिछले साल गर्मियों में 12,324 रुपये का बिल आया था, जो इस बार घटकर 5,356 रुपये रह गया।
-- -- -- -- -- -- -
9424 से घटकर तीन हजार रुपये
सीवन निवासी मनोज ने बताया कि घर पर तीन किलोवाट का सौर संयंत्र लगवाने के बाद इस बार गर्मियों में करीब तीन हजार रुपये का बिल आया। पिछले साल करीब 9,424 रुपये का बिल आया था। सर्दियों में बिल नहीं आया।
विज्ञापन
कैथल। घरों की छत पर लगे सौर संयंत्र अब बिजली का खर्च कम करने में मददगार साबित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले में अब तक 9026 घरों को सौर कनेक्शन दिए जा चुके हैं। जिले को 9651 कनेक्शन का लक्ष्य मिला है, जिसे 31 मार्च तक पूरा किया जाना है। लक्ष्य के मुकाबले अब महज 625 कनेक्शन और दिए जाने बाकी हैं।
योजना के तहत उपभोक्ताओं को राज्य से 8.53 करोड़ और केंद्र से 53 करोड़ रुपये की अनुदान राशि मिल चुकी है। इससे सौर संयंत्र लगवाने की शुरुआती लागत उपभोक्ताओं पर कम हुई है। योजना के तहत कैथल डिवीजन ने अपने निर्धारित लक्ष्य को पार कर लिया है। डिवीजन को 4171 सौर कनेक्शन देने का लक्ष्य मिला था जबकि अब तक 4804 घरों में संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इससे लक्ष्य की तुलना में 633 अधिक कनेक्शन दिए जा चुके हैं पूंडरी डिवीजन में 3338 कनेक्शन का लक्ष्य है। इसके मुकाबले अब तक 2659 घरों को सौर कनेक्शन मिल चुके हैं। वहीं गुहला डिवीजन में 2142 के लक्ष्य के मुकाबले 1563 कनेक्शन लगाए गए हैं।
विज्ञापन
पूंडरी में 2.67 करोड़ और गुहला में 63 लाख का राज्य अनुदान
पूंडरी डिवीजन में अब तक राज्य सरकार की ओर से करीब 2 करोड़ 67 लाख रुपये और केंद्र सरकार की ओर से 15 करोड़ 66 लाख रुपये का अनुदान राशि दी गई है। गुहला में राज्य की ओर से करीब 63 लाख रुपये और केंद्र की ओर से 9 करोड़ 36 लाख रुपये की सहायता दी गई है। कैथल डिवीजन में राज्य सरकार की ओर से 5 करोड़ 23 लाख रुपये और केंद्र सरकार की ओर से 28 करोड़ 84 लाख रुपये का अनुदान मिल चुका है।
विज्ञापन
एक किलोवाट पर 30 हजार, तीन किलोवाट पर 78 हजार तक अनुदान
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत एक किलोवाट क्षमता के संयंत्र पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये और तीन किलोवाट पर अधिकतम 78 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को संयंत्र लगाने की लागत कम करने में मदद मिल रही है।
वर्जन-
जिले में लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए शेष पात्र उपभोक्ताओं तक योजना का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है। घरों की छत पर सौर संयंत्र लगाने से बिजली की जरूरत का एक हिस्सा स्वयं पूरा होने के कारण पारंपरिक बिजली पर निर्भरता भी कम हो रही है। - भूपेंद्र सिंह, एसई, बिजली निगम कैथल
उपभोक्ताओं की जुबानी : हजारों रुपये की बचत
14,768 से घटकर 5,224 रुपये
भगत सिंह कॉलोनी निवासी प्रेमी ने बताया कि पिछले वर्ष गर्मियों में उनका बिजली बिल करीब 14,768 रुपये आया था। इस बार यही बिल घटकर 5,224 रुपये रह गया।
सर्दियों में नहीं आया बिजली का बिल
किठाना निवासी संदीप ने बताया कि सर्दी शुरू होने से पहले घर पर सौर संयंत्र लगवाया था। पिछले साल सर्दियों में करीब 1575 रुपये का बिल आया था जबकि इस बार बिल नहीं आया।
12,324 से घटकर 5,356 रुपये
सेक्टर-18 निवासी प्रवीण ने बताया कि घर पर तीन किलोवाट का सौर संयंत्र लगा है। एसी, कूलर और पंखे चलने के बावजूद पिछले साल गर्मियों में 12,324 रुपये का बिल आया था, जो इस बार घटकर 5,356 रुपये रह गया।
9424 से घटकर तीन हजार रुपये
सीवन निवासी मनोज ने बताया कि घर पर तीन किलोवाट का सौर संयंत्र लगवाने के बाद इस बार गर्मियों में करीब तीन हजार रुपये का बिल आया। पिछले साल करीब 9,424 रुपये का बिल आया था। सर्दियों में बिल नहीं आया।