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करोड़ों रुपये का घाटा हुआ कैसे? मंडी में आकर बताएं संजय गर्ग

Tue, 16 Jul 2019 12:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jul 2019 12:09 AM IST
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crime in kaithal
नई अनाज मंडी में करोड़ों रुपये की देनदारी के सामने घाटा होने की बात कहने पर केपी राइस मिल मालिक संजय गर्ग के घाटे के दावे पर आढ़तियों ने सवाल खड़ा किया है। आढ़तियों का कहना है कि करोड़ों रुपये का घाटा कैसे हुआ? इस बात की जानकारी संजय गर्ग को मंडी में आकर देनी चाहिए। उसकी सुरक्षा की गारंटी वे लेते हैं। इस संबंध में संजय गर्ग ने कहा कि घाटा एक साल का नहीं है। पिछले चार-पांच साल का है। जिसे कवर करने का प्रयास किया जा रहा था।
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मंडी में आढ़तियों ने कहा कि संजय गर्ग व्यापार में घाटे की बात कह रहे हैं। उनकी फर्म को पिछले साल अक्तूबर नवंबर में आढ़तियों ने चावल निकालने के लिए करीब 15 करोड़ रुपये का धान दिया। ताकि इसमें से चावल निकाल कर वह आढ़तियों को वापिस कर दे। लेकिन ना तो चावल दिया गया और ना ही उसका भुगतान। इसी बीच ना तो चावल और ना ही धान की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट आई कि किसी फर्म को इतना ज्यादा करोड़ों रुपये का नुकसान हो जाए। इसीलिए संजय गर्ग द्वारा जो घाटे की बात कही जा रही है। वह समझ से परे है। इस बात की जानकारी संजय गर्ग को मंडी में आकर आढ़तियों के सामने रखनी चाहिए।
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नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन एवं आढ़ती रामनिवास मित्तल ने कहा कि केपी राइस मिल शहर की 50 साल पुरानी फर्म थी। इस फर्म की आर्थिक हालत को देखते हुए भी पिछले साल उनके जैसे आढ़तियों इस फर्म को केवल इसीलिए धान दिया कि यह फर्म मंडी में जीवित रहे। उनके जैसे बहुत से आढ़तियों ने फर्म को सहयोग किया था। ऐसे में एक ही साल में इतना बड़ा घाटा कैसे हुआ? यदि यह घाटा पिछले सालों का था तो इसमें उन जैसे आढ़तियों का क्या कुसूर है? जिन्होंने पिछले साल इस फर्म को धान दिया था। संजय गर्ग को घाटे की जानकारी मंडी में आकर देनी चाहिए। यदि उन्हें डर है तो उनकी सुरक्षा की गारंटी वे खुद लेते हैं।
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इन आरोपों पर केपी राइस मिल मालिक संजय गर्ग ने कहा कि घाटा महज एक साल में नहीं हुआ। यह पिछले तीन-चार सालों से चल रहा था। जिसे कवर करने का प्रयास किया जा रहा था। लेकिन वे इससे उभर नहीं पाए। वे एक बार फिर से यह विश्वास दिलवाते हैं कि उनके या उनके परिवार के पास कोई सपंत्ति नहीं है। जो थी, उसके कागजात प्रधान को सौंप दिए हैं। रही बात मंडी में आकर बात रखने की तो प्रधान कृष्ण मित्तल से मिलकर सारी बात रख दी है। जो मंडी के ही प्रतिनिधि हैं।
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