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एसडीएम का मीटर मिला डेड, एडीसी का मीटर लगा था अंदर, डीसी का मीटर बाहर
ब्यूरो कैथल
Updated Mon, 19 Sep 2016 12:20 AM IST
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रॉकी मित्तल आए वकीलों के समर्थन में
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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वकीलों द्वारा अधिकारियों के घरों के बाहर टूटे व खराब मीटरों के चलते बिजली चोरी के आरोपों पर बिजली विभाग ने रविवार को डीसी सहित अधिकारियों के मीटरों की जांच की। जिसमें एसडीएम आवास का मीटर खराब पाया गया। वहीं एडीसी आवास का मीटर घर के अंदर लगा हुआ मिला। विभाग ने चोरी को लेकर अधिकारियों को क्लीन चिट दी। वहीं डीसी का मीटर बाहर लगा हुआ बताया गया है।
शनिवार को वकीलों ने प्रदर्शन के दौरान खराब एवं बंद पड़े मीटरों के चलते अधिकारियों पर बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। करीब दो घंटे तक बार एसोसिएशन के प्रधान सहित भारी संख्या में वकील अधिकारियों के आवास के बाहर इंतजार करते रहे। लेकिन जांच के लिए विभाग का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। रविवार को इन अधिकारियों के मीटरों की जांच करवाई गई।
बिजली विभाग के एक्सईएन पीसी सैनी की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया है कि 18 सितंबर के अखबारों में आई खबर के संबंध में डीसी, एसडीएम व सीटीएम के घर के मीटर बिजली विभाग के सब डिविजन नंबर दो के एसडीओ द्वारा चेक करवाए गए। जिसमें पाया गया कि एडीसी आवास का मीटर अंदर लगा हुआ है। जिसका नंबर केए24/605 है। यह मीटर सही चल रहा है। बिजली बिल रीडिंग के अनुसार सही आ रहा है। किसी प्रकार की कोई चोरी नहीं पाई गई। विभाग ने कहा कि इस मीटर को जल्द ही बाहर लगा दिया जाएगा।
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सीटीएम के आवास पर मीटर नंबर केए 24/2406 लगा हुआ है। जो सही पाया गया। इसमें कोई चोरी नहीं पाई गई।
एसडीएम के आवास का मीटर नंबर केए 24/2007 है। यह मीटर खराब मिला। लेकिन चोरी नहीं पाई गई। इस मीटर को जल्द बदला जाएगा।
एसडीओ ने एक्सईएन को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि डीसी का आवास एवं कैंप ऑफिस का मीटर नंबर केए 24/2243 है। यह मीटर बाहर पोल पर लगा हुआ है। बिजली बिल रीडिंग के अनुसार बन रहा है। कोई चोरी नहीं पाई गई।
इस तरह से बिजली विभाग ने बिजली चोरी को लेकर अधिकारियों को पूरी तरह से क्लीन चिट दे दी है। वहीं खराब मीटरों को बदले जाने की बात भी कही है।
जब हम शनिवार को बिजली विभाग के अधिकारियों को जांच के लिए बुला रहे थे तो वे मौके पर क्यों नहीं आए? एक दिन बाद विभाग के अधिकारियों ने लीपापोती करके उन्हें बचाने का काम किया है। बार एसोसिएशन इन अधिकारियों के साथ-साथ बिजली विभाग को पार्टी बनाते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेगा। जब आम आदमी का मीटर बाहर हो सकता है तो अधिकारियों का क्यों नहीं? यदि मीटर खराब है तो इसे बदला क्यों नहीं गया? सप्लाई डायरेक्ट थी, इसे बाद में सही कर दिया गया होगा।
अशोक गौतम, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन कैथल।
रॉकी मित्तल आए वकीलों के समर्थन में, सरकार से की डीसी के तबादले की मांग
हरियाणा सरकार के चीफ पब्लिसिटी एडवाइजर रॉकी मित्तल भी वकीलों के साथ आ खड़े हुए। रविवार को मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत में रॉकी मित्तल ने कहा कि वकील बुद्धिजीवी कौम है। उन्हें मजबूरन इस तरह से आंदोलन पर उतारू होना पड़ा है। कैथल के डीसी लोगों की सुनवाई नहीं करते। वे स्वयं आढ़तियों व व्यापारियों को साथ लेकर उनकी सुरक्षा के लिए लाइसेंस बनवाने के लिए उनसे मिले थे। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। डीसी के आदेशों के कारण आज आधा शहर अंधेरे में है। लाइटों को अवैध बताते हुए बंद करवा दिया गया। यदि अवैध थी तो उन्हें वैध करवाकर चालू करवाया जाना चाहिए। जनता प्रशासन की असफलता का खामियाजा क्यों भुगते। वे स्वयं मॉडल टाउन में लगातार हो रहे हादसों को लेकर उनसे मिले और ब्रेकर बनवाने की मांग की। लेकिन उन्होंने ब्रेकर बनवाने से इंकार कर दिया। यहां मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है। लेकिन प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं है। वे सरकार से मांग करेंगे कि डीसी कैथल का तबादला किया जाए।
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शनिवार को वकीलों ने प्रदर्शन के दौरान खराब एवं बंद पड़े मीटरों के चलते अधिकारियों पर बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। करीब दो घंटे तक बार एसोसिएशन के प्रधान सहित भारी संख्या में वकील अधिकारियों के आवास के बाहर इंतजार करते रहे। लेकिन जांच के लिए विभाग का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। रविवार को इन अधिकारियों के मीटरों की जांच करवाई गई।
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बिजली विभाग के एक्सईएन पीसी सैनी की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया है कि 18 सितंबर के अखबारों में आई खबर के संबंध में डीसी, एसडीएम व सीटीएम के घर के मीटर बिजली विभाग के सब डिविजन नंबर दो के एसडीओ द्वारा चेक करवाए गए। जिसमें पाया गया कि एडीसी आवास का मीटर अंदर लगा हुआ है। जिसका नंबर केए24/605 है। यह मीटर सही चल रहा है। बिजली बिल रीडिंग के अनुसार सही आ रहा है। किसी प्रकार की कोई चोरी नहीं पाई गई। विभाग ने कहा कि इस मीटर को जल्द ही बाहर लगा दिया जाएगा।
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सीटीएम के आवास पर मीटर नंबर केए 24/2406 लगा हुआ है। जो सही पाया गया। इसमें कोई चोरी नहीं पाई गई।
एसडीएम के आवास का मीटर नंबर केए 24/2007 है। यह मीटर खराब मिला। लेकिन चोरी नहीं पाई गई। इस मीटर को जल्द बदला जाएगा।
एसडीओ ने एक्सईएन को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि डीसी का आवास एवं कैंप ऑफिस का मीटर नंबर केए 24/2243 है। यह मीटर बाहर पोल पर लगा हुआ है। बिजली बिल रीडिंग के अनुसार बन रहा है। कोई चोरी नहीं पाई गई।
इस तरह से बिजली विभाग ने बिजली चोरी को लेकर अधिकारियों को पूरी तरह से क्लीन चिट दे दी है। वहीं खराब मीटरों को बदले जाने की बात भी कही है।
जब हम शनिवार को बिजली विभाग के अधिकारियों को जांच के लिए बुला रहे थे तो वे मौके पर क्यों नहीं आए? एक दिन बाद विभाग के अधिकारियों ने लीपापोती करके उन्हें बचाने का काम किया है। बार एसोसिएशन इन अधिकारियों के साथ-साथ बिजली विभाग को पार्टी बनाते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेगा। जब आम आदमी का मीटर बाहर हो सकता है तो अधिकारियों का क्यों नहीं? यदि मीटर खराब है तो इसे बदला क्यों नहीं गया? सप्लाई डायरेक्ट थी, इसे बाद में सही कर दिया गया होगा।
अशोक गौतम, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन कैथल।
रॉकी मित्तल आए वकीलों के समर्थन में, सरकार से की डीसी के तबादले की मांग
हरियाणा सरकार के चीफ पब्लिसिटी एडवाइजर रॉकी मित्तल भी वकीलों के साथ आ खड़े हुए। रविवार को मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत में रॉकी मित्तल ने कहा कि वकील बुद्धिजीवी कौम है। उन्हें मजबूरन इस तरह से आंदोलन पर उतारू होना पड़ा है। कैथल के डीसी लोगों की सुनवाई नहीं करते। वे स्वयं आढ़तियों व व्यापारियों को साथ लेकर उनकी सुरक्षा के लिए लाइसेंस बनवाने के लिए उनसे मिले थे। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। डीसी के आदेशों के कारण आज आधा शहर अंधेरे में है। लाइटों को अवैध बताते हुए बंद करवा दिया गया। यदि अवैध थी तो उन्हें वैध करवाकर चालू करवाया जाना चाहिए। जनता प्रशासन की असफलता का खामियाजा क्यों भुगते। वे स्वयं मॉडल टाउन में लगातार हो रहे हादसों को लेकर उनसे मिले और ब्रेकर बनवाने की मांग की। लेकिन उन्होंने ब्रेकर बनवाने से इंकार कर दिया। यहां मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है। लेकिन प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं है। वे सरकार से मांग करेंगे कि डीसी कैथल का तबादला किया जाए।