{"_id":"674a10352373db09d408bb94","slug":"denied-entry-after-being-fired-from-job-kaithal-news-c-18-1-knl1004-529843-2024-11-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: नौकरी से निकालने के बाद किया प्रवेश वर्जित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: नौकरी से निकालने के बाद किया प्रवेश वर्जित
Sat, 30 Nov 2024 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 30 Nov 2024 12:34 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पिछले 40 दिनों से महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के टीक स्थित अस्थायी परिसर में धरना दे रहे शिक्षकों काे नौकरी से निकाल दिया है। यह आरोप धरना दे रहे शिक्षकों ने लगाया है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई है।
उन्होंने कहा कि विवि में हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास और राजनीति विज्ञान विषयों को शास्त्री पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग को लेकर छात्रों और शिक्षकों का संयुक्त धरना जारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक समस्या के समाधान हेतु कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। इसके उल्टा प्रशासन धरना दे रहे चार शिक्षकों को नौकरी से निकालने की बात कह रहा है।
यूनिवर्सिटी ने उन चार शिक्षकों का प्रवेश बंद कर दिया। जब शिक्षक धरना देने के लिए पहुंचे तो यूनिवर्सिटी के सुरक्षा कर्मियों ने कहा कि आप का विवि में प्रवेश बंद है, जब उनसे इस बारे में पूछा की कोई लिखित आदेश है तो दिखाओ। सुरक्षा कर्मियों ने कहा कि हमारे पास कोई लिखित आदेश नहीं, मौखिक रूप से विवि के अधिकारियों ने उन्हें कहा है कि इन को अंदर नहीं घुसने देना। नाराज शिक्षकों का आरोप है कि विवि प्रशासन ने बिल्कुल तानाशाही पर उतर आया है।
विज्ञापन
नाराज शिक्षकों ने इस संबंध में कुलपति को पत्र लिख कर लिखित में प्रवेश वर्जित का कारण ओर आदेश मांगा, लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली। शिक्षकों ने विवि के गेट पर बैठ कर धरना दिया। डॉ. ओमवीर ने कहा कि विवि प्रशासन असंवैधानिक कार्य कर रहा है। यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया तो वे कोई कठोर निर्णय लेने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
कैथल। पिछले 40 दिनों से महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के टीक स्थित अस्थायी परिसर में धरना दे रहे शिक्षकों काे नौकरी से निकाल दिया है। यह आरोप धरना दे रहे शिक्षकों ने लगाया है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई है।
उन्होंने कहा कि विवि में हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास और राजनीति विज्ञान विषयों को शास्त्री पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग को लेकर छात्रों और शिक्षकों का संयुक्त धरना जारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक समस्या के समाधान हेतु कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। इसके उल्टा प्रशासन धरना दे रहे चार शिक्षकों को नौकरी से निकालने की बात कह रहा है।
विज्ञापन
यूनिवर्सिटी ने उन चार शिक्षकों का प्रवेश बंद कर दिया। जब शिक्षक धरना देने के लिए पहुंचे तो यूनिवर्सिटी के सुरक्षा कर्मियों ने कहा कि आप का विवि में प्रवेश बंद है, जब उनसे इस बारे में पूछा की कोई लिखित आदेश है तो दिखाओ। सुरक्षा कर्मियों ने कहा कि हमारे पास कोई लिखित आदेश नहीं, मौखिक रूप से विवि के अधिकारियों ने उन्हें कहा है कि इन को अंदर नहीं घुसने देना। नाराज शिक्षकों का आरोप है कि विवि प्रशासन ने बिल्कुल तानाशाही पर उतर आया है।
विज्ञापन
नाराज शिक्षकों ने इस संबंध में कुलपति को पत्र लिख कर लिखित में प्रवेश वर्जित का कारण ओर आदेश मांगा, लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली। शिक्षकों ने विवि के गेट पर बैठ कर धरना दिया। डॉ. ओमवीर ने कहा कि विवि प्रशासन असंवैधानिक कार्य कर रहा है। यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया तो वे कोई कठोर निर्णय लेने को मजबूर होंगे।