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Kaithal: 40 लाख खर्च करने के बावजूद सुशील खाली हाथ लाैटा घर, कबड्डी का बेहतरीन खिलाड़ी रहा है
Mon, 17 Feb 2025 10:31 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 17 Feb 2025 10:31 AM IST
सार
सुशील कबड्डी का बेहतरीन खिलाड़ी रहा है। कुशल प्रदर्शन करते हुए युवा ने खेल मेडलों से प्रदेश की झोली भरते हुए देश में इलाके का नाम रोशन किया। रोजगार न होने के कारण परिवार ने उसे बाहर भेजा था।
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सुशील
- फोटो : संवाद
विस्तार
कैथल के मटौर के 18 वर्षीय सुशील की अमेरिका से घर वापसी हुई है। छह माह पहले ही किसान परिवार का बेटा सुशील रोजगार के लिए विदेश गया था। इसके लिए परिवार ने अपनी सारी डेढ़ एकड़ खेती भूमि बेची थी। 40 से 50 लाख रुपये खर्च करने पर भी अब युवा को खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। इससे घर में मायूसी है।
सुशील के चाचा कृष्ण ने बताया कि उनका भतीजा कबड्डी का बेहतरीन खिलाड़ी रहा है। कुशल प्रदर्शन करते हुए युवा ने खेल मेडलों से प्रदेश की झोली भरते हुए देश में इलाके का नाम रोशन किया। रोजगार न होने के कारण पिता अजमेर सिंह व माता सुदेश रानी ने बेटे को विदेश भेजने का मन बनाया। उन्हें आस थी कि छोटा बेटा विदेश में काम करेगा और बड़ा बेटा घर में बड़े-बुजुर्गों का सहारा होगा। जैसे ही सुशील को अमेरिका से घर वापिस भेजा गया, सारे सपने बिखर गए। किसान परिवार को बेबसी ने ऐसा घेरा कि वे न तो हंस पा रहे हैं और खुलकर दर्द बयान हो रहा।
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सुशील के चाचा कृष्ण ने बताया कि उनका भतीजा कबड्डी का बेहतरीन खिलाड़ी रहा है। कुशल प्रदर्शन करते हुए युवा ने खेल मेडलों से प्रदेश की झोली भरते हुए देश में इलाके का नाम रोशन किया। रोजगार न होने के कारण पिता अजमेर सिंह व माता सुदेश रानी ने बेटे को विदेश भेजने का मन बनाया। उन्हें आस थी कि छोटा बेटा विदेश में काम करेगा और बड़ा बेटा घर में बड़े-बुजुर्गों का सहारा होगा। जैसे ही सुशील को अमेरिका से घर वापिस भेजा गया, सारे सपने बिखर गए। किसान परिवार को बेबसी ने ऐसा घेरा कि वे न तो हंस पा रहे हैं और खुलकर दर्द बयान हो रहा।
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खेड़ी लांबा गांव में भी हो रही युवा की वापसी
खेड़ी लांबा गांव में भी 36 वर्षीय रमेश की अमेरिका से घर वापसी से परिवार को झटका लगा है। युवा काफी समय से पहले किसी अन्य देश में रहते हुए रोजी कमा रहा था। बाद उसने अमेरिका की राह पकड़ी। उसे नहीं मालूम था कि अमेरिका से उसे इस तरह विवश होकर आना पड़ेगा।
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