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Kaithal News: न्यूनतम मजदूरी के लिए कलायत में प्रदर्शन

Sat, 03 Feb 2024 03:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 03 Feb 2024 03:27 AM IST
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Demonstration in Kalayat for minimum wage
संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। मनरेगा योजना की आड़ में न्यूनतम मजदूरी 357 रुपये में भारी कटौती करने पर मजदूर गुस्से से लाल हैं। तकनीकी विंग ने 119 रुपये की कटौती कर मजदूरों की 238 रुपये की मजदूरी तय करने पर मजदूरों ने बीडीपीओ कार्यालय में प्रदर्शन किया।

ॉमामला गांव बालू से जुड़ा है। मनरेगा मैट बलजीत, हरिकेश, राजू, पवन और महिला मजदूरों ने कहा कि पांच माह के लंबे समय अंतराल के बाद 15 से 22 जनवरी तक सात दिन का मस्ट्रोल निकाला गया। अधिकारियों के निर्देश अनुसार मजदूरों ने सुबह आठ से शाम पांच बजे तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सफाई का कार्य किया, लेकिन सात दिन तक साइट पर सरपंच और कोई मनरेगा अधिकारी नहीं आया। 24 जनवरी को तकनीकी विंग ने कार्य की पैमाइश की।
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इसके अनुसार उन्हें औसतन दिहाड़ी 357 रुपये बनती थी। जब उन्होंने आन लाइन विवरण देखा तो दिहाड़ी मात्र 238 रुपये 31 पैसे दर्शाई गई थी। जबकि मनरेगा मेंं उनकी न्यूनतम मजदूरी 357 रुपये बनती थी। यह करीब 120 मनरेगा मजदूरों के साथ न केवल बड़ा गोलमाल है, बल्कि सरकार की नीतियों को ठेंगा है। मजदूरी के मुद्दे को लेकर एकजुट हुए मजदूरों ने रदर्शन करने का निर्णय लेना पड़ा। इसके तहत बीडीपीओ कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। काफी समय मनरेगा मजदूर विरोध प्रदर्शन करते रहे। बावजूद इसके न तो मनरेगा अधिकारियों ने उनसे बात करने की जरूरत समझी और न ही कोई दूसरा अधिकारी मौके पर पहुंचा।
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इस पर मनरेगा महिला मजदूरों ने अनिश्चितकालीन धरना का ऐलान करते हुए कार्यालय की सीढिय़ों पर पड़ाव जमा लिया। मजदूरों ने बताया कि नाजुक स्थिति के मद्देनजर बीडीपीओ कार्यालय में पहुंची और उन्हें समस्या निवारण का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन को स्थगित किया।



प्रशिक्षण के सिलसिले मेंं वे कार्यालय में मौजूद नहीं हैं। मनरेगा मजदूरों का मामला उनके संज्ञान में आया है। सरकार की नीति अनुसार मजदूरी देना अनिवार्य है। इसलिए विषय की समीक्षा करने के उपरांत कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए बीडीपीओ कार्यालय से जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने मजदूरों से धैर्य और सहयोग की अपील की।

देवेंद्र शर्मा, एसडीएम, कलायत।
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