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Kaithal News: हड़ताल से नहीं हो पा रही नौनिहालों की जांच
Wed, 31 Jul 2024 05:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 31 Jul 2024 05:27 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रही। इस वजह से लोगों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। हड़ताल के कारण एंबुलेंस सेवा प्रभावित होने के साथ टीकाकरण व स्कूल हेल्थ कार्यक्रम में नौनिहालों की जांच नहीं हो पा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के पास 21 एंबुलेंस हैं, इनमें से नौ एंबुलेंस ही संचालित हो पा रही हैं। वहीं, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तो एंबुलेंस सुविधा लोगों को मिल ही नहीं रही है। ऐसे में प्राइवेट वाहनों का सहारा लेकर लोगों को अस्पताल में आना-जाना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम के तहत 513 कर्मचारी लगे हुए हैं। इनमें से तीसरे दिन 447 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। एंबुलेंस सेवा में कुल 53 कर्मचारी हैं, इनमें 52 कर्मचारी हड़ताल पर चल रहा है। सिविल सर्जन कार्यालय में 29 में से 23 कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
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पांचवें दिन जिला नागरिक अस्पताल के बाहर चल रहे धरने को एनएचएम यूनियन के राज्य प्रधान विपिन शर्मा ने धरना स्थल पर पहुंचकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। कर्मचारियों से कहा कि शांति पूर्वक तरीके से अपना विरोध जारी रखें। एनएचएम कर्मचारियों की इस हड़ताल में एंबुलेंस सेवा, पुराना सिविल अस्पताल, सिविल सर्जन कार्यालय, एएनएम सहित पीएचसी, सीएचसी व शहरी स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत स्टाफ हड़ताल पर है।
हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो गई हैं। इस कारण लोगों को इलाज के लिए परेशानी आ रही है।
धरने में शामिल हुए यूनियन के राज्य प्रधान ः एनएचएम कर्मचारियों के धरने के पांचवें दिन की अध्यक्षता डॉ. राजेश गोयत ने की। इस दौरान धरने में स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान विपिन शर्मा कर्मचारियों को संबोधित किया। दावा करते हुए कहा कि अब उनकी जीत निश्चित है। जब तक कर्मचारियों को सरकार नियमित नही करती तब तक हड़ताल जारी रखेंगे।
मंगलवार को समर्थन में आए एमपीएचई एसोसिएशन जिला कैथल के पूर्व प्रधान जोगिंद्र सिंह उर्फ जोगा ने भी कर्मचारी साथियों को पूर्ण सहयोग करने की मांग की व कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही एनएचएम को पक्के कर्मचारियों की श्रेणी में नहीं लिया तो रेगुलर स्टाफ भी जल्द ही आंदोलन को मजबूर हो जाएगा।
गौरतलब है कि हरियाणा के सभी जिले में मिशन के तहत लगे हुए लगभग 15 हजार कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैै। इसमें एनएचएम में लगे सभी कर्मचारियों को पक्का, कर्मचारियों पर सातवां वेतन आयोग लागू, वेतन विसंगतियों को दूर, रेगुलर कर्मचारियों के समान वेतन निर्धारण, रेगुलर कर्मचारियों की तर्ज पर सभी लाभ जैसे कैशलेस मेडिकल, मेडिकल अवकाश इत्यादि का लाभ और पिछली हड़तालों का कटा हुआ वेतन दिया जाने की मांग शामिल है। मंच का संचालन जिला कैथल कोषाध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने किया।
इस अवसर पर आशीष शर्मा, मनदीप, राजीव, पिंटू गर्ग, नवीन, शीला देवी, शर्मिला नर्स, रमेश ड्राईवर, महाबीर ड्राईवर, सोनू, गोपाल, दीपक गुप्ता इत्यादि उपस्थित रहे। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से मुख्यत: पूर्ण रूप से एंबुलेंस सेवायें, एसएनसीयू के कार्य व प्रसूति कार्य, सभी स्तर पर माता व शिशुओं का दी जाने वाले टीकाकरण, जन्म-मृत्यु कार्य, टीबी का टीकाकरण, प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य का कार्य व दफ्तर के रूटीन के सभी कार्य प्रभावित रहे।
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कैथल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रही। इस वजह से लोगों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। हड़ताल के कारण एंबुलेंस सेवा प्रभावित होने के साथ टीकाकरण व स्कूल हेल्थ कार्यक्रम में नौनिहालों की जांच नहीं हो पा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के पास 21 एंबुलेंस हैं, इनमें से नौ एंबुलेंस ही संचालित हो पा रही हैं। वहीं, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तो एंबुलेंस सुविधा लोगों को मिल ही नहीं रही है। ऐसे में प्राइवेट वाहनों का सहारा लेकर लोगों को अस्पताल में आना-जाना पड़ रहा है।
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गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम के तहत 513 कर्मचारी लगे हुए हैं। इनमें से तीसरे दिन 447 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। एंबुलेंस सेवा में कुल 53 कर्मचारी हैं, इनमें 52 कर्मचारी हड़ताल पर चल रहा है। सिविल सर्जन कार्यालय में 29 में से 23 कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
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पांचवें दिन जिला नागरिक अस्पताल के बाहर चल रहे धरने को एनएचएम यूनियन के राज्य प्रधान विपिन शर्मा ने धरना स्थल पर पहुंचकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। कर्मचारियों से कहा कि शांति पूर्वक तरीके से अपना विरोध जारी रखें। एनएचएम कर्मचारियों की इस हड़ताल में एंबुलेंस सेवा, पुराना सिविल अस्पताल, सिविल सर्जन कार्यालय, एएनएम सहित पीएचसी, सीएचसी व शहरी स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत स्टाफ हड़ताल पर है।
हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो गई हैं। इस कारण लोगों को इलाज के लिए परेशानी आ रही है।
धरने में शामिल हुए यूनियन के राज्य प्रधान ः एनएचएम कर्मचारियों के धरने के पांचवें दिन की अध्यक्षता डॉ. राजेश गोयत ने की। इस दौरान धरने में स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान विपिन शर्मा कर्मचारियों को संबोधित किया। दावा करते हुए कहा कि अब उनकी जीत निश्चित है। जब तक कर्मचारियों को सरकार नियमित नही करती तब तक हड़ताल जारी रखेंगे।
मंगलवार को समर्थन में आए एमपीएचई एसोसिएशन जिला कैथल के पूर्व प्रधान जोगिंद्र सिंह उर्फ जोगा ने भी कर्मचारी साथियों को पूर्ण सहयोग करने की मांग की व कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही एनएचएम को पक्के कर्मचारियों की श्रेणी में नहीं लिया तो रेगुलर स्टाफ भी जल्द ही आंदोलन को मजबूर हो जाएगा।
गौरतलब है कि हरियाणा के सभी जिले में मिशन के तहत लगे हुए लगभग 15 हजार कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैै। इसमें एनएचएम में लगे सभी कर्मचारियों को पक्का, कर्मचारियों पर सातवां वेतन आयोग लागू, वेतन विसंगतियों को दूर, रेगुलर कर्मचारियों के समान वेतन निर्धारण, रेगुलर कर्मचारियों की तर्ज पर सभी लाभ जैसे कैशलेस मेडिकल, मेडिकल अवकाश इत्यादि का लाभ और पिछली हड़तालों का कटा हुआ वेतन दिया जाने की मांग शामिल है। मंच का संचालन जिला कैथल कोषाध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने किया।
इस अवसर पर आशीष शर्मा, मनदीप, राजीव, पिंटू गर्ग, नवीन, शीला देवी, शर्मिला नर्स, रमेश ड्राईवर, महाबीर ड्राईवर, सोनू, गोपाल, दीपक गुप्ता इत्यादि उपस्थित रहे। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से मुख्यत: पूर्ण रूप से एंबुलेंस सेवायें, एसएनसीयू के कार्य व प्रसूति कार्य, सभी स्तर पर माता व शिशुओं का दी जाने वाले टीकाकरण, जन्म-मृत्यु कार्य, टीबी का टीकाकरण, प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य का कार्य व दफ्तर के रूटीन के सभी कार्य प्रभावित रहे।