{"_id":"5b8adeef42c792465274be83","slug":"11535827695-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी सरकारी वकील बनकर 60 हजार मांगे, 30 दिए","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फर्जी सरकारी वकील बनकर 60 हजार मांगे, 30 दिए
Updated Sun, 02 Sep 2018 12:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्जी सरकारी वकील बनकर मांगे 60 हजार मांगे, शक होने पर पकड़ा
पीड़ित ने 30 हजार दिया, बाकि के 30 मांगें तो हुआ शक
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एक व्यक्ति ने फर्जी सरकारी वकील बनकर केस में मदद करने के बहाने 60 हजार रुपये की मांग की। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया है। गांव खेड़ी रायवाली निवासी तिलकराज ने बताया कि ढांड पुलिस थाने में उसके खिलाफ एक मामला दर्ज है। लड़ाई-झगड़े के इस मामले में दीपू व राजेंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसकी केस की सुनवाई न्यायाधीश उदय प्रताप सिंह की अदालत में चल रही है।
इसी बीच रात के समय उसके पास फोन आया कि अदालत से एडीए बोल रहा हूं। केस नंबर 85 के अंदर कुछ खामियां हैं जो आदमी पुलिस ने निकाल दिए हैं व धारा पुलिस ने तोड़ी थी, उस बारे में डीएसपी से बात हो गई है। तीन लाख रुपये का प्रबंध कर लेना। एक लाख रुपये एडवांस में देने होंगे, बाकी काम होने के बाद। शिकायतकर्ता ने कहा कि 31 अगस्त की सुबह कोर्ट में उसका एक आदमी मिलेगा उसे पैसे दे देना। आरोपी के दिए समय अनुसार वह कोर्ट में पहुंच गया जब उसने फोन किया तो बोला कोर्ट के अंदर कैमरे लगे हुए हैं इसलिए पैसे यहां नहीं देने। जाट स्कूल के नजदीक पेट्रोल पंप के पास उसका आदमी मिलेगा वहां पैसे दे देना। जब वह वहां पहुंचा तो एक युवक बिना नंबर की स्कूटी लिए खड़ा था। बोला एडीए ने भेजा है पैसे दे दो। जहां उसने 30 हजार रुपये देने की बात कही। इसके बाद उसने 30 हजार रुपये और देने को कहा। इसी बीच उसने अपने दोस्त को मौके पर बुला लिया। जब उस युवक पर शक हुआ तो उसे पकड़ कर पूछताछ की। जिसमें उसकी पहचान पटियाला के गांव जसौवाल निवासी अमरीक सिंह के रूप में हुई। दूसरा आरोपी पटेल नगर निवासी धर्मेंद्र उर्फ मोनू है, जिसे वह पहले से ही जानता है। दोनों आरोपियों ने नकली सरकारी वकील बनकर उसके साथ धोखाधड़ी की है।
विज्ञापन
पीड़ित ने 30 हजार दिया, बाकि के 30 मांगें तो हुआ शक
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एक व्यक्ति ने फर्जी सरकारी वकील बनकर केस में मदद करने के बहाने 60 हजार रुपये की मांग की। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया है। गांव खेड़ी रायवाली निवासी तिलकराज ने बताया कि ढांड पुलिस थाने में उसके खिलाफ एक मामला दर्ज है। लड़ाई-झगड़े के इस मामले में दीपू व राजेंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसकी केस की सुनवाई न्यायाधीश उदय प्रताप सिंह की अदालत में चल रही है।
इसी बीच रात के समय उसके पास फोन आया कि अदालत से एडीए बोल रहा हूं। केस नंबर 85 के अंदर कुछ खामियां हैं जो आदमी पुलिस ने निकाल दिए हैं व धारा पुलिस ने तोड़ी थी, उस बारे में डीएसपी से बात हो गई है। तीन लाख रुपये का प्रबंध कर लेना। एक लाख रुपये एडवांस में देने होंगे, बाकी काम होने के बाद। शिकायतकर्ता ने कहा कि 31 अगस्त की सुबह कोर्ट में उसका एक आदमी मिलेगा उसे पैसे दे देना। आरोपी के दिए समय अनुसार वह कोर्ट में पहुंच गया जब उसने फोन किया तो बोला कोर्ट के अंदर कैमरे लगे हुए हैं इसलिए पैसे यहां नहीं देने। जाट स्कूल के नजदीक पेट्रोल पंप के पास उसका आदमी मिलेगा वहां पैसे दे देना। जब वह वहां पहुंचा तो एक युवक बिना नंबर की स्कूटी लिए खड़ा था। बोला एडीए ने भेजा है पैसे दे दो। जहां उसने 30 हजार रुपये देने की बात कही। इसके बाद उसने 30 हजार रुपये और देने को कहा। इसी बीच उसने अपने दोस्त को मौके पर बुला लिया। जब उस युवक पर शक हुआ तो उसे पकड़ कर पूछताछ की। जिसमें उसकी पहचान पटियाला के गांव जसौवाल निवासी अमरीक सिंह के रूप में हुई। दूसरा आरोपी पटेल नगर निवासी धर्मेंद्र उर्फ मोनू है, जिसे वह पहले से ही जानता है। दोनों आरोपियों ने नकली सरकारी वकील बनकर उसके साथ धोखाधड़ी की है।
विज्ञापन