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आधुनिक भारत के शिल्पकार थे डॉ. भीमराव आंबेडकर : डॉ. अहमद
Sat, 07 Dec 2024 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 07 Dec 2024 12:58 AM IST
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कैथल। बाबा साहेब डाॅ. भीमराव आंबेडकर ने भारत ने ही नहीं, पूरे विश्व को एवं समूचे मानव जाति के जीवन को आलोकित किया। भारत राष्ट्र सदैव बाबा साहेब का ऋणी रहेगा। यह बात एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय कैथल में विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. डॉ. शमीम अहमद ने कही।
बाबा साहेब डाॅ. आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद संबोधन में उन्होंने यह बात कही।
विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार एवं पॉलिटिकल साइंस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कुलपति प्रो. डॉ शमीम अहमद ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कहा कि बाबा साहेब डाॅ. आंबेडकर केवल किसी वर्ग विशेष के मसीहा नहीं, बल्कि पूरे भारत के मसीहा हैं, जिन्होंने भारतीय संविधान के जरिए राष्ट्र के नागरिकों को न केवल मताधिकार बल्कि अन्य कल्याणकारी नीति एवं प्रावधान दिए। युवा वर्ग से उन्होंने आह्वान किया कि डाॅ. आंबेडकर के बारे अध्ययन कर उनकी भूमिका व उनके योगदान को जानने का प्रयास करें।
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उन्होंने कहा कि चाहे पीड़ित-शोषित समाज हो, चाहे महिलाएं हो, चाहे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग हो, डा. अंबेडकर की संवैधानिक भूमिका से इन सभी को सामाजिक न्याय मिला। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने छात्रों से आह्वान किया कि डाॅ. आंबेडकर के बारे अध्ययन कर उनकी भूमिका तथा उनके योगदान को जानने का प्रयास करें, साथ ही सामाजिक उत्थान में अपना योगदान दें।
पॉलिटिकल साइंस विभाग के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र मुंडे ने कहा कि आंबेडकर ने भारतीय संविधान के जरिए न केवल राजनीतिक लोकतंत्र बल्कि सामाजिक-आर्थिक लोकतंत्र की नींव भी रखी। इस कार्यक्रम में डॉ रवि गहलावत, डॉ. मुकेश राणा, डॉ. राजेश पांडे, डॉक्टर रविंद्र पांडे, डॉ. बलविंद्र सिंह, डॉ. अनिल दहिया, डॉ. अमृत सोनी, डॉक्टर सोनम, प्राध्यापक अमरजीत मोर, अरविंद, डॉ. सुमन प्राध्यापिका रेखा, सुमन मौजूद रहे। संवाद
बाबा साहेब डाॅ. आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद संबोधन में उन्होंने यह बात कही।
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विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार एवं पॉलिटिकल साइंस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कुलपति प्रो. डॉ शमीम अहमद ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कहा कि बाबा साहेब डाॅ. आंबेडकर केवल किसी वर्ग विशेष के मसीहा नहीं, बल्कि पूरे भारत के मसीहा हैं, जिन्होंने भारतीय संविधान के जरिए राष्ट्र के नागरिकों को न केवल मताधिकार बल्कि अन्य कल्याणकारी नीति एवं प्रावधान दिए। युवा वर्ग से उन्होंने आह्वान किया कि डाॅ. आंबेडकर के बारे अध्ययन कर उनकी भूमिका व उनके योगदान को जानने का प्रयास करें।
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उन्होंने कहा कि चाहे पीड़ित-शोषित समाज हो, चाहे महिलाएं हो, चाहे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग हो, डा. अंबेडकर की संवैधानिक भूमिका से इन सभी को सामाजिक न्याय मिला। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने छात्रों से आह्वान किया कि डाॅ. आंबेडकर के बारे अध्ययन कर उनकी भूमिका तथा उनके योगदान को जानने का प्रयास करें, साथ ही सामाजिक उत्थान में अपना योगदान दें।
पॉलिटिकल साइंस विभाग के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र मुंडे ने कहा कि आंबेडकर ने भारतीय संविधान के जरिए न केवल राजनीतिक लोकतंत्र बल्कि सामाजिक-आर्थिक लोकतंत्र की नींव भी रखी। इस कार्यक्रम में डॉ रवि गहलावत, डॉ. मुकेश राणा, डॉ. राजेश पांडे, डॉक्टर रविंद्र पांडे, डॉ. बलविंद्र सिंह, डॉ. अनिल दहिया, डॉ. अमृत सोनी, डॉक्टर सोनम, प्राध्यापक अमरजीत मोर, अरविंद, डॉ. सुमन प्राध्यापिका रेखा, सुमन मौजूद रहे। संवाद