फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Dose of medicine to attendants also

Kaithal News: तीमारदारों को भी दवा की डोज

Wed, 18 Dec 2024 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 18 Dec 2024 01:21 AM IST
विज्ञापन
Dose of medicine to attendants also
कमल बहल
विज्ञापन

कैथल। जिले में क्षय रोग यानी टीबी (माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस) बीमारी को खत्म करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने अब एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत विभाग की ओर से टीबी के मरीजों के संपर्क में आने वाले तीमारदार आदि लोगों को बचाव के लिए दवा दी जाएगी। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे करीब ढाई हजार लोगों को चिह्नित किया है। इन लोगों की दवा शुरू कर दी गई है।

गौरतलब है कि सर्दी के मौसम में इस बीमारी के बढ़ने का अधिक खतरा रहता है। टीबी की बीमारी के न बढ़े मरीज, इसी उद्देश्य से विभाग ने यह कार्यक्रम शुरू किया है। जिले में इस समय टीबी के 750 से अधिक एक्टिव मरीज हैं। इन मरीजों को विभिन्न संगठनों की ओर से गोद भी लिया गया है। इसके तहत सरकार इन्हें 500 रुपये प्रति माह डाइट की राशि भी दे रही है।
विज्ञापन


चिह्नित किए गए लोगों के टीबी के संदर्भ में सैंपल भी लिए जाएंगे। यदि विभाग को जांच में यह लोग टीबी पॉजिटिव मिलते हैं तो उपचार भी शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग फेफड़ों में टीबी मिलने वाले मरीज के संपर्क में आए लोगों की जांच करेगा। फेफड़ों की टीबी के मरीज से संपर्क में आए व्यक्ति के शरीर में कीटाणु जा सकता है। जिले में अब तक 1500 से अधिक टीबी के संक्रमित केस सामने आ चुके हैं। इसमें से करीब 750 मरीज एक्टिव हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन


टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत टीबी मरीज के परिवार के सदस्यों व उसके संपर्क में आए लोगों का टीएसटी और ईग्रा टेस्ट किया जाएगा। यदि इसमें पॉजिटिव मिलते है तो उनका उपचार शुरू होगा। इससे संपर्क में आए व्यक्ति को टीबी होने से बचाया जा सकेगा। ऐसे में अब तक करीब ढाई हजार लोगों की जांच की जा चुकी है। इनमें टीबी बीमारी की पुष्टि तो नहीं हो पाई, लेकिन बचाव के लिए इनकी एक समय की दवा शुरू की गई है। यदि कोई टीबी पॉजिटिव पाया जाता है तो नियमानुसार इलाज शुरू किया जाएगा। - डॉ. सतीश बातिश, उप सिविल सर्जन एवं जिला नोडल अधिकारी, टीबी बचाव कार्यक्रम।

बीमारी को जानें
टीबी बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है, जो हवा में संक्रमण से फैलती है। यह आमतौर पर फेफड़ों से शुरू होती है। सबसे कॉमन फेफड़ों की टीबी ही है लेकिन यह ब्रेन, यूटरस, मुंह, लिवर, किडनी, गला, हड्डी आदि शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है। टीबी का बैक्टीरिया हवा के जरिए फैलता है। टीबी के मरीज को उपचार के दौरान इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि किसी भी सूरत में डॉक्टर की बताई गई दवा न छूटे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed