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Kaithal News: निजी प्रतिष्ठानों पर लगे होर्डिंग से कमाई
Mon, 22 Jan 2024 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 22 Jan 2024 01:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर में कई निजी प्रतिष्ठानों पर होर्डिंग लगे हैं। निजी प्रतिष्ठानों के मालिकों ने होर्डिंग को कमाई का जरिया बना लिया है। इसको लेकर संबंधित विभाग भी चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं नगर परिषद के अफसरों का दावा है कि निजी प्रतिष्ठानों पर लगे होर्डिंग की जानकारी जुटाई जा रही है। बिना अनुमति होर्डिंग लगाकर कमाई करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस समय शहर के कई चौराहों पर निजी प्रतिष्ठानों पर यह होर्डिंग लगे हैं। जिन लोगों के प्रतिष्ठानों पर यह होर्डिंग लगे हैं, इन लोगों ने अभी तक नगर परिषद से कोई अनुमति नहीं ली है। वहीं होर्डिंग के कारण कई बार लोगों को दुर्घटनाओं का भी शिकार होना पड़ता है।
शहर के सेक्टर हो या कॉलोनियां, यहां पर भी निजी प्रतिष्ठानों पर अवैध होर्डिंग नजर आ रहे हैं। विडंबना तो यह है कि कि नगर परिषद ने अभी तक इन होर्डिंग हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। यह होर्डिंग शहर की सुंदरता तो खराब कर ही रहे हैं, साथ ही हादसों को भी न्योता दे रहे हैं। नगर परिषद ने शहर में होर्डिंग लगाने के लिए कोई हिदायत जारी नहीं की है, जिन लोगों ने शहर में अवैध होर्डिंग लगा रखे हैं। उनके लिए भी कोई जुर्माने का प्रावधान नहीं है। ऐसे में लोग नगर परिषद को बिना बताए ही होर्डिंग लगा रहे हैं।
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इन जगहों पर होर्डिंग की ज्यादा भरमार
शहर के अंबाला रोड, पिहोवा चौक, पुराना बस स्टैंड से पिहोवा चौक, ढांड रोड से विश्वकर्मा चौक, ढांड रोड सहित अन्य कई जगहों पर अवैध होर्डिंग लगे हैं। इसके अलावा सरकारी इमारतों, सुलभ शौचालयों पर अवैध होर्डिंग व विज्ञापन लगाए हैं। जिससे परिषद को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
जिन लोगों ने अपने निजी प्रतिष्ठानों पर होर्डिंग लगाए हैं, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। निजी प्रतिष्ठानों पर भी बिना अनुमति के होर्डिंग लगाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। - कुलदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कैथल
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कैथल। शहर में कई निजी प्रतिष्ठानों पर होर्डिंग लगे हैं। निजी प्रतिष्ठानों के मालिकों ने होर्डिंग को कमाई का जरिया बना लिया है। इसको लेकर संबंधित विभाग भी चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं नगर परिषद के अफसरों का दावा है कि निजी प्रतिष्ठानों पर लगे होर्डिंग की जानकारी जुटाई जा रही है। बिना अनुमति होर्डिंग लगाकर कमाई करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस समय शहर के कई चौराहों पर निजी प्रतिष्ठानों पर यह होर्डिंग लगे हैं। जिन लोगों के प्रतिष्ठानों पर यह होर्डिंग लगे हैं, इन लोगों ने अभी तक नगर परिषद से कोई अनुमति नहीं ली है। वहीं होर्डिंग के कारण कई बार लोगों को दुर्घटनाओं का भी शिकार होना पड़ता है।
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शहर के सेक्टर हो या कॉलोनियां, यहां पर भी निजी प्रतिष्ठानों पर अवैध होर्डिंग नजर आ रहे हैं। विडंबना तो यह है कि कि नगर परिषद ने अभी तक इन होर्डिंग हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। यह होर्डिंग शहर की सुंदरता तो खराब कर ही रहे हैं, साथ ही हादसों को भी न्योता दे रहे हैं। नगर परिषद ने शहर में होर्डिंग लगाने के लिए कोई हिदायत जारी नहीं की है, जिन लोगों ने शहर में अवैध होर्डिंग लगा रखे हैं। उनके लिए भी कोई जुर्माने का प्रावधान नहीं है। ऐसे में लोग नगर परिषद को बिना बताए ही होर्डिंग लगा रहे हैं।
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इन जगहों पर होर्डिंग की ज्यादा भरमार
शहर के अंबाला रोड, पिहोवा चौक, पुराना बस स्टैंड से पिहोवा चौक, ढांड रोड से विश्वकर्मा चौक, ढांड रोड सहित अन्य कई जगहों पर अवैध होर्डिंग लगे हैं। इसके अलावा सरकारी इमारतों, सुलभ शौचालयों पर अवैध होर्डिंग व विज्ञापन लगाए हैं। जिससे परिषद को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
जिन लोगों ने अपने निजी प्रतिष्ठानों पर होर्डिंग लगाए हैं, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। निजी प्रतिष्ठानों पर भी बिना अनुमति के होर्डिंग लगाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। - कुलदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कैथल