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Kaithal News: बेटियां खो-खो में चमका रही नाम, जीते पदक
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20-कैथल। राजकीय मिडल स्कूल डूल्याणी में मैदान पर अभ्यास करती खो-खो टीम की खिलाड़ी। स्वयं
कैथल। राजकीय मिडिल स्कूल दुलयानी की बेटियों ने खो-खो में शानदार प्रदर्शन कर नाम रोशन किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उन्होंने पदकों की झड़ी लगा दी और माता-पिता, स्कूल और कोच का नाम गौरवान्वित किया है।
कोच रजनी बाला और सोहन कुमार का सपना है कि ये खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतें और खेल के माध्यम से सरकारी नौकरी भी प्राप्त करें।
बेहतरीन प्रदर्शन कर रहीं स्कूल की बेटियां
कोच रजनी बाला और सोहन कुमार ने बताया कि पिछले आठ वर्षों से इस स्कूल की कई खिलाड़ी खो-खो में भाग ले रही हैं और अपनी मेहनत के बलबूते पदक जीत रही हैं। रोजाना लगभग 40 लड़कियां अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग में अभ्यास करती हैं। सर्दी हो या गर्मी, सभी खिलाड़ी सुबह छह से आठ बजे तक मैदान में कड़ा अभ्यास करती हैं। कोच रजनी बाला पिछले चार वर्षों से इस स्कूल में कार्यरत हैं और इस दौरान स्कूल की टीम ने लगातार राज्यस्तर पर स्वर्ण पदक हासिल किए हैं।
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पदकों की झड़ी और राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी
वर्ष 2021-22 में अंडर-14 टीम ने दो बार स्वर्ण पदक जीते। वर्ष 2023 में अंडर-17 टीम ने राज्यस्तर पर स्वर्ण पदक जीता। इस वर्ष अंडर-19 टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक हासिल किया। हर बार स्कूल की खो-खो टीम राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर रही है और अब ये खिलाड़ी दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने जा रही हैं।
सीएम कप में ऐतिहासिक जीत
पिछले वर्ष अगस्त में पंचकूला में हुए सीएम कप में दुल्यानी स्कूल की खो-खो टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया था और पहली बार दो लाख रुपये का नकद इनाम भी जीता था। इस साल भी अंडर-19 टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया। कोच रजनी बाला व कोच सोहन कुमार ने बताया कि स्कूल की ज्यादातर खिलाड़ी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं, लेकिन ग्राम पंचायत और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के सहयोग से उन्हें हरसंभव सहायता दी जाती है। स्कूल प्रशासन की ओर से इन खिलाडिय़ों को ट्रैक सूट, खेल उपकरण और बेहतर डाइट फल, चना, दूध और जूस उपलब्ध कराया जाती है।
देश के लिए खेलना खिलाड़ियों का सपना
राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पदक जीतने वाली खिलाड़ी पारुल, प्रियंका, चंचल, मुस्कान, रोमा और अंजलि ने बताया कि वे कोच रजनी बाला और सोहन कुमार से खो-खो के गुर सीख रही हैं। उनकी मेहनत और समर्पण का ही नतीजा है कि वे लगातार राज्यस्तर और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत रही हैं। सभी खिलाडिय़ों का सपना है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलें और देश के लिए स्वर्ण पदक जीतें। दुल्यानी गांव की बेटियां अपने शानदार प्रदर्शन से यह साबित कर रही हैं कि अगर हौसले बुलंद हों और सही मार्गदर्शन मिले, तो किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
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कोच रजनी बाला और सोहन कुमार का सपना है कि ये खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतें और खेल के माध्यम से सरकारी नौकरी भी प्राप्त करें।
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बेहतरीन प्रदर्शन कर रहीं स्कूल की बेटियां
कोच रजनी बाला और सोहन कुमार ने बताया कि पिछले आठ वर्षों से इस स्कूल की कई खिलाड़ी खो-खो में भाग ले रही हैं और अपनी मेहनत के बलबूते पदक जीत रही हैं। रोजाना लगभग 40 लड़कियां अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग में अभ्यास करती हैं। सर्दी हो या गर्मी, सभी खिलाड़ी सुबह छह से आठ बजे तक मैदान में कड़ा अभ्यास करती हैं। कोच रजनी बाला पिछले चार वर्षों से इस स्कूल में कार्यरत हैं और इस दौरान स्कूल की टीम ने लगातार राज्यस्तर पर स्वर्ण पदक हासिल किए हैं।
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पदकों की झड़ी और राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी
वर्ष 2021-22 में अंडर-14 टीम ने दो बार स्वर्ण पदक जीते। वर्ष 2023 में अंडर-17 टीम ने राज्यस्तर पर स्वर्ण पदक जीता। इस वर्ष अंडर-19 टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक हासिल किया। हर बार स्कूल की खो-खो टीम राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर रही है और अब ये खिलाड़ी दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने जा रही हैं।
सीएम कप में ऐतिहासिक जीत
पिछले वर्ष अगस्त में पंचकूला में हुए सीएम कप में दुल्यानी स्कूल की खो-खो टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया था और पहली बार दो लाख रुपये का नकद इनाम भी जीता था। इस साल भी अंडर-19 टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया। कोच रजनी बाला व कोच सोहन कुमार ने बताया कि स्कूल की ज्यादातर खिलाड़ी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं, लेकिन ग्राम पंचायत और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के सहयोग से उन्हें हरसंभव सहायता दी जाती है। स्कूल प्रशासन की ओर से इन खिलाडिय़ों को ट्रैक सूट, खेल उपकरण और बेहतर डाइट फल, चना, दूध और जूस उपलब्ध कराया जाती है।
देश के लिए खेलना खिलाड़ियों का सपना
राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पदक जीतने वाली खिलाड़ी पारुल, प्रियंका, चंचल, मुस्कान, रोमा और अंजलि ने बताया कि वे कोच रजनी बाला और सोहन कुमार से खो-खो के गुर सीख रही हैं। उनकी मेहनत और समर्पण का ही नतीजा है कि वे लगातार राज्यस्तर और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत रही हैं। सभी खिलाडिय़ों का सपना है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलें और देश के लिए स्वर्ण पदक जीतें। दुल्यानी गांव की बेटियां अपने शानदार प्रदर्शन से यह साबित कर रही हैं कि अगर हौसले बुलंद हों और सही मार्गदर्शन मिले, तो किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

20-कैथल। राजकीय मिडल स्कूल डूल्याणी में मैदान पर अभ्यास करती खो-खो टीम की खिलाड़ी। स्वयं