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Kaithal News: किसान नेता पांड्यन की रिहाई मांगी

Fri, 19 Dec 2025 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 19 Dec 2025 01:08 AM IST
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Demanded release of farmer leader Pandian
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के आह्वान पर तमिलनाडु के किसान नेता पी. आर. पांड्यन की रिहाई की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के सदस्यों ने जिला उपायुक्त अपराजिता से मिलकर उन्हें राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

इस मौके पर किसान नेताओं ने कहा कि ओएनजीसी द्वारा 2015 में दर्ज एक झूठे और मनगढ़ंत मामले में किसान नेता पी. आर. पांड्यन और उनके सहयोगी सेल्वराज को 13 साल की सजा सुनाई गई है, जबकि वे निर्दोष हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि दोनों को शांतिपूर्ण आंदोलन की सजा दी जा रही है।
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बीकेयू सिद्धूपुर के नेता होशियार गिल ने बताया कि पी. आर. पांड्यन ने अपना संपूर्ण जीवन किसान हितों और ग्रामीण समाज के उत्थान के लिए समर्पित किया है। उन्होंने बताया कि 2013 में तमिलनाडु के धर्मापुरी जिले के करिमंगलम क्षेत्र में ओएनजीसी द्वारा खुदाई और ड्रिलिंग का कार्य चल रहा था। उसी वर्ष गैस लीकेज के बाद सरकार ने उस साइट पर काम रोकने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद ओएनजीसी ने कार्य जारी रखा। विरोध में 2015 में पी. आर. पांड्यन के नेतृत्व में किसानों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, लेकिन ओएनजीसी ने फर्जी सबूतों के आधार पर नेताओं के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवा दिया। उसी मामले में दोनों किसान नेता आज भी जेल में बंद हैं। किसान संगठनों ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर दोनों नेताओं की तुरंत रिहाई की मांग की।
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